'महाकुंभ भगदड़' के बाद सीएम योगी की अपील, 'संगम मत जाओ, जहां हो वहीं डुबकी लगाओ', संतों ने ये कहा
Maha Kumbh stampede latest update: इससे पहले, मेला प्रशासन ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, रवींद्र पुरी से ‘अमृत स्नान’ को रोकने की अपील की थी. स्थिति पर रवींद्र पुरी का कहना है कि घटना इसलिए हुई, क्योंकि श्रद्धालु संगम घाट तक जाना चाहते थे. इसके बजाए, उन्हें जहां भी दिखे डुबकी लगा लेनी चाहिए.

मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ मेले में मची भगदड़ से अब तक कम से कम 10 लोगों के मौत की आशंका जताई जा रही है (Maha Kumbh Stampede). इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है. पीएम मोदी ने लोगों की मदद के लिए अलग-अलग तरह के उपाय करने की मांग की है (PM Modi UP CM Yogi Adityanath Maha Kumbh Mela situation).
योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जो गंगा के जिस घाट के पास है, वहीं स्नान करें. संगम नोज की तरफ़ जाने की कोशिश न करें. स्नान के लिए कई स्नान घाट बनाए गए हैं. वहां स्नान किया जा सकता है. प्रशासन के निर्देशों का पालन करें, व्यवस्था बनाने में सहयोग करें. किसी भी अफवाह पर ध्यान ना दें. वहीं, CM योगी ने भी अखाड़ों से बात की है.
इस भगदड़ पर देशभर के नेताओं और साधु संतों की प्रतिक्रिया आ रही है. मेला प्रशासन ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, रवींद्र पुरी से ‘अमृत स्नान’ को रोकने की अपील की थी. इसके बाद आज यानी 29 जनवरी के दिन के लिए ‘अमृत स्नान’ को रद्द कर दिया गया है. स्थिति पर रवींद्र पुरी ने कहा है,
जो घटना हुई, उससे हम दुखी हैं. हमारे साथ हजारों भक्त थे. सार्वजनिक हित में, हमने फ़ैसला किया कि आज के स्नान में अखाड़े भाग नहीं लेंगे. मैं लोगों से अपील करता हूं कि वो आज के बजाए, वसंत पंचमी पर स्नान के लिए आएं. ये घटना इसलिए हुई, क्योंकि श्रद्धालु संगम घाट तक जाना चाहते थे. इसके बजाए, उन्हें जहां भी दिखे डुबकी लगा लेनी चाहिए. ये प्रशासन की ग़लती नहीं है, करोड़ों लोगों को संभालना आसान नहीं है. हमें अधिकारियों के साथ सहयोग करना चाहिए.
इस बीच, ख़बर है कि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी से फ़ोन पर बात की है. आजतक से जुड़े हिमांशु मिश्रा की ख़बर के मुताबिक़, नड्डा ने योगी से कहा है कि केंद्र सरकार की तरफ़ से सभी स्वास्थ्य सेवाओं की मदद दी जाएगी. साथ ही, BJP कार्यकर्ता भी सभी तरह से प्रशासन की हर संभव मदद के लिए तैयार हैं. वहीं, योगी ने नड्डा को बताया कि प्रशासन ने हालात पर काबू कर लिया गया है.
भगदड़ की स्थिति पर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का कहना है,
आज प्रयागराज में भारी भीड़ उमड़ी है, इसलिए मैं सभी भक्तों से अपील करता हूं कि उन्हें सिर्फ़ संगम घाट पर ही पवित्र डुबकी लगाने की ज़िद नहीं करनी चाहिए. अपने-अपने पास के घाट पर स्नान करें. अभी तो उन्हें चाहिए ही. अपने शिविर छोड़कर जाने की भी ज़िद ना करें. सब लोग अपनी सुरक्षा में रहें, एक-दूसरे की सुरक्षा करें.
RJD नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी भगदड़ की स्थिति पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए X पर पोस्ट किया,
ईश्वर दिवगंत आत्माओं को अपने चरणों में जगह दें और हादसे में घायल श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को जल्द ठीक करें. भगवान सबको सकुशल रखें.
वहीं, महाकुंभ क्षेत्र में भगदड़ की स्थिति पर साध्वी निरंजन ज्योति ने भी दुख जताया और न्यूज़ एजेंसी ANI के साथ बात करते हुए कहा,
जो कुछ भी हुआ, अच्छा नहीं हुआ. इक्ट्ठा हुए श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से ज़्यादा है. मैं लोगों से अपील करती हूं कि पूरा मेला क्षेत्र कुंभ है, इसलिए वो सिर्फ़ त्रिवेणी घाट पर ही नहीं, बल्कि किसी भी घाट पर स्नान कर सकते हैं.
इस भगदड़ के बाद कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा,
मैं संगम घाट पर नहीं गया, क्योंकि वहां भीड़ बहुत ज़्यादा है. सिर्फ़ संगम घाट पर स्नान करने की ज़िद न करें. संगम घाट पर ही नहीं, जहां भी मौक़ा मिले स्नान कर लीजिए. क्योंकि पूरी गंगा और यमुना नदियां अभी 'अमृत' हैं.
बताया जा रहा है कि प्रशासन ने भीड़ को मैनेज करने के लिए कई रास्तों को खोलकर लोगों को डायवर्ट किया है. स्थिति को कंट्रोल किया जा रहा है.
वीडियो: Prayagraj: भगदड़ मचने के बाद महाकुंभ मेला क्षेत्र में क्या हो रहा है?

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