महाकुंभ भगदड़ में गई मां-बेटी की जान, एक दिन पहले वीडियो में कहा था- भीड़ बहुत है, मत आना
Mahakumbh Stampede: लड़की ने भगदड़ के एक दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था. कर्नाटक के CM Siddaramaiah ने भी इस मामले को लेकर एक पोस्ट किया है.

महाकुंभ मेले में मची भगदड़ (Mahakumbh Stampede) में 30 लोगों की मौत हो गई. कई लोग घायल भी हुए. मृतकों में चार लोग कर्नाटक के बेलगावी के थे. इस हादसे में 50 साल की ज्योति हटरावत और उनकी 24 साल की बेटी मेघा हटरावत की भी जान चली गई. भगदड़ से पहले 28 जनवरी को मेघा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था. इसके जरिए, अधिक भीड़ के कारण उन्होंने लोगों से कुंभ मेले में नहीं जाने का अनुरोध किया था.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक मृतका ने जो वीडियो शेयर किया उसमें कहा जा रहा है,
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टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, ज्योति और उनकी बेटी मेघा के परिवार में 13 लोग थे. दोनों 26 जनवरी को प्रयागराज के लिए निकले थे. भगदड़ के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन चोटों के कारण उनकी मौत हो गई.
"भीड़ ने रौंद दिया…"बेलगावी जिले के दो अन्य मृतकों के नाम अरुण कोपार्डे (61 साल) और महादेवी बावनूर (48 साल) हैं. 29 जनवरी की तड़के सुबह मौनी अमावस्या के मौके पर संगम नोज के पास भगदड़ हुई थी. कोपार्डे की मौत भी इलाज के दौरान हुई.
इस हादसे में मृतक अरुण कोपार्डे की पत्नी कंचना और सरोजिनी नादुविनाहल्ली घायल हो गए थे. सरोजनी ने बताया कि लोग उन्हें रौंदते हुए उनके ऊपर से जा रहे थे. अंधेरे में कुछ के मोबाइल गुम हो गए तो वहीं कई लोगों ने अपना सामान खो दिया.
कर्नाटक से अधिकारियों की एक टीम को शव लाने के लिए प्रयागराज भेजा गया था. इस टीम में एडिशनल SP श्रुति एनएस और नोडल अधिकारी के रूप में स्पेशल DC हर्ष शेट्टी शामिल थे.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया. उन्होंने लिखा,
मेला अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालु अचानक स्नान के लिए आगे बढ़ने लगे थे. इसके कारण भगदड़ मच गई.
वीडियो: महाकुंभ में एक नहीं, दो बार भगदड़ हुई, लल्लनटॉप से क्या बोले लोग?

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