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Sambhal Mosque Violence: संभल मे बाहरियों के आने पर लगी रोक बढ़ी, सपा नेताओं को पुलिस ने रोका

SP delegation Sambhal visit : Sambhal DM ने वहां किसी बाहरी के प्रवेश पर 10 दिसंबर तक रोक बढ़ा दी है. इस पर Mata Prasad Pandey ने क्या कहा है?

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30 नवंबर 2024 (अपडेटेड: 30 नवंबर 2024, 05:50 PM IST)
Mata Prasad Pandey led 15 member SP delegation Sambhal visit update Shahi Jama Masjid survey
सपा डेलीगेशन के संभल जाने पर विवाद. (फ़ोटो - ANI)
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सपा नेता माता प्रसाद पांडेय के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है. वो यूपी विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष भी हैं. आरोप है कि पुलिस उन्हें संभल जाने से रोक रही है. संभल में जामा मस्जिद को लेकर विवाद जारी है. इस बीच, ख़बर आई कि सपा प्रतिनिधिमंडल 30 नवंबर को संभल का दौरा कर सकता है (SP delegation Sambhal visit). बताया गया कि पांडेय इसका नेतृत्व करेंगे.

सपा के कई सांसदों को भी संभल जाने से रोकने की ख़बरें हैं. इन सांसदों में ज़िया उर रहमान बर्क़, मोहिबुल्लाह नदवी और हरेंद्र मलिक शामिल हैं. इन सांसदों ने यूपी सरकार की आलोचना की है और पूछा कि जनता की आवाज़ कौन उठाएगा? अगर पुलिस, प्रशासन लोगों के ख़िलाफ़ खड़ा है, तो विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वो उनकी मदद करे. उनका कहना है कि सरकार पुलिस की करतूतों को छिपाने के लिए ये सब कर रही है.

वहीं, संभल के डीएम ने वहां किसी बाहरी जनप्रतिनिधि के प्रवेश पर 10 दिसंबर तक रोक बढ़ा दी है. जब माता प्रसाद पांडेय से पूछा गया कि क्या इसे लेकर डीएम का आपके पास कोई मैसेज आया था, तब उन्होंने बताया,

उन्हें (प्रशासन को) नियमों के मुताबिक मुझे नोटिस देना चाहिए था कि मैं वहां नहीं जा सकता, क्योंकि हमारे यहां ये स्थिति है… लेकिन कोई लिखित सूचना नहीं दी गई और पुलिस तैनात कर दी गई. न्याय आयोग वहां जा रहा है, प्रेस के लोग वहां जा रहे हैं. क्या उनके जाने से कोई ख़तरा नहीं है और हमारे वहां जाने से कोई अशांति होगी? ये सरकार अपने सारे काम छिपाने के लिए जानबूझकर हमें रोक रही है.

संभल हिंसा के बाद संवेदनशीलता को देखते हुए डीएम डॉ राजेंद्र पैंसिया ने एक और फ़ैसला लिया है. इस फ़ैसले में किसी भी बाहरी व्यक्ति, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि के संभल जनपद की सीमा में प्रवेश करने पर लगाई गई रोक 10 दिसंबर तक बढ़ाई गई है. बताया गया कि इसके लिए पहले किसी सक्षम अधिकारी की मंजूरी लेनी होगी. इससे पहले, ये रोक एक दिसंबर तक थी. यही बात माता प्रसाद पांडेय ने भी मीडिया के साथ बातचीत में कही. उन्होंने कहा,

पहले होम सेक्रेटरी का कॉल आया. फिर संभल के डीएम ने मुझे फोन किया और वहां न आने के लिए कहा. उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर तक रोक बढ़ा दी गई है. मैं पार्टी ऑफ़िस जाऊंगा और तय करूंगा कि आगे क्या करना है.

वहीं, मुरादाबाद के डिविजनल कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह की भी मामले पर प्रतिक्रिया आई है. उनका कहना है,

जिला मजिस्ट्रेट ने मना किया है कि अभी कोई यहां नहीं आ सकता. हमने शांति स्थापित कर ली है और जनजीवन अभी भी सामान्य हो रहा है. अब अगर कोई आता है, तो ये भड़काने का कारण हो सकता है. हमें उम्मीद है कि ज़िम्मेदार पदों पर बैठे जिम्मेदार लोग हमारी बात समझेंगे. हम किसी को रोकना नहीं चाहते, हम सिर्फ़ सुधार करना चाहते हैं. स्थिति सामान्य होने पर किसी का भी स्वागत है.

इससे पहले, कई वीडियो सामने आए, जिसमें माता प्रसाद पांडेय के आवास के बाहर पुलिस के लोग तैनात दिखे. बताते चलें, संभल के शाही जामा मस्जिद की सर्वे कर रही ASI टीम को रिपोर्ट पेश करने में कम से कम 10 और दिन लगेंगे. सर्वे करने के लिए अपॉइंट किए गए एडवोकेट कमिश्नर ने कोर्ट से इसकी मांग की थी. इस मांग को कोर्ट ने भी मान लिया. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत पर किसी तरह की कार्रवाई करने पर रोक लगाई गई है. कोर्ट ने कहा है कि ट्रायल कोर्ट तब तक आगे ना बढ़े, जब तक मस्जिद के सर्वे के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट में ना दाखिल हो जाए.

वीडियो: संभल हिंसा पर कैराना सांसद इकरा हसन ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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