प्रिंस यादव मौत मामले में तेजस्वी ने लिखी सीएम सम्राट को चिट्ठी, पुलिस पर सवाल, CBI जांच की मांग
Khan Sir row: तेजस्वी यादव ने खान सर और रौशन आनंद विवाद में CBI जांच की मांग की है. उनका कहना है कि जो लड़ाई कोचिंग में तोड़फोड़ से शुरू हुई थी, अब वो हत्या के आरोपों तक पहुंच गई है. इससे पहले तेज प्रताप यादव ने भी इस केस में अपना बयान दिया था.

खान सर और रौशन आनंद की लड़ाई में पहले तेज प्रताप की एंट्री हुई थी. और अब बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की एंट्री हो चुकी है. तेजस्वी यादव ने CBI जांच की मांग रखी है. जो लड़ाई कोचिंग में तोड़फोड़ से शुरू हुई थी, अब वो हत्या के आरोपों तक पहुंच गई है.
खान सर और रौशन आनंद की लड़ाई के दौरान रौशन के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई. इसके बाद लोग प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहे हैं. इसी सिलसिले में 15 जून को तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नाम एक लेटर लिखा. X पर शेयर किए गए अपने पत्र में उन्होंने लिखा,
‘कुछ दिनों पहले पटना के दो कोचिंग संस्थानों के बीच आपसी विवाद हुआ था. उसमें मारपीट तोड़फोड़ और गोलीबारी भी की गई. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए. इसी बीच प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस मामले में सरकार और बिहार पुलिस के एक्शन और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं. अनुरोध है कि जनभावना को देखते हुए मामले की CBI जांच कराएं.’
तेज प्रताप ने क्या कहा था?इससे पहले तेज प्रताप भी इस मामले पर बयान दे चुके हैं. प्रिंस की मौत के सवाल पर उन्होंने खान सर का नाम लिया. उन्होंने कहा,
‘किसी का भाई मरेगा तो रोएगा ही. खान सर को जेल में होना चाहिए. सभी युवाओं को मिलकर उन्हें घेरना चाहिए. जब तक उन्हें जेल नहीं होगी, तब तक न्याय नहीं मिलेगा.’
15 जून को ज़मानत पर बाहर आते ही रौशन आनंद ने भी भाई की मौत पर खान सर का नाम लिया था. आरोप लगाया कि उनके भाई की मौत की साजिश रची गई थी. उनका आरोप है कि खान सर ने पहले उन्हें जेल भिजवाया, उसके बाद उनके भाई की मौत की साजिश रची. फैसल खान ने कई टीचर्स को बर्बाद कर दिया है.
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खान सर ने क्या कहा था?13 जून को नेपाल में प्रिंस के होटल में मृत पाए गए थे. इस केस में खुद खान सर भी जांच की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वो पीड़ित परिवार की मदद के लिए तैयार हैं, और केस की अच्छे से जांच होनी चाहिए. ताकी असली आरोपी का नाम सामने आ जाए. एक वीडियो में उन्होंने कहा,
‘हमारी पूरी संवेदना है परिवार के साथ. हमसे जो बन पड़ेगा हम वो करेंगे. इस वक़्त परिवार बात करने की स्थिति में नहीं है. लेकिन उनकी जो भी इच्छा होगी मुझे मंज़ूर है.’
ये पूरा विवाद 2 जून को शुरू हुआ था, जब खान सर की कोचिंग के बाहर तोड़फोड़ हुई थी. खान सर मीडिया के सामने आए और कहा कि ज्ञान बिंदु कोचिंग के लोगों ने उनके सामने फायरिंग की है. थोड़ी देर बाद खान सर फायरिंग वाली बात से पलट गए. उन्होंने कहा कि जब मारपीट हुई, मैं तब चेंबर के अंदर था. 3 जून को ज्ञान बिंदु के संचालक रोशन आनंद समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.
5 जून को आर्म्स एक्ट के तहत खान सर के खिलाफ FIR दर्ज हुई. लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई. फिर 9 जून को पटना सिविल कोर्ट ने खान सर को अग्रिम ज़मानत दे दी. इसके बाद 13 जून को प्रिंस नेपाल में मृत पाए गए. और, 15 जून को रौशन आनंद को बेल मिल गई. अब इस केस को लेकर CBI जांच की मांग की गई है.
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