The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • maulana mahmood madani jihad supreme court vande matram madhya pradesh bhopal Jamiat Ulama i Hind

"जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा", वंदे मातरम पर मौलाना मदनी के बयान पर बवाल

Maulana Mahmood Madani ने न्यायपालिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं. Jamiat Ulama-i-Hind के अध्यक्ष मदनी ने तीन तलाक, बाबरी मस्जिद और पूजा स्थल अधिनियम का भी जिक्र किया.

Advertisement
maulana mahmood madani, mahmood madani, jihad, vande matram, supreme court, madhya pradesh, bhopal
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी. (फाइल फोटो: ITG)
pic
रवीश पाल सिंह
font-size
Small
Medium
Large
29 नवंबर 2025 (पब्लिश्ड: 09:30 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने जिहाद, सुप्रीम कोर्ट और वंदे मातरम पर कुछ ऐसी बातें कहीं, जिन पर विवाद खड़ा हो गया है. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीयत के एक कार्यक्रम के दौरान मदनी ने दो टूक कहा, "जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा." उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकी घटनाओं से जिहाद का नाम जोड़कर इस शब्द को बदनाम किया गया. इस बीच उन्होंने माना कि ऐतिहासिक तौर पर गुरु तेगबहादुर के साथ नाइंसाफी हुई थी.

शनिवार, 29 नवंबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की नेशनल गवर्निंग बॉडी की मीटिंग हुई. इस दौरान उन्होंने न्यायपालिका और सरकार पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया. उनकी टिप्पणियों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. दोनों ने मदनी पर मुसलमानों को भड़काने और संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देने का आरोप लगाया.

इंडिया टुडे से जुड़ीं मिलन शर्मा और रवीश पाल सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, महमूद मदनी ने आम लोगों के बीच जिहाद को जिस तरह से दिखाया जाता है, उस पर आपत्ति जताई. उन्होंने मीडिया और सरकार पर एक इस्लाम के पवित्र कॉन्सेप्ट 'जिहाद' को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया. उन्होंने 'लव जिहाद,' 'थूक जिहाद,' और 'लैंड जिहाद' जैसे लेबल के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए कहा कि ये जिहाद को गलत रूप में दिखाते हैं.

उन्होंने जिहाद पर अपनी राय रखते हुए कहा,

Embed

इस बीच उन्होंने न्यायपालिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालतें सरकार के दबाव में काम कर रही हैं. जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मदनी ने तीन तलाक, बाबरी मस्जिद और पूजा स्थल अधिनियम का जिक्र कहा,

Embed

मदनी यहीं नहीं रुके. वे 'वंदे मातरम' की डिबेट पर भी अपनी तीखी राय दी. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मुर्दा कौमें सरेंडर कर देती हैं और किसी के कहने पर 'वंदे मातरम' बोल देती हैं. मदनी ने जिंदा और मुर्दा कौमों का उदाहरण देकर कहा,

Embed

महमूद मदनी ने अपील की कि ऐतिहासिक घटनाओं का इस्तेमाल सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए ना किया जाए. उन्होंने गुरु तेगबहादुर और उनके साहिबजादों की शाहदत पर कहा,

Embed
Embed

उन्होंने आगे कहा,

Embed

महमूद मदनी के तीखे बयानों पर BJP और VHP बुरी तरह भड़क गए. BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद प्रमुख मौलाना महमूद मदनी का भोपाल में दिया गया बयान भड़काऊ और देश को बांटने वाला है. उन्होंने आगे कहा कि हमने देखा है कि जिहाद के नाम पर किस तरह भारत और विदेशों में आतंक फैलाया गया.

Embed

उन्होंने आगे कहा,

Embed

VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने मदनी की आलोचना करते हुए कहा,

Embed

उन्होंने आगे कहा कि मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर भी अपनी गंदी जुबान से हमले किया और उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाया. बंसल ने कहा कि इस बयान से ना सिर्फ मुस्लिम समाज में मजहबी कट्टरता और आतंकवाद को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि 'वंदे मातरम' के लिए सम्मान घटेगा.

वीडियो: राजधानी: राहुल गांधी तेजस्वी के खिलाफ लेंगे बड़ा फैसला?

Advertisement

Advertisement

()