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सीढ़ियों पर 2 साल की मासूम को लात मारने वाली महिला कौन थी? सच चौंका देगा

Maharashtra Woman kicking child: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक महिला को छोटी बच्ची को लात मारते देखा जा सकता है. क्लिप के सामने आने के बाद तमाम सवाल उठने लगे, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई की.

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26 जून 2026 (पब्लिश्ड: 11:46 PM IST)
Maharashtra Woman kicking child
बच्ची को लात मारने वाली महिला की काउंसलिंग कराई गई. (फोटो-इंडिया टुडे)
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महाराष्ट्र के नवी मुंबई की एक आंगनबाड़ी का वीडियो वायरल है. क्लिप में एक महिला बच्ची को जोर से लात मारती दिख रही है. वो भी इतनी तेज कि मासूम बच्ची सीमेंट की एक सीढ़ी पर नीचे गिर जाती है. वह रोना शुरू कर देती है लेकिन वो महिला उसके पास जाने के बजाय अंदर जाने लगती है. दूसरी महिला आती है और हंसते हुए रोती हुई बच्ची को उठाती है. बताया जा रहा है कि बच्ची की उम्र सिर्फ 2 साल है.

आरोप लगा कि बच्ची को लात मारने वाली महिला आंगनबाड़ी वर्कर है. ये जानकर लोग आक्रोशित हो गए. मामला बढ़ता देख पुलिस हरकत में आई. जांच शुरू हुई तो पता लगा कि बच्ची को लात मारने वाली महिला आंगनबाड़ी वर्कर नहीं है बल्कि बच्ची की मां है. पनवेल सिटी पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया. उससे पूछताछ की गई. महिला ने बताया कि गुस्से में उसने ऐसा किया क्योंकि उसकी बेटी आंगनबाड़ी जाने से मना कर रही थी. बच्ची को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया. ताकि पक्का किया जा सके कि उसे कोई गंभीर या अंदरूनी चोट तो नहीं आई है. 

‘आंगनबाड़ी पर झूठा आरोप लगाना गलत’

महाराष्ट्र की महिला और बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने एक्स पर मामले को लेकर लिखा,  

पनवेल के वायरल वीडियो में दिख रही महिला आंगनबाड़ी वर्कर नहीं है. वह बच्चे की अपनी मां है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर इस झूठे दावे के साथ तेजी से फैल रहा है कि एक आंगनबाड़ी वर्कर ने बच्चे को पीटा. महिला और बाल विकास विभाग ने तुरंत इस मामले का संज्ञान लिया और संबंधित CDPO को जांच के लिए घटनास्थल पर भेजा. जांच में सामने आया कि वह महिला आंगनबाड़ी वर्कर नहीं, बल्कि बच्चे की अपनी मां है.

मंत्री ने लिखा कि संबंधित महिला ने अपनी हरकत पर अफसोस जताया. उसे बताया गया कि छोटे बच्चों को पीटना कानूनन अपराध है. महिला की काउंसलिंग भी शुरू कर दी गई है. महाराष्ट्र में आंगनबाड़ी वर्कर्स निःस्वार्थ भाव से लाखों बच्चों की सेवा करती हैं. उन पर झूठे आरोप लगाना गलत है.

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पुलिस ने 25 जून, गुरुवार को हुई इस घटना की रिपोर्ट राज्य बाल कल्याण समिति (CWC) को भेजी है. जिसमें महिला के खिलाफ सही कानूनी कार्रवाई के लिए निर्देश मांगे गए हैं.

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