The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Lalu Yadav Rabri devi 'Z Plus' security removed samrat chaudhary tejashwi rohini acharya

अब 'लाठी' के भरोसे लालू-राबड़ी! Z प्लस गई तो लौटा दी पूरी सरकारी सिक्योरिटी

Bihar में सम्राट चौधरी सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री Lalu Prasad Yadav और Rabri Devi की Z+ सुरक्षा हटा दी थी. अब नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav और RJD नेता Rohini Acharya ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है.

Advertisement
pic
6 जून 2026 (पब्लिश्ड: 02:35 PM IST)
Lalu Yadav Rabri devi 'Z Plus' security removed, samrat chaudhary , tejashwi, rohini acharya
सरकारी सिक्योरिटी वापस भेजने के बाद लालू-राबड़ी के घर पर लाठी लेकर तैनात हुए आरजेडी कार्यकर्ता. (फोटो: X/India Today)
Quick AI Highlights
Click here to view more

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने अपनी पूरी सरकारी सुरक्षा वापस लौटा दी है. सम्राट चौधरी सरकार ने 4 जून को एक आदेश जारी कर दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों की 'जेड प्लस' (Z+) सुरक्षा हटा ली थी. इससे नाराज होकर लालू-राबड़ी ने पटना में अपने घर के बाहर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया. इसके बाद आरजेडी के कुछ कार्यकर्ता उनके घर की रखवाली करते दिखे. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कार्यकर्ता लाठी लेकर खड़े दिखाई दे रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार सरकार ने 4 जून को सुरक्षा समीक्षा के बाद कई बड़े फैसले लिए. पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की वीआईपी सुरक्षा में भारी कटौती करते हुए उसे बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) की सामान्य सुरक्षा में बदल दिया. नई सुरक्षा व्यवस्था में लालू-राबड़ी के घर की सिक्योरिटी के लिए बीएसएपी के 2 से 8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल के दो अंगरक्षक और एक पायलट तथा बुलेटप्रूफ कार तैनात किए गए थे. हालांकि, जेड प्लस सिक्योरिटी हटाए जाने से नाराज दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों ने नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत आए सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया.

रोहिणी आचार्य ने साधा निशाना

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेता और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस पर बिहार सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनके परिवार के किसी भी सदस्य को खरोंच भी आई तो अंजाम बुरा होगा. सुरक्षाकर्मियों को अपने आवास से वापस भेजने के फैसले पर उन्होंने कहा कि दिखावे की सुरक्षा रखने का कोई मतलब ही नहीं है. ‘X’ पर उन्होंने लिखा,

सात खून के आरोपी रहे मुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी) की सरकार के द्वारा सुरक्षा में कटौती का फैसला लालू-राबड़ी और उनके परिवार को नुकसान, शारीरिक क्षति पहुंचाने की नीयत से ही लिया गया है. सम्राट सरकार को ये जान लेना चाहिए कि बिहार की करोड़ों जनता ही लालू-राबड़ी और उनके परिवार का सुरक्षा कवच हैं और अगर परिवार के किसी भी सदस्य को एक खरोंच भी आई तो अंजाम क्या होगा, इसका अंदाजा शायद बिगड़ैल सम्राट चौधरी और उनकी सरकार को नहीं है.

तेजस्वी ने भी सुरक्षा लौटाई

आजतक से जुड़े शशि भूषण कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी अपनी सरकारी सुरक्षा वापस कर दी. उन्होंने राज्य सरकार के फैसले को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कदम बताया. तेजस्वी को ‘वाई प्लस’ (Y+) श्रेणी की सुरक्षा मिलती है. माता-पिता की सुरक्षा में कटौती किए जाने के विरोध में तेजस्वी यादव ने दिल्ली से अपनी सुरक्षा टीम को वापस भेज दिया.

ये भी पढ़ें: जब लालू बोले, ‘एक मुसलमान बचाने को 10 यादव कुर्बान’

हालांकि, बिहार सरकार ने तेजस्वी यादव की Y+ सुरक्षा को बरकरार रखा है. नेता प्रतिपक्ष होने के नाते तेजस्वी यादव को नियमों के तहत सुरक्षा का अधिकार प्राप्त है. राज्य प्रशासन ने उनकी सुरक्षा वापस नहीं ली है, इसलिए कानूनी तौर पर वे अभी भी इस सुरक्षा घेरे के हकदार हैं. वहीं, लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की भी 'Y' श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई है और उन्हें केवल एक बॉडीगार्ड दिया गया है.

वीडियो: लालू यादव के परिवार पर कौन सा मुकदमा चलेगा? दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने क्या कहा?

Advertisement

Advertisement

()