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यूपी में थाने की जमीन पर निकली मस्जिद, इमाम ने बताया वक्फ संपत्ति, पुलिस बोली- कागज दिखाओ

Uttar Pradesh के Meerut में पुलिस ने मस्जिद के इमाम को एक नोटिस जारी किया, जिसमें 7 दिनों में मस्जिद के मालिकाना हक से जुड़े कागज पेश करने के लिए कहा गया. पुलिस ने कहा कि अगर 7 दिनों में मस्जिद के कागजात नहीं मिले, तो मस्जिद को हटा दिया जाएगा. जानिए पूरा मामला.

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मौ. जिशान
| उस्मान चौधरी
15 जून 2026 (पब्लिश्ड: 01:40 PM IST)
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मेरठ पुलिस ने दावा किया कि मस्जिद खरखौदा थाने की जमीन पर बनी है. (ITG)
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उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का खरखौदा पुलिस थाना. स्टाफ के लिए थाने में रेजिडेंशियल बिल्डिंग बनाने की जरूरत पड़ी. बिल्डिंग खड़ी करनी थी, तो नपाई शुरू हो गई. राजस्व विभाग की टीम फीता लेकर पहुंची. खसरा-खतौनी के कागज-पत्तर खंगाले. पैमाइश में पता चला कि थाने के पीछे जो मस्जिद बनी है, वो थाने की जमीन पर बनी है. यह दावा मेरठ पुलिस ने किया है. पुलिस ने मस्जिद के इमाम को नोटिस दिया है कि 7 दिन में मस्जिद के कागज लेकर आएं, वरना कानून के मुताबिक मस्जिद को हटाया जाएगा.

इंडिया टुडे से जुड़े उस्मान चौधरी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में खसरा नंबर 1217 के तहत 0.6450 हेक्टेयर जमीन थाने की संपत्ति है. थाने में सरकारी आवासीय इमारत का निर्माण होना है. दो हफ्ते पहले राजस्व विभाग की टीम ने थाने की जमीन की पैमाइश करके एक रिपोर्ट तैयार की थी.

राजस्व विभाग की रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह पूरी जमीन थाने की है. जमीन के पीछे की ओर मस्जिद बनी है. इसी रिपोर्ट के आधार पर मस्जिद के इमाम अब्दुल गफ्फार को थाने में बुलाकर मस्जिद के मालिकाना हक के कागजात मांगे गए.

मस्जिद के इमाम ने क्या कहा?

इमाम अब्दुल गफ्फार ने मस्जिद को वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताया है. ऐसे में पुलिस ने इमाम को एक नोटिस जारी किया, जिसमें 7 दिनों के अंदर मस्जिद के मालिकाना हक से जुड़े कागज पेश करने के लिए कहा गया. पुलिस ने कहा कि अगर 7 दिनों में मस्जिद के कागजात नहीं मिले, तो कानूनी कार्रवाई करते हुए मस्जिद को हटा दिया जाएगा.

मेरठ पुलिस का बयान

मेरठ के पुलिस अधीक्षक (देहात) अभिजीत कुमार ने बयान जारी कर बताया कि मेरठ पुलिस द्वारा थाना और चौकी के डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई किया गया था. SP देहात ने आगे कहा,

“डॉक्यूमेंट्स को वेरिफाई करने के क्रम में थाना खरखौदा की पैमाइश कराई गई थी, जिसमें यह ज्ञात हुआ कि खसरा संख्या 1217 थाना खरखौदा के नाम पर आवंटित है, जिसका क्षेत्रफल 0.6450 हेक्टेयर है. इसी क्रम में पीछे की तरफ इसी लैंड पर एक मस्जिद का पहले से निर्माण है, जिनके इमाम को नोटिस दिया गया है और 7 दिवस की मोहलत दी गई कि इनके पास कोई भी डॉक्यूमेंट है, तो उसको प्रस्तुत करें.”

SP देहात अभिजीत कुमार ने कहा कि अगर इमाम ने 7 दिनों में जवाब या मस्जिद के कागज नहीं दिखाए, तो इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने दावा किया कि रविवार, 14 जून की शाम तक मस्जिद की तरफ से कोई कागजात मुहैया नहीं कराए गए.

मस्जिद कमेटी ने पुलिस के आरोप खारिज किए

मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने पुलिस के आरोपों को नकार दिया है. मस्जिद कमेटी ने कहा कि जमीन वक्फ बोर्ड के नाम पर दर्ज है. कमेटी ने यह भी कहा कि मस्जिद के दावे को मजबूत करने वाले दस्तावेजी सबूत पहले ही पुलिस को सौंपे जा चुके हैं.

वीडियो: लखनऊ यूनिवर्सिटी के लाल बारादरी मस्जिद पर बवाल क्यों?

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