The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • mamata banerjee slams eci bjp delhi police torture on bengali voters gyanesh kumar

ममता बनर्जी दिल्ली पहुंचीं और बवेला हो गया, बंग भवन पहुंची पुलिस से बहस हो गई

Mamata Banerjee दिल्ली में बंग भवन गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस बंगाल के लोगों को डरा-धमका रही है. उन्होंने कहा कि SIR से प्रभावित परिवारों को न्याय मांगने के लिए राजधानी लाया गया था और अब उन पर दबाव डाला जा रहा है.

Advertisement
Mamata Banerjee Delhi SIR, Mamata Banerjee in Delhi, Mamata Banerjee, Delhi, SIR, bengal, voters, west bengal
दिल्ली स्थित बंग भवन में फोर्स की तैनाती पर भड़कीं CM ममता बनर्जी (साड़ी में) (स्क्रीनग्रैब: TMC).
pic
अरविंद ओझा
font-size
Small
Medium
Large
2 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 2 फ़रवरी 2026, 06:28 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘दिल्ली कूच’ किया है. बंग भवन पर दिल्ली पुलिस की तैनाती देख ममता बनर्जी बुरी तरह भड़क गईं. उन्होंने विरोध किया तो पुलिस बंग भवन से हट गई. बंगाल सीएम SIR को लेकर केंद्र सरकार और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) पर बुरी तरह हमलावर हैं. फिलहाल, ममता बनर्जी SIR के कथित बंगाली पीड़ितों के साथ चुनाव आयोग के पास पहुंची हैं.

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया की वजह से बंगाल में ‘150 लोगों की मौत’ हो गई है. उन्होंने दिल्ली पुलिस पर भी दिल्ली में बंगाली समुदाय को 'टॉर्चर' करने का आरोप लगाया. इस मुद्दे पर बात करने के लिए उन्होंने चुनाव आयोग का रुख किया है.

सोमवार, 2 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली स्थित मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के कार्यालय गया. अभिषेक डायमंड हार्बर से TMC सांसद और पार्टी के महासचिव हैं. पार्टी के साथ SIR कथित बंगाली पीड़ित भी हैं.

TMC ने X पर लिखा,

"श्रीमती ममता बनर्जी और श्री अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में हमारा प्रतिनिधिमंडल SIR की क्रूर प्रक्रिया के पीड़ितों के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त के ऑफिस पहुंचा ताकि एक मौलिक रूप से टूटी हुई, पक्षपातपूर्ण और जबरदस्ती वाली प्रक्रिया को उजागर किया जा सके, जिसने आम नागरिकों को बहुत दुख पहुंचाया है और बंगाल में पहले ही 150 निर्दोष लोगों की जान ले ली है."

इससे पहले ममता बनर्जी दिल्ली स्थित बंग भवन गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस बंगाल के लोगों को डरा-धमका रही है. उन्होंने कहा कि SIR से प्रभावित परिवारों को न्याय मांगने के लिए राजधानी लाया गया था और अब उन पर दबाव डाला जा रहा है.

पार्टी ने बताया कि इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई. ममता बंग भवन पहुंची और दिल्ली पुलिस को देख उनका पारा हाई हो गया. 

घटना का वीडियो TMC ने सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है. इसमें दिखता है कि पहले तो उन्होंने दिल्ली पुलिस को बंग भवन से हटने के लिए कहा, जिसके बाद पुलिस वहां से हट गई. फिर ममता ने पुलिसवालों को रोका और उनसे रिक्वेस्ट करते हुए कहा कि बंगाली लोगों को परेशान ना किया जाए.

ममता ने कहा,

"हम नमस्ते करके कहते हैं कि आप जैसे लोगों के भाई-बहन हैं, हमारे भी भाई-बहन हैं. अगर SIR में किसी के घर में डेथ हो गई और वे लोग बच्चा लेकर सुप्रीम कोर्ट के पास बात करने के लिए आया है... हम विरोध प्रदर्शन करने नहीं आए हैं. अगर आप हमारे साथ ऐसा करेंगे, तो हम भी काम लेना जानते हैं... हमारे लोगों को डराओ-धमकाओ मत... ये ठीक नहीं है... ये लोग जहां जाते हैं, वहां आप लोग इन्हें तंग करते हैं. मुझे घर के कपड़ों में ही यहां आना पड़ा. इसीलिए आप हमें रोक नहीं सकते हैं. हमने सुप्रीम कोर्ट में केस फाइल किया है... SIR में 150 लोगों की डेथ हो गई. उनके परिवार को देखने वाला कोई नहीं है."  

TMC ने X पर लिखा,

"कितनी भी कोशिशें कर ली जाएं, हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता.

बंग भवन के अंदर खड़े होकर श्रीमती ममता बनर्जी और श्री अभिषेक बनर्जी ने अमित शाह के तानाशाही शासन के खिलाफ आवाज उठाई. दिल्ली पुलिस ने SIR से प्रभावित परिवारों को डराने-धमकाने की कोशिश की, लेकिन BJP की साजिश नाकाम हो गई. जैसे ही उन्हें (ममता बनर्जी) खबर मिली, वे मौके पर पहुंचीं और साफ कर दिया- बंगाल के लोगों पर किसी भी हमले का कड़ा विरोध किया जाएगा. बंगाल झुकेगा नहीं, और दिल्ली की मनमानी नहीं चलेगी."

2 फरवरी के ही एक अन्य वीडियो में ममता बनर्जी कहती हैं,

"मैं अपने लोगों से मिलने और दिल्ली पुलिस के अत्याचारों को देखने के लिए बंग भवन जा रही हूं... जब गृह मंत्री (अमित शाह) बंगाल आते हैं, तो हम उन्हें रेड कार्पेट देते हैं. लेकिन जब हम दिल्ली आते हैं, तो आप हमें ब्लैक कार्पेट देते हैं... कृपया अत्याचारों से, बंगाल के उन लोगों पर हो रहे टॉर्चर से खुद को रोकें, जिन्होंने अपनी जान गंवाई है... अगर इस देश में कोई नहीं लड़ेगा, तो मैं लड़ूंगी, हमारी पार्टी लड़ेगी... बंग भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस है... दिल्ली के लोगों को नहीं पता कि बंगाल में क्या हो रहा है... मुझे अभी-अभी जानकारी मिली है, और मैंने अपने कपड़े भी नहीं बदले और मैं यहां पहुंच गई..."

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने ममता के आरोपों पर सफाई दी है. इंडिया टुडे से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर देवेशचंद्र श्रीवास्तव ने कहा,

"मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिल्ली में Z प्लस सिक्योरिटी मिली है. उनके आने के बारे में वेस्ट बंगाल पुलिस ने बताया था. इसीलिए बंग भवन में सुरक्षा लगाई थी. कोई पुलिस वाला बंग भवन में नहीं घुसा है. 200-250 के करीब कार्यकर्ता वहां से आए थे. अलग-अलग होटल में ठहरे हैं. संसद का सत्र भी चल रहा है. इसीलिए नई दिल्ली में सिक्योरिटी ज्यादा है."

स्पेशल कमिश्नर देवेशचंद्र श्रीवास्तव ने आगे कहा कि दिल्ली में मौजूद सभी लोगों की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस हमेशा प्रोटोकॉल के तहत स्टेट पुलिस के संपर्क में रहती है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, TMC ने बताया कि हेले रोड पर बंग भवन में करीब 30 परिवार रह रहे थे, जबकि दो बंग भवन फैसिलिटीज में लगभग 100 परिवारों को ठहराया गया था. पार्टी ने बताया कि इनमें से ज्यादातर लोग मालदा और मुर्शिदाबाद के थे और कथित तौर पर SIR से जुड़ी कार्रवाई की वजह से वे अपने करीबी रिश्तेदारों को खो चुके हैं.

वीडियो: पटना में UGC नियम लागू करने पर छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेड तोड़े, पुलिस ने क्या किया?

Advertisement

Advertisement

()