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उज्जैन में कैसे भड़की हिंसा? 11 बसें जला दी गईं

Madhya Pradesh के Ujjain जिले के तराना तहसील में एक बार फिर से हिंसा भड़क गई है. उपद्रवियों ने एक बस को आग के हवाले कर दिया है. इससे पहले 22 जनवरी की शाम को भी पथराव और हिंसा हुई थी. जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम कड़े किए थे.

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Madhya pradesh ujjain clash between two group
हिंसा में जलाई गई एक बस के अंदर की तस्वीर. (इंडिया टुडे)
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संदीप कुलश्रेष्ठ
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23 जनवरी 2026 (Updated: 23 जनवरी 2026, 05:41 PM IST)
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मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना में एक बार फिर से हिंसा भड़क गई है. 22 जनवरी की शाम हुई तोड़फोड़ और आगजनी में 6 लोग घायल हुए थे. दूसरे दिन यानी 23 जनवरी की दोपहर भी स्थिति बिगड़ गई. उपद्रवियों ने घरों पर पथराव किया और एक बस को आग के हवाले कर दिया. पुलिस प्रशासन ने स्थिति बिगड़ते देख कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उज्जैन जिले के तराना कस्बे में एक मामूली विवाद को लेकर कुछ लोगों ने एक हिंदूवादी नेता सोहेल ठाकुर समेत दो लोगों पर हमला कर दिया. सोहेल पर हमला करने के बाद माहौल बिगड़ गया और गुस्साई भीड़ ने बस स्टैंड में लगी 11 बसों और दुकानों में तोड़फोड़ की. पुलिस अब तक तोड़फोड़ करने वाले लोगों की पहचान नहीं कर पाई है.

उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सोहेल ठाकुर की शिकायत पर पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. इनमें से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. छठवें की तलाश जारी है. वहीं सोहेल ठाकुर फिलहाल अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है. उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है.

23 जनवरी की दोपहर फिर से बवाल

लेकिन 23 जनवरी की दोपहर तराना कस्बे में एक बार फिर से माहौल बिगड़ गया. अज्ञात लोगों ने बस स्टैंड के पास 22 जनवरी को तोड़फोड़ का शिकार हुई एक बस को आग के हवाले कर दिया. नई बाखल ताकिया कलीम इलाके में पथराव किया गया, जिसमें कुछ घरों के शीशे टूटे हैं और एक मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गया है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि 25 से 30 लोगों की भीड़ अचानक मोहल्ले में घुस आई और तोड़फोड़ करते हुए निकल गई. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया. पुलिस ने तोड़फोड़ में शामिल आरोपियों की पहचान करनी शुरू कर दी है.

स्थानीय प्रशासन ने तराना में शांति बहाल करने के लिए जीरो डॉलरेंस की नीति अपनाई है. कस्बे में 300 से ज्यादा पुलिस बलों को तैनात किया गया है और संदिग्धों की पहचान के लिए ड्रोन और CCTV कैमरे का उपयोग किया जा रहा है.

वीडियो: उज्जैन में बजरंग दल कार्यकर्ता पर हमला, फिर इलाके में तोड़फोड़ और आगजनी

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