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"राजीव गांधी दो बार फेल हुए..." अय्यर के इस बयान पर गहलोत ने उनको 'सिरफिरा' कहा है

Ashok Gehlot Vs Mani Shankar Aiyar: अशोक गहलोत ने कहा है कि कोई सिरफिरा ही राजीव गांधी के बारे में इस तरह का बयान दे सकता है. उन्हें मणिशंकर अय्यर से ऐसी उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी. क्योंकि अय्यर को राजीव गांधी का करीबी माना जाता था.

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Ashok Gehlot, Rajeev Gandhi and Mani Shankar Aiyar
अशोक गहलोत ने मणिशंकर अय्यर के बयान का विरोध किया है. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे/PTI)
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देव अंकुर
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7 मार्च 2025 (Updated: 9 मार्च 2025, 11:55 AM IST)
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कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर (Mani Shankar Aiyar) के एक बयान पर सियासत गरमा गई है. उन्होंने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी (Rajiv Gandhi) अपनी पढ़ाई के दौरान दो बार फेल हो गए थे. जब उन्हें प्रधानमंत्री बनाया गया तो अय्यर सहित कई अन्य नेताओं ने उनका विरोध किया था. अय्यर के इस बयान पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा है कि अय्यर हताशा और फ्रस्ट्रेशन में इस तरह का बयान दे रहे हैं, कोई सिरफिरा ही ऐसी बातें कह सकता है.

Mani Shankar Aiyar ने कहा क्या था?

हाल ही में अय्यर का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और राजनेताओं की नजर में आया. हालांकि, ये स्पष्ट नहीं है कि उनका ये वीडियो कब का है. लेकिन इस वीडियो में वो कह रहे हैं,

राजीव गांधी जब प्रधानमंत्री बने तो लोगों ने सोचा… दूसरों को छोड़ो, मैंने सोचा… वो एक एयरलाइन पायलट हैं. यूनिवर्सिटी में दो बार फेल हो चुके हैं. मैंने उनके साथ कैम्ब्रिज में पढ़ाई की थी. वहां वो फेल हो गए, जहां पास होना बहुत आसान माना जाता है. कैम्ब्रिज में फर्स्ट डिवीजन लाना फेल होने की तुलना में आसान है. क्योंकि यूनिवर्सिटी अपनी छवि बनाने के लिए कोशिश करती है कि सभी पास हो जाएं. इसके बाद उन्होंने इंपीरियल कॉलेज लंदन में एडमिशन लिया. लेकिन वहां भी फेल हो गए. इसलिए मुझे हैरत हुई कि ऐसा व्यक्ति प्रधानमंत्री कैसे बन सकता है.

Ashok Gehlot ने कड़ा विरोध जताया

मणिशंकर अय्यर के इस बयान पर अशोक गहलोत की कड़ी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा है,

ये समझ से परे है. 30-35 साल पहले इनसे (अय्यर से) मेरी मुलाकात हुई होगी. जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे. उस समय तक तो ये बहुत करीब माने जाते थे. इंटेलेक्चुअल भी माने जाते थे… बल्कि थे. ये शायद भारतीय विदेश सेवा (IFS) से सेवानिवृत्त हुए थे. केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं. सोनिया गांधी के भी करीबी रहे हैं. पिछले आठ-दस सालों से बयानबाजी कर रहे हैं. पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बयानबाजी की. तब भी ये विवाद में आए थे. और लगातार कभी न कभी इनके कॉमेंट आते रहते हैं. ये समझ से परे है… कोई सिरफिरा आदमी ही ऐसा बोल सकता है. पाकिस्तान के बारे में क्या बोल रहे हैं? इनको एहसास ही नहीं है. किस प्रकार से ये हिंदुस्तान और पाकिस्तान को बराबरी पर रख रहे हैं. पाकिस्तान की नीति का समर्थन कर रहे हैं. 

ये भी पढ़ें: गांधी परिवार ने बर्बाद किया मेरा करियर, बोले मणिशंकर अय्यर, और क्या कहा?

उन्होंने आगे कहा,

राजीव के बारे में जो बात कही है… कौन किस कॉलेज में पास होता है या फेल होता है… उसका मंत्री, मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनने से क्या संबंध है? राजीव गांधी के बारे में अचानक जो इनका कॉमेंट आया है… मेरा मानना है कि यह निराशा की पराकाष्ठा है. कोई सिरफिरा ही ऐसा बोल सकता है. जब जीवन में इतनी अधिक निराशा आ चुकी होती है, तो व्यक्ति खुद नहीं समझ पाता कि वह क्या बोल रहा है. राजीव गांधी से दुनिया भर में देश का मान-सम्मान बढ़ा है. उनके समय में जो कानून पास हुए हैं… 18 साल के लोगों को मतदान का अधिकार देना, पंचायत स्तर पर अब चुनाव समय पर होते हैं. पहले बीस-बीस साल तक चुनाव नहीं होते थे. महिलाओं के लिए जो कानून पारित हुए वो इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गए हैं. 

अशोक गहलोत ने कहा कि उन्हें अय्यर से ये उम्मीद नहीं थी कि वो राजीव गांधी के बारे में ऐसा बोलेंगे. वो ऐसा कभी सोच भी नहीं सकते थे. क्योंकि दोनों के बीच बहुत अच्छे संबंध रहे हैं. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी आज दुनिया में नहीं हैं, देश के लिए शहीद हो गए. उनके बारे में किए गए टिप्पणी की जितनी निंदा की जाए, वह कम है. 

वीडियो: मणिशंकर अय्यर ने 1962 के India-China War पर क्या कह दिया कि बवाल मच गया?

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