The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Madhya Pradesh University Allah Question in Exam Triggers Row, Probe On

यूनिवर्सिटी के पेपर में 'अल्लाह' को लेकर क्या सवाल पूछा? विरोध होने लगा

Madhya Pradesh University Allah Question: मध्य प्रदेश की सम्राट विक्रमादित्य यूनिवर्सिटी में पेपर में आए एक सवाल से विवाद खड़ा हो गया है. तीसरे साल के BCom, BBA और BCA के छात्रों के फाउंडेशन कोर्स के एग्जाम में अल्लाह से जुड़ा एक सवाल आया था.

Advertisement
pic
9 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 12:27 AM IST)
Madhya Pradesh University Allah Question
अल्लाह से जुड़ा सवाल पूछने पर विवाद छिड़ गया है. (फोटो-सोशल मीडिया)
Quick AI Highlights
Click here to view more

मध्य प्रदेश की सम्राट विक्रमादित्य यूनिवर्सिटी विवादों में आ गई है. वजह है तीसरे साल के BCom, BBA और BCA की परीक्षा में छात्रों से पूछा गया एक सवाल. ‘अल्लाह’ को लेकर किए गए सवाल को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बहस छिड़ गई है. 6 अप्रैल को ये सवाल बीकॉम, बीबीए और बीसीए के छात्रों के फाउंडेशन कोर्स में पूछा गया था. पेपर सामने आने के बाद उज्जैन समेत रतलाम में हिंदुत्ववादी संगठनों ने आपत्ति जताई. कई जगह विरोध-प्रदर्शन हुए. संगठन ने प्रश्न पत्र बनाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

क्या था सवाल में?

परीक्षा का जो कथित प्रश्नपत्र वायरल हो रहा है, उसमें 45वें नंबर पर एक सवाल ‘अल्लाह’ को लेकर है. पूछा गया है, 'अल्लाह के सिवा दूसरा कोई नहीं है?' ऑप्शन हैं- पहला- सोमेश्वर, दूसरा- खुदा, तीसरा- शक्तिवान और चौथा-दंड देने वाला. 

कई संगठनों, खासकर दक्षिणपंथी समूहों ने इस पर कड़ा विरोध जताया और इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए वैचारिक झुकाव का आरोप लगाया. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पेपर का विरोध करने वाले नेताओं ने दावा दिया कि ये सवाल किसी की गलती नहीं थी बल्कि खास विचारों वाले लोगों की एक ‘सोची-समझी कोशिश’ थी.  उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन छेड़ा जाएगा. ये अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि पेपर किसने बनाया था.  मामले पर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार अनिल कुमार शर्मा ने बताया, 

किसी सवाल के कंट्रोवर्शियल या अनुचित पाए जाने पर उसे परीक्षा समिति के पास भेजा जाता है. इस मामले को भी एक खास समिति के पास भेजा गया है. जहां विशेषज्ञ ये तय करेंगे कि क्या यह सवाल तय सिलेबस और अकादमिक मानकों के मुताबिक है. साथ ही ये भी पता लगाएंगे कि इसकी जिम्मेदारी किसकी है.

s
परीक्षा का वायरल पेपर. (X)

उन्होंने बताया कि अगर कोई गलती पाई जाती है तो संबंधित एग्जामिनर को एक नोटिस जारी किया जाएगा. जरूरी समझा गया तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. ये एक अकादमिक मामला है. इस मुद्दे के हर पहलू की पूरी जांच के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा.

NDTV ने यूनिवर्सिटी के सूत्रों के हवाले से लिखा कि फाउंडेशन कोर्स में कई धर्मों से जुड़े प्रश्न होते हैं. लेकिन इस तरह से सवाल बनाना असामान्य है. परीक्षा समिति की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. ये भी देखा जाएगा कि सवाल फाइनल करने से पहले जरूरी जांच हुई थी या नहीं.

बताया जा रहा है कि वाइस-चांसलर ने एग्जामिनेशन कंट्रोलर से स्पष्टीकरण मांगा है और इस चूक की जांच के लिए परीक्षा विभाग की एक बैठक बुलाई. सवाल ये भी है कि अगर पेपर से ये प्रश्न हटाया जाता है तो छात्रों को अंक कैसे दिए जाएंगे?  

वीडियो: क्या फिर बंद हुआ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

Advertisement

Advertisement

()