मध्यप्रदेश में पढ़ाया जाएगा 'मंदिर प्रबंधन' का कोर्स, इस यूनिवर्सिटी के MBA सिलेबस में शामिल
मध्य प्रदेश सरकार एक नया कोर्स शुरू करने जा रही है. टेंपल मैनेजमेंट कोर्स. इसकी शुरुआत उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य यूनिवर्सिटी से की जाएगी. टेंपल मैनेजमेंट कोर्स इस साल जुलाई से शुरू किया जाना है. एक तरफ हिंदू संगठन सरकार की इस पहल की तारीफ कर रहे हैं तो वहीं विपक्षी पार्टियां इस पर सवाल उठा रही हैं.

मध्य प्रदेश सरकार मैनेजमेंट से जुड़ा एक नया कोर्स शुरू करने जा रही है. 'टेंपल मैनेजमेंट' का कोर्स. सरकार का दावा है, इससे एक पंथ से दो काज सिद्ध होंगे. मंदिरों का मैनेजमेंट बेहतर होगा और युवाओं को रोजगार भी मिलेगा. लेकिन विपक्ष को सरकार की मंशा पर यकीन नहीं है. उनकी ओर से सरकार पर रोजगार देने के बजाय धार्मिक एजेंडे पर काम करने का आरोप लगाया है.
उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य यूनिवर्सिटी में 'टेंपल मैनेजमेंट' में 'MBA' कराया जाएगा. सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने दावा किया कि इससे मंदिरों का मैनेजमेंट बेहतर होगा और युवाओं को रोजगार के नए मौके मिलेंगे. हम उज्जैन से इस कोर्स की शुरुआत कर रहे हैं, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में मंदिर है. मंदिर की व्यवस्था से लेकर प्रबंधन तक इस कोर्स में शामिल किया जाएगा. फिलहाल हम इसका फ्रेमवर्क बना रहे हैं.
विक्रमादित्य यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि अब तक मंदिरों का मैनेजमेंट पारंपरिक तरीकों से होता रहा है. लेकिन अब साइंटिफिक और प्रोफेशनल तरीके से मैनेजमेंट सिखाया जाएगा. इसमें मंदिर के संरक्षण, आर्थिक प्रबंधन और सामाजिक पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा. यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर अर्पण भारद्वाज ने बताया, “जुलाई से शुरू होने वाले इस कोर्स के लिए अभी से आवेदन और इन्क्वायरी आनी शुरू हो गई है. टेंपल मैनेजमेंट कोर्स के लिए सिर्फ उज्जैन ही नहीं, दूसरे राज्यों के छात्र भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं.”
टेंपल मैनेजमेंट कोर्स इस साल जुलाई से शुरू किया जाना है. हालांकि अभी इसके लिए डिटेल्ड गाइडलाइन्स नहीं आई हैं. एक तरफ हिंदू संगठन सरकार की इस पहल की तारीफ कर रहे हैं तो वहीं विपक्षी पार्टियां इस पर सवाल उठा रही हैं. कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने आरोप लगाया, “सरकार रोजगार देने वाली कोर्सेज चालू करने की बजाय धार्मिक एजेंडे पर चल रही है."
पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार पहले ये बताए कि हिंदी में MBBS और अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी यूनिवर्सिटी से कितने लोगों को रोजगार मिला है.
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