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'लाडकी बहीण योजना' ने चुनाव जिताया, अब महाराष्ट्र सरकार ने 68 लाख खाते बंद क्यों कर दिए?

महाराष्ट्र सरकार ने 'मुख्यमंत्री लाडकी बहीण योजना' का लाभ उठा रहे 68 लाख लाभार्थियों के बैंक अकाउंट को बंद कर दिया है. सरकार के इस एक्शन के बाद अब इस योजना के तहत 1 करोड़ 75 लाख एक्टिव अकाउंट बच गए हैं. पहले इनकी संख्या 2 करोड़ 43 लाख थी.

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2 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 2 अप्रैल 2026, 05:48 PM IST)
devendra fadnavis maharashtra ladki bahin scheme
महाराष्ट्र सरकार ने लाडकी बहन योजना का लाभ लेने वाले 68 लाख खातों को बंद कर दिया है. (इंडिया टुडे)
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महाराष्ट्र सरकार की चर्चित 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना' को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. राज्य सरकार ने ई-केवाइसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले करीब 68 लाख लाभार्थियों के बैंक अकाउंट बंद कर दिए हैं. सरकार ने इस योजना का लाभ उठाने वालों के लिए ई-केवाइसी कराना अनिवार्य कर दिया है.

इस एक्शन के बाद अब ‘लाडकी बहीण योजना’ के तहत 1 करोड़ 75 लाख एक्टिव अकाउंट बच गए हैं. पहले इनकी संख्या 2 करोड़ 43 लाख थी. सरकार की ओर से बताया गया कि ई-केवाईसी कराने का मकसद योजना के हो रहे गलत इस्तेमाल को रोकना है. जो लाभार्थी महिलाएं किसी भी कारण से अब तक ई-केवाईसी पूरा नहीं कर पाई हैं, उन्हें अब 30 अप्रैल तक का अतिरिक्त समय दिया गया है. पहले इसकी अंतिम तारीख 31 मार्च थी. तय समय में प्रक्रिया पूरी करने के बाद अकाउंट फिर से चालू हो जाएगा.

राज्य सरकार को कई शिकायतें मिली थीं कि योजना का लाभ अपात्र लोग भी ले रहे हैं. इनमें पुरुष और कुछ सरकारी कर्मचारी भी शामिल बताए गए. शिकायतें मिलने के बाद ही सरकार ने योजना के लाभार्थियों का सत्यापन अभियान शुरू किया और ई‑केवाईसी अनिवार्य कर दी.

दरअसल राज्य सरकार को ऐसी कई शिकायतें मिली थीं कि अपात्र लोग भी इस योजना का फायदा उठा रहे हैं. इनमें कुछ पुरुष और सरकारी कर्मचारी भी शामिल थे. इस धांधली को रोकने और असली लाभार्थियों की वेरिफिकेशन के लिए सरकार ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया शुरू की. इस प्रक्रिया की समय सीमा को अब तक चार बार बढ़ाया जा चुका है. पहले इसकी अंतिम तारीख 30 नवंबर 2025 थी, फिर इसे दिसंबर 2025 किया गया. उसके बाद मार्च 2026 और अब इसे बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 तक कर दिया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वेरिफिकेशन के दौरान एक और तकनीकी पेच फंस गया था. मराठी भाषा में पूछे गए एक सवाल के गलत जवाब की वजह से करीब 24 लाख महिलाओं को सरकारी कर्मचारी मान लिया गया था. मराठी में पूछा गया सवाल था, 'तुमच्या घरतले कोनी सरकारी नौकरी नहीं ना?'(आपके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी नहीं करता, है ना) सवाल की फ्रेमिंग के चलते जिनको 'नहीं' में उत्तर देना था, उन्होंने 'हां' लिख दिया. हालांकि इन खातों की जांच के बाद इनमें से 20 लाख खाते असली पाए गए हैं. बाकी बचे खातों की जांच अभी चल रही है.

साल 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले शुरू की गई 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना'को महायुति सरकार की जीत में एक बड़ा फैक्टर माना जाता है. सरकार इस योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रति महीने की आर्थिक सहायता देती है. इस योजना के चलते राज्य सरकार के खजाने पर काफी आर्थिक बोझ पड़ा है. लेकिन सरकार की ओर से कहा गया है कि ये योजना बंद नहीं होगी. सरकार ने साल 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 26 हजार करोड़ रुपये अलॉट किए हैं.

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