'PNG की लाइन घर के बाहर है मौजूद तो तुरंत लें कनेक्शन, वरना... ', सरकार ने जारी किया नया आदेश
सरकार ने अपने नए आदेश में कहा है कि देश के जिन इलाकों में पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां रहने वाले लोगों को PNG को अपनाना ही होगा. PNG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है.

रसोई गैस (LPG) की किल्लत के बीच सरकार ने एक नया फरमान जारी किया है. इसके तहत जिन इलाकों में पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, वहां LPG कनेक्शन को छोड़कर PNG को अपनाना ही होगा. जो लोग ऐसा नहीं करते, उनके घरों में LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी. इस आदेश का मकसद PNG के नेटवर्क को बढ़ाने में तेजी लाना है. सरकार ये भी चाहती है कि लोग किसी एक ही ईंधन पर अपनी निर्भरता को कम करें.
वेस्ट एशिया की जंग की वजह से एलपीजी की सप्लाई पर बुरा असर हुआ है. इसलिए सरकार अब ये प्लानिंग कर रही है कि एलपीजी पर जितना हो सके, निर्भरता कम की जाए. आने वाले समय में अगर फिर से ऐसी कोई स्थिति बनी, तो उतनी दिक्कत न हो जितनी अभी हो रही है. सरकार घरों और कमर्शियल यूजर्स को पाइप वाली नेचुरल गैस (PNG) पर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. LPG की तुलना में PNG एक ज्यादा सुविधाजनक विकल्प है. बिजनेस स्टैण्डर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक इसका प्रोडक्शन भी देश में ही होता है और इसकी सप्लाई अलग-अलग जगहों से की जाती है. PNG की सप्लाई पाइपलाइन के जरिए सीधे किचन के बर्नर तक होती है. इससे रिफिल होने वाले सिलेंडर को बुक करने की जरूरत खत्म हो जाती है.
24 मार्च को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है. इसका मकसद गैस पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज करना और इसके लिए दी जाने वाली मंजूरियों को आसान बनाना है.
इस आदेश में कहा गया है कि अगर कोई घर PNG उपलब्ध होने के बावजूद उसे नहीं चुनता है, तो तीन महीने बाद उसकी LPG की सप्लाई बंद कर दी जाएगी. यह नियम उन मामलों में सप्लाई जारी रखने की इजाजत देता है, जहां पाइप से कनेक्शन देना तकनीकी रूप से मुमकिन नहीं है. लेकिन इसके लिए भी नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेना जरूरी होगा.
इस आदेश पर टिप्पणी करते हुए पेट्रोलियम सेक्रेटरी नीरज मित्तल ने एक्स पर एक पोस्ट कर कहा,
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (कारोबार करने में आसानी) सुधारों के जरिए एक मुश्किल को अवसर में बदल दिया गया है.’
इसके अलावा रिहायशी इलाकों में पाइपलाइन की पहुंच का काम देखने वाली संस्थाओं को तीन वर्किंग डे के भीतर परमिशन देनी होगी. उन्हें अंतिम छोर तक PNG कनेक्टिविटी 48 घंटों के भीतर उपलब्ध करानी होगी. ऐसे इलाकों में पाइपलाइन कनेक्टिविटी के लिए दिए गए आवेदनों को अस्वीकार भी नहीं किया जा सकता है.
वीडियो: जम्मू-कश्मीर सरकार ने कहा- पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर स्टॉक कर लें

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