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मंदिर परिसर में महंत का लिव-इन रिलेशनशिप, एक बच्चा भी... हाई कोर्ट ने पूछा ये चल क्या रहा है?

'क्या अब ये दिन आ गए हैं कि मंदिर में ये सब होगा?' उत्तराखंड हाई कोर्ट के जस्टिस राकेश थपलियाल ने एक केस की सुनवाई के दौरान ये सब कहा. आरोप है कि हरिद्वार के एक मंदिर के महंत एक महिला के साथ कथित लिव-इन रिलेशनशिप में हैं और उनके खिलाफ कई क्रिमिनल केस दर्ज हैं.

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uttarakhand priest case
उत्तराखंड हाई कोर्ट. (फोटो-इंडिया टुडे)
19 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 02:29 PM IST)
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‘कम से कम मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों को तो बख्श दीजिए. लेकिन वहां भी अय्याशी चल रही है. क्या अब ऐसे दिन आ गए हैं?’ ये बात उत्तराखंड हाई कोर्ट के जज जस्टिस राकेश थपलियाल ने कही है. एक मंदिर के महंत के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई के दौरान उन्होंने ये बात कही. आरोप है कि महंत एक महिला के साथ कथित लिव-इन रिलेशनशिप में हैं. ये भी बताया गया कि उनपर पहले से कई आपराधिक मुक़दमे दर्ज हैं.

दरअसल, मामला हरिद्वार में चंडा देवी मंदिर का है. इसी मंदिर से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई जस्टिस थपलियाल की बेंच कर रही थी. आरोप है कि इस मंदिर के महंत रोहित गिरी का एक महिला के साथ कथित अवैध संबंध है. साथ ही एक बच्चा भी है. बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक़, 18 फरवरी को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान जज ने कहा,

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जज ने आगे श्रदालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए कहा,

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सुनवाई के दौरान जज ने ये भी कहा कि मंदिरों में दिया गया दान लोगों की चैरिटी जैसे अस्पताल और स्कूल बनाने के लिए करना चाहिए. कोर्ट ने ज़िला प्रशासन को उत्तराखंड के मंदिरों और आश्रमों में औचक निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया है.

महंत एक केस में गिरफ्तार भी हुए

पिछले साल पंजाब पुलिस ने 6 नवंबर को यौन उत्पीड़न के आरोप में रोहित गिरी को गिरफ्तार किया था. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित महिला का कहना था कि पारिवारिक विवाद को हल करवाने रोहित गिरी के पास हरिद्वार गई थीं. वहां महंत गिरी ने हवन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में उन्हें कार में बैठाकर सुनसान जगह ले गया और उनका यौन उत्पीड़न किया. इस केस में रोहित गिरी को बेल मिल चुकी है. लेकिन बाकी के मामलों को लेकर केस चल रहा है.

उत्तराखंड हाई कोर्ट का मानना है कि धार्मिक स्थलों के मैनेजमेंट में शामिल लोगों पर आपराधिक आरोप बढ़ने लगे हैं. कोर्ट ने प्रशासन को जांच का निर्देश देते हुए कहा है कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहे और वहां कोई गलत या गैर-कानूनी काम न हो. कोर्ट ने आगे कहा कि जांच में जो भी बातें सामने आएं, उन्हें एक सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपा जाए.

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