महाराष्ट्र में 'बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन' पर बुरा भड़के CM फडणवीस
अंबरनाथ और अंकोट में Congress और AIMIM के साथ जाने के बाद हुई किरकिरी के बाद महाराष्ट्र के सीएम Devendra Fadnavis एक्शन में आए हैं. उन्होंने इस मामले में जांच का निर्देश देते हुए गठबंधन करने वालों पर कार्रवाई की बात कही है.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने स्थानीय निकाय चुनावों में प्रतिद्वंद्वी दलों कांग्रेस और AIMIM के साथ गठबंधन को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने गठबंधन तोड़ने का निर्देश देते हुए कहा कि इन दलों के साथ किसी भी स्तर पर गठबंधन स्वीकार नहीं किए जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने मामले में जांच के आदेश भी जारी किए हैं.
अंबरनाथ और अकोट नगर परिषद में कांग्रेस और AIMIM के साथ गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा,
अंबरनाथ और अंकोट में कांग्रेस और AIMIM के साथ जाने के बाद हुई किरकिरी के बाद महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण भी एक्शन में आ गए. उन्होंने अकोट विधायक प्रकाश भारसाकले को पत्र लिखकर अब तक AIMIM से गठजोड़ करने को लेकर सफाई मांगी है. उन्होंने लिखा,
मुंबई से लगभग 60 किलोमीटर दूर अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी की स्थानीय इकाई ने सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) को सत्ता से बाहर रखने के लिए अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया. इस गठबंधन में बीजेपी के 14, कांग्रेस के 12, अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के चार सदस्य और एक निर्दलीय सदस्य शामिल थे. कांग्रेस और एनसीपी के पार्षदों के समर्थन से बीजेपी की प्रत्याशी तेजश्री करंजुले ने नगरअध्यक्ष के पद पर जीत हासिल की.
इसी तरह का प्रयोग अकोला जिले के अकोट नगर परिषद में भी देखने को मिला. यहां बीजेपी ने असदुद्दीन ओवैसी के नेतृ्त्व वाली AIMIM के साथ हाथ मिला लिया. पार्टी ने यहां मेयर पद तो जीत लिया था. लेकिन 35 सीटों वाली नगर परिषद में बीजेपी के पास 11 सीट ही थीं. कुर्सी पर कब्जा बनाए रखने के लिए बीजेपी ने AIMIM के 5, शिवसेना के 1, उद्धव की पार्टी के 1, एनसीपी (अजित पवार गुट) के 2, शरद पवार की पार्टी के 1 और प्रहार जनशक्ति दल (बच्चू काडू) के 3 पार्षदों का गठबंधन बना कर 25 का बहुमत प्राप्त कर लिया. गठबंधन का नाम दिया गया अकोट विकास मंच.गठबंधन डीएम ऑफिस में रजिस्टर भी हो गया.
वीडियो: राजधानी: महाराष्ट्र में बीजेपी और कांग्रेस के गठबंधन की पूरी कहानी

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