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LPG संकट पर सरकारी टीचर ने PM मोदी की मिमिक्री की, बिना नोटिस सस्पेंड हो गया

मध्यप्रदेश सरकार ने साल 2016 में ‘हैपीनेस डिपार्टमेंट’ यानी 'आनंद विभाग' बनाया था. इसका काम है जनता की खुशहाली का स्तर मापकर उनका जीवन और खुशहाल बनाना. साकेत शिवपुरी में इसी डिपार्टमेंट की स्थानीय शाखा के प्रभारी थे और स्कूल में भी पढ़ाते थे. विभाग ने बीते दिनों शिवपुरी के आनंद भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया था.

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Teacher done mimicry of modi suspended
पीएम मोदी की मिमिक्री करने वाले साकेत पुरोहित सस्पेंड हो गए. (फोटोः India Today)
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राघवेंद्र शुक्ला
16 मार्च 2026 (अपडेटेड: 16 मार्च 2026, 08:22 PM IST)
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मध्यप्रदेश के एक टीचर साकेत पुरोहित को कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करने के चलते सस्पेंड कर दिया गया है. उनका वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा के एक विधायक ने इसकी शिकायत शिक्षा विभाग से की थी. इसके बाद शुक्रवार, 13 मार्च की रात को पुरोहित के पास एक फोन आया. बताया गया कि सरकारी स्कूल के टीचर पद से उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए साकेत ने कहा कि उन्हें निलंबन से पहले ‘कारण बताओ’ नोटिस भी नहीं दिया गया. मिमिक्री करके वो सिर्फ लोगों को हंसाना चाहते थे. 

मध्यप्रदेश सरकार ने साल 2016 में ‘हैपीनेस डिपार्टमेंट’ यानी 'आनंद विभाग' बनाया था. इसका काम है जनता की खुशहाली का स्तर मापकर उनका जीवन और खुशहाल बनाना. साकेत शिवपुरी में इसी डिपार्टमेंट की स्थानीय शाखा के प्रभारी थे और स्कूल में भी पढ़ाते थे. विभाग ने बीते दिनों शिवपुरी के आनंद भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस कार्यक्रम में साकेत पुरोहित भी शामिल हुए. यहां उन्होंने ताजा एलपीजी संकट को लेकर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की. उन्होंने पीएम मोदी के उस भाषण को अपने कंटेंट में शामिल किया, जिसमें वो ‘नाले वाली गैस से चाय बनाने’ का जिक्र करते हैं. 

पुरोहित ने कहा कि एलपीजी के दाम बढ़ने से लोग चूल्हे पर खाना बनाने की ओर लौट सकते हैं. उन्होंने इसी पर जोक बनाया था. इस कार्यक्रम में लोग मनोरंजन के लिए आते हैं. कोई गाना गाता है. कोई एक्टिंग करता है. उन्होंने मिमिक्री की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसका अंदाजा तो साकेत पुरोहित को भी नहीं था. जब ये वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया तो पुरोहित ने इसे डिलीट कर दिया. लेकिन अब बात उनके कंट्रोल से बाहर थी. 

उसी रात पिछोर के बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने जिला प्रशासन को एक लिखित शिकायत सौंपी. इसमें आरोप लगाया गया कि एक सरकारी कर्मचारी प्रधानमंत्री का सार्वजनिक रूप से ‘मजाक उड़ा रहा है’. यह सेवा आचरण नियमावली का का उल्लंघन है. इस शिकायत के बाद जिला शिक्षा विभाग ने इसकी जांच की. 

जांच पूरी होने के बाद साकेत पुरोहित को निलंबित कर दिया गया. विभाग के अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियमों के प्रावधानों का हवाला देते हुए निलंबन की पुष्टि की. इसके बाद साकेत पुरोहित को बदरवास के ब्लॉक शिक्षा दफ्तर में अटैच किया गया है.

कार्रवाई पर सवाल

मामला यहीं खत्म नहीं होता. इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक बहस चल पड़ी है कि मिमिक्री करने की वजह से किसी को सस्पेंड कैसे किया जा सकता है? साकेत पुरोहित ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाया. उनका कहना है कि सस्पेंड करने का आदेश देने से पहले उन्हें ‘कारण बताओ’ नोटिस दिया जाना चाहिए था. उनकी बात सुने बिना कार्रवाई करना ठीक नहीं है. 

उन्होंने कहा, 

“मुझे रातोरात निलंबित कर दिया गया. मुझे कारण बताओ नोटिस तक नहीं भेजा गया. शिक्षकों को भी बोलने का अधिकार है. पिछले कई सालों से मैंने देखा है कि व्यंग्य और हास्य पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं.”

पुरोहित ने कहा कि लोग नाराज हो रहे हैं और उनकी नाराजगी के आधार पर कार्रवाई भी हो रही है. लोग अगर खुलकर कुछ नहीं बोल पा रहे हैं तो यह उनकी समस्या है. लेकिन उन्हें लगा कि अपने मन की बात तो कहनी ही चाहिए.

शिवपुरी जिले के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वाले साकेत के पिता कथावाचक हैं. वीडियो वायरल होने और साकेत के सस्पेंशन के बाद उनका परिवार डरा हुआ है. उनके भैया और भाभी भी टीचर हैं. उन लोगों को लगता है कि साकेत पर हमला भी हो सकता है. 

पुरोहित ने बताया कि कोरोना महामारी के वक्त जब ऑक्सीजन सिलेंडरों की भारी कमी हो गई थी, तब उन्होंने चंदा जुटाने का कैंपेन चलाया था. इसके जरिए उन्होंने 3.5 लाख रुपये जुटाए थे. साकेत का कहना है कि उस वक्त अखबारों ने उनके सामाजिक कामों को लेकर खबरें छापी थीं और अब उन पर शांतिभंग के आरोप लग रहे हैं.

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