सलाम कंचन बाई, वो महिला जो 20 बच्चों और मौत के बीच ढाल बन कर खड़ी हो गई
कंचन बाई अपने परिवार का एक मात्र सहारा थीं. उनके पति शिवलाल को पैरालिसिस है. लिहाजा वो चल-फिर नहीं सकते. कंचन बाई अपने पीछे एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गई हैं. पोस्टमॉर्टम के बाद जब उनका शव रानपुर गांव पहुंचा, तो गांव वाले खामोश खड़े थे. सभी लोग उन्हें सलाम कर रहे थे.
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कंचन बाई ने कई बच्चों को बचाया लेकिन वो खुद मधुमक्खियों के हमले की चपेट में आ गईं (PHOTO-X)
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