महुआ मोइत्रा एक्स बॉयफ्रेंड के खिलाफ फिर कोर्ट पहुंचीं, रॉटवीलर कुत्ता दिलाने की मांग की
महुआ मोइत्रा और जय अनंत देहाद्राई के बीच पालतू कुत्ते को लेकर चल रहा विवाद एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा है. इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब देहाद्राई ने कैश-फॉर क्वेरी मामले में महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाए थे. उनका आरोप था कि संसद में सवाल पूछने के बदले महुआ ने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली थी.

दिल्ली हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर वकील जय अनंत देहाद्राई से जवाब मांगा है. महुआ ने याचिका में साकेत कोर्ट के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें उनके पालतू रॉटवीलर डॉग हेनरी की साझा कस्टडी देने से मना कर दिया गया था. महुआ मोइत्रा ने साकेत कोर्ट में हर महीने 10 दिन के लिए हेनरी की कस्टडी की मांग की थी. लेकिन कोर्ट ने 10 नवंबर 2025 को उनकी याचिका खारिज कर दी थी.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने 19 अक्टूबर को महुआ के एक्स-बॉयफ्रेंड एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई को नोटिस जारी कर इस याचिका पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी है. महुआ मोइत्रा ने हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका में तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट का ऑर्डर कानून और तथ्यों की कसौटी पर गलत है. उनके मुताबिक, कोर्ट ने इस बात पर विचार नहीं किया कि हेनरी उनको एक पालतू जानवर के तौर पर प्यार और देखभाल के लिए दिया गया था. और वह अधिकतर समय उनके सरकारी आवास पर ही रहता था.
महुआ मोइत्रा ने कोर्ट को बताया,
एडवोकेट देहाद्राई सुनवाई के दौरान कोर्ट के सामने पेश हुए. उन्होंने कहा कि इस केस को शुरुआत में ही खारिज कर देना चाहिए. अब इस केस में अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी. महुआ और जय अनंत देहाद्राई के बीच पालतू कुत्ते को लेकर चल रहा विवाद एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा है.
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब देहाद्राई ने कैश-फॉर क्वेरी मामले में महुआ मोइत्रा पर आरोप लगाए थे. उनका आरोप था कि संसद में सवाल पूछने के बदले महुआ ने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली थी. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर के सामने इसको लेकर शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया कि महुआ ने अपने लोकसभा के लॉग इन क्रेडेंशियल हीरानंदानी के साथ शेयर किए थे ताकि उनकी पसंद के सवाल के जवाब सीधे उनको मिल सकें.
लोकसभा की आचार समिति ने महुआ पर लगे इन आरोपों की जांच की और उन्हें लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित करने की सिफारिश की. इसके बाद 8 दिसंबर 2023 को महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित कर दिया गया.
महुआ मोइत्रा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया. उन्होंने दावा किया कि हीरानंदानी उनके दोस्त हैं और इसमें किसी तरह का कोई लेन-देन नहीं हुआ है. महुआ ने देहाद्राई और निशिकांत दुबे के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया था.
हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट ने 2024 में उनको इस मामले में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था. कोर्ट का कहना था कि महुआ ने लॉग-इन क्रेडेंशियल शेयर किए थे और गिफ्ट भी लिए थे. यह मामला अभी भी अदालत में लंबित है.
वीडियो: पुलिस हिरासत से निकलने के बाद महुआ मोइत्रा ने सरकार पर साधा निशाना

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