The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • mamata banerjee defends fruit vendor said i have 40 tulasi plants in my house bjp accusing tmc governement over tulasi row violence

'मेरे घर भी तुलसी का पौधा...' ऐसा क्या हुआ कि ममता बनर्जी को सफाई देनी पड़ी?

पश्चिम बंगाल के महेशतला में तुलसी पौधा लगाने को लेकर दो समुदायों में पिछले एक सप्ताह से विवाद हो रहा है. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में बयान देते हुए कहा, 'तुलसी के पौधे हर जगह नहीं लगाए जा सकते, उन्हें सम्मान के साथ लगाना होगा.'

Advertisement
mamata banerjee on tulsi row in the west bengal
राज्य में भारतीय जनता पार्टी ममता सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप लगा रही है.
pic
उपासना
19 जून 2025 (पब्लिश्ड: 02:59 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

‘मेरे घर में भी 40 तुलसी के पेड़ हैं. मुझे पता है कि तुलसी कहां लगानी है…' ये बोल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal CM Mamata Banerjee) के हैं. राज्य के माहेशतला में पिछले हफ्ते एक फल विक्रेता की दुकान वाली जगह तुलसी का पौधा लगाने के बाद विवाद (Tulsi plant row) शुरू हो गया. विवाद पर सफाई देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, तुलसी का पौधा उस जगह लगाकर पवित्र पौधे को अपमानित किया गया है. लोगों के पास अपना धर्म पालन करने का अधिकार है.

उन्होंने ये भी कहा, 

Embed

आपको बता दें कि ये विवाद पिछले सप्ताह शुरू हुआ. राज्य के माहेशतला में कथित तौर पर एक मुस्लिम फल विक्रेता बकरीद मनाने अपने घर गया था. इस दौरान दुकान वाली जगह पर कुछ लोगों ने तुलसी पौधा लगा दिया और वहां तुलसी मंच बना दिया. घर से वापस आकर दुकानदार ने जब अपनी दुकान वाली जगह तुलसी मंच देखा तो उसका विरोध किया.

इससे दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हिंसा में पुलिस समेत 60 से ज्यादा लोग घायल हुए और 40 लोग गिरफ्तार भी किए गए हैं. अब इस मामले पर राज्य में राजनीति शुरू हो गई है और हर दिन बढ़ते जा रही है.

विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी समेत पूरी बीजेपी पार्टी तुलसी के पेड़ को लेकर ममता सरकार पर हमला बोल रही है. आजतक बांग्ला की रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर प्रोफाइल पिक्चर भी बदलकर तुलसी मंच लगा लिया है. राज्य की भारतीय जनता पार्टी दावा कर रही है कि विधानसभा में तुलसी के पौधे का अपमान किया जा रहा है. ममता सरकार अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण करने में लगी है.

इन्हीं आरोपों के बीच ममता बनर्जी ने 18 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा, क्या आप जानते हैं पौधों का दैवीय संबंध होता है. इसी कारण से उन्हें महत्ता दी जाती है. शंकर भगवान, काली और दुर्गा मां को बेल की पत्तियां चढ़ाई जाती हैं. खुद मेरे घर में तुलसी की 40 से ज्यादा वैराइटी है. तुलसी में लक्ष्मी और नारायण हैं. तुलसी के पौधे हर जगह नहीं लगाए जा सकते, उन्हें सम्मान के साथ लगाना होगा.

ममता बनर्जी ने आगे कहा, ‘एक फल विक्रेता त्योहार मनाने के लिए घर गया था. आपने उसका अपमान करते हुए उसकी जगह पवित्र तुलसी का पौधा लगा दिया. हम जगन्नाथ और श्रीकृष्ण को तुलसी चढ़ाते हैं. अगर आपको तुलसी लगानी थी तो अपने घर में क्यों नहीं लगाई. मैं यह बात उन सभी से कह रही हूं जो दोयम दर्जे की राजनीति करते हैं. यह अन्याय है और हमारे देवताओं का अपमान है. लोगों को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है. दुर्गापूजा के दौरान बहुत से लोग अपने पैतृक घरों में जाते हैं। क्या हम उनके घरों पर कब्जा कर सकते हैं? आप लोगों को क्या सिखा रहे हैं?’

वीडियो: पश्चिम बंगाल से टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने लोकसभा में हंगामा किया

Advertisement

Advertisement

()