कोटा के सरकारी अस्पताल में इलाज के बाद एक और गर्भवती महिला की मौत
Kota C-section death: पिछले दो हफ़्तों में कोटा के दो सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी के बाद कम से कम तीन नई माताओं को किडनी से जुड़ी दिक्कतें हुईं और उनकी मौत हो गई. और इलाज के बाद एक और गर्भवती महिला की जान चली गई है. इस मामले पर कांग्रेस ने भी सवाल उठाए हैं. स्वास्थ्य विभाग इस संकट की जांच कर रहा है,

कोटा के दो सरकारी अस्पतालों में पिछले दो हफ्तों में डिलीवरी के बाद कम से कम तीन महिलाओं को किडनी से जुड़ी दिक्कत हुई और उनकी मौत हो गई. हॉस्पिटल के नाम हैं- न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल और JK लोन हॉस्पिटल. 17 मई को इस मामले में नई मौत सामने आई. शिरीन मोहम्मद आशु (20 साल), जिनकी न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.
बताया गया कि हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद शिरीन को परेशानी होने लगी थी. बाद में उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 11 मई को उनका मिसकैरेज हो गया. कुछ दिन बाद पीड़िता को फिर न्यू मेडिकल के नेफ्रोलॉजी ICU में रेफर किया गया. मगर इलाज के बीच में ही रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, शिवपुरा की रहने वाली शिरीन मोहम्मद आशु को गर्भाशय से जुड़ी समस्या के इलाज के बाद 7 मई को डिस्चार्ज कर दिया गया था. लेकिन अगले ही दिन उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया और डायलिसिस पर रखा गया. 16 मई को उन्हें वापस सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया गया.
शिरीन के एक रिश्तेदार ने कहा,
“अस्पताल में उनके गर्भाशय का एक प्रोसीजर किया गया, जिसके बाद उन्हें पेशाब आना बंद हो गया. उनका बच्चा नहीं बचा, लेकिन हमें उम्मीद थी कि वह ठीक हो जाएंगी. 8 मई से वे डायलिसिस पर थीं और 17 मई को दोपहर 3 बजे उनका निधन हो गया. उनकी मौत के लिए कौन जिम्मेदार है और हमें कौन जवाब देगा? हम बस उस महिला के लिए इंसाफ चाहते हैं जिसकी मौत हो गई.”
शिरीन के मामले में किडनी से जुड़ी समस्या का पता प्रेग्नेंसी और इलाज के दौरान ही लग गया था. डिलीवरी के बाद नहीं. ये अन्य मामलों से अलग था. क्योंकि JK लोन अस्पताल में दो महिलाओं को C-section डिलीवरी के बाद किडनी से जुड़ी समस्याएं हुई थीं.
4 मई से शुरू हुआ मामला
रिपोर्ट के मुताबिक, कोटा के दो अस्पतालों में मेटरनल केयर से जुड़ी परेशानियों के मामले 4 मई से शुरू हुए. न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन (C-section) ऑपरेशन करवाने वाली छह महिलाओं को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा. जिसके चलते उसी हफ्ते उनमें से दो महिलाओं की मौत हो गई.
11 मई को JK लोन अस्पताल में एक महिला की मौत C-section डिलीवरी के बाद हुई परेशानी के कारण हुई. दो अन्य महिलाओं की हालात गंभीर बनी हुई थी. उन्हें JK लोन में C-section डिलीवरी के बाद किडनी से जुड़ी समस्याएं हुई थीं. स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर रहा है. और दिल्ली स्थित AIIMS से विशेषज्ञों की टीमें कोटा का दौरा कर चुकी हैं.
9 मई को JK लोन अस्पताल में एक अन्य महिला की बच्चे को जन्म देने के बाद मौत हो गई थी. डॉक्टरों ने उसकी मौत का कारण हार्ट फेलियर बताया था. कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घटना की आलोचना करते हुए बीजेपी को घेरा है. कहा है कि सरकार इस मामले की जिम्मेदारी नहीं ले रही है.
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इससे पहले कहा था कि सरकार कोटा की घटनाओं को पूरी गंभीरता से ले रही है. लेकिन मौतों का सही कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि कई अलग-अलग पहलुओं से जांच चल रही है.
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