महाराष्ट्र के स्कूलों के मिड डे मील में नहीं मिलेगा अंडा, फडणवीस सरकार ने फंडिंग रोक दी
जो स्कूल प्रबंधन समितियां अपने छात्रों को अंडे उपलब्ध कराने पर जोर देती हैं, उन्हें राज्य सरकार ने कहा है कि वे सार्वजनिक योगदान से इस सुविधा के लिए पैसों की व्यवस्था करें.
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महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी स्कूलों में मिड डे मील में मिलने वाले अंडों की धनराशि को बंद करने की घोषणा की है. साथ ही चीनी (Maharashtra government funding eggs) के लिए भी सरकार ने फंडिंग बंद करने का एलान किया है. सरकार के इस फैसले का विपक्ष ने विरोध किया है. शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP के विधायक जितेंद्र आव्हाड तो अपने समर्थकों के साथ ठाणे जिला कलेक्टर के मुख्यालय अंडे लेकर पहुंच गए.
अंडा लेकर कलेक्टर मुख्यालय पहुंचे लोगइंडिया टुडे से जुड़े विक्रांत चौहान की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में महाराष्ट्र के स्कूलों के मिड डे मील में अंडा और चीनी देने की शुरुआत हुई थी. छात्रों में प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए ये पहल की गई थी. सरकार ने हर अंडे के लिए प्रति छात्र 5 रुपये का अतिरिक्त बजट बनाया था. रिपोर्ट की मानें तो प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत ही अंडे को मील में शामिल किया गया था. लेकिन 28 जनवरी को महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ने मुंबई सहित सभी स्कूलों में अंडो के लिए फंडिंग बंद करने का एलान कर दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक, जो स्कूल प्रबंधन समितियां अपने छात्रों को अंडे उपलब्ध कराने पर जोर देती हैं, उनसे सरकार ने कहा है कि वे सार्वजनिक योगदान के माध्यम से इस सुविधा के लिए पैसों की व्यवस्था करें. सरकार के इस फैसले के बाद विपक्ष हमलावर होता दिखा. एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेता जितेंद्र आव्हाड और उनके समर्थक मुंबई से सटे ठाणे जिले के कलेक्टर हेडक्वार्टर पहुंचे. इस दौरान उनके हाथों में कई अंडे थे.
जितेंद्र आव्हाड ने कहा,
उन्होंने आगे कहा, “राज्य की सभी बहनें दिलदार हैं. वो खुद कहेंगी कि सरकार उन्हें मिलने वाले 2100 रुपये (राज्य सरकार की तरफ से महिलाओं को मिलने वाली राशि) में से 50 रुपये उन्हें कम दे, लेकिन उनके भाइयों को अंडे खिलाएं जाएं.”
एनसीपी की तमाम महिला कार्यकर्ता भी जिला कलेक्टर के दफ्तर अंडे लेकर पहुंचीं थीं. महिलाओं की कलेक्टर के जरिये फडणवीस सरकार से मांग है कि महाराष्ट्र के सरकारी स्कूलों में पहले की तरह सभी बच्चों को खाने में अंडे दिए जाएं.
रिपोर्ट के मुताबिक, मिड डे मिल में छात्रों को पहले हफ्ते में बुधवार या शुक्रवार को उबले अंडे, अंडे का पुलाव या अंडा बिरयानी परोसे जाते थे. साथ में चावल और दाल से बनी खिचड़ी दी जाती थी. हालांकि, अब संशोधित भोजन योजना में 10 अलग-अलग व्यंजन शामिल किए जाएंगे.
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