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कैरेक्टर सर्टिफिकेट पर पुलिसवालों ने लिख दी आपत्तिजनक टिप्पणी, बवाल हुआ, सस्पेंड हो गए

मामला मध्य प्रदेश के बैतूल जिले का है. शिकायत करने वाले युवक का नाम रूपेश देशमुख है. वह भोपाल में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है. जॉब के लिए उन्हें कैरेक्टर सर्टिफिकेट यानी चरित्र प्रमाण पत्र की ज़रूरत थी. कई बार आवेदन के बावजूद पुलिस सर्टिफिकेट जारी करने में देरी कर रही थी. इसे लेकर उन्होंने CM हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी.

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14 फ़रवरी 2025 (पब्लिश्ड: 03:16 PM IST)
Madhya Pradesh Police Writes Objectionable Comment On Character Certificate Two Suspend
सर्टिफिकेट वायरल होने के बाद हरकत में आया प्रशासन. (फोटो- आजतक)
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CM हेल्पलाइन पर बार-बार शिकायत करने की एक युवक को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी. दरअसल, युवक ने कैरेक्टर सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई किया था. लेकिन पुलिस इसे वक्त पर जारी करने के मूड में नहीं थी. जब इसकी शिकायत युवक ने CM हेल्पलाइन पर की तो पुलिसकर्मी बिफर गए. आखिर में नाराज़ पुलिसवालों ने कैरेक्टर सर्टिफिकेट जारी तो किया लेकिन उस पर एक ऐसी लाइन लिख दी जिससे बवाल हो गया. मामले ने तूल पकड़ा तो दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला मध्य प्रदेश के बैतूल जिले का है. शिकायत करने वाले युवक का नाम रूपेश देशमुख है. वह भोपाल में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है. जॉब के लिए उन्हें कैरेक्टर सर्टिफिकेट यानी चरित्र प्रमाण पत्र की ज़रूरत थी. कई बार आवेदन के बावजूद पुलिस सर्टिफिकेट जारी करने में देरी कर रही थी. इसे लेकर उन्होंने CM हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी. 

बार-बार हेल्पलाइन पर शिकायत आने से पुलिसवाले तंग हो चुके थे. इसलिए ही सर्टिफिकेट देने में देरी कर रहे थे. तंग आकर देर से ही सर्टिफिकेट जारी किया. लेकिन सर्टिफिकेट में लाल पेन से यह भी लिख दिया, "आवेदक सीएम हेल्पलाइन में बार-बार शिकायत करने का आदी है." इसके बाद सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. हालांकि, रूपेश ने दावा किया है कि उन्होंने इसे वायरल नहीं किया है. 

जब मामले ने तूल पकड़ा तो प्रशासन हरकत में आया. शिकायत मिलने के बाद बैतूल एसपी निश्चल एन. झारिया ने तुरंत एक्शन लेते हुए प्रधान आरक्षक बलराम सरेयाम और आरक्षक विप्लव मरासे को सस्पेंड कर दिया. एसपी ने बताया कि आवेदक ने शिकायत की थी. इसके बाद तुरंत एक्शन लेते हुए कैरेक्टर सर्टिफिकेट को बदलकर दूसरा प्रमाण पत्र दे दिया गया है.

रूपेश ने बताया कि उन्होंने इसे लेकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी. इसके बाद पुलिस ने एक नोट लिखकर सर्टिफिकेट थमा दिया. जबकि इसके पहले उन्होंने कभी सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत नहीं की थी. अब एसपी की फटकार के बाद पुलिस ने दूसरा कैरेक्टर सर्टिफिकेट दे दिया है. 

ग़ौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार ने नागरिकों की समस्याओं को हल करने के लिए सीएम हेल्पलाइन जैसी सेवा शुरू की है ताकि लोग अपनी शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंचा सकें. लेकिन इस तरह के मामला पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है. बहरहाल, यह टिप्पणी न केवल नियमों का उल्लंघन थी, बल्कि एक आम नागरिक के अधिकारों पर भी सवाल खड़ा करती है. 

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