'टीचर्स ने रंग-जाति के लिए बेइज्जत किया', कुछ घंटे बाद ही दलित छात्र की बिल्डिंग से गिरकर मौत
नितिन तिरुवनंतपुरम के उझामलक्कल गांव के रहने वाले थे. 10 अप्रैल को कन्नूर जिले में स्थित ‘कन्नूर डेंटल कॉलेज’ कैंपस की एक इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई. आरोप लग रहे हैं कि कॉलेज में फैकल्टी मेंबर नितिन की जाति, रंग और माता-पिता के दिहाड़ी मजदूर होने की वजह से बार-बार उनकी बेइज्जती करते थे.

केरल में एक 22 साल के दलित मेडिकल छात्र की मौत से गुस्सा फैल गया है. आरोप लग रहे हैं कि कॉलेज में फैकल्टी मेंबर उसकी जाति, रंग और माता-पिता के दिहाड़ी मजदूर होने की वजह से बार-बार उसकी बेइज्जती करते थे. मृतक की पहचान नितिन राज के तौर पर हुई है, जो बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) के फर्स्ट ईयर के छात्र थे. एक ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जो नितिन की बताई जा रही है. इसमें आरोप लगाया गया है कि फैकल्टी ने कई बार उनका अपमान किया.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नितिन तिरुवनंतपुरम के उझामलक्कल गांव के रहने वाले थे. 10 अप्रैल को कन्नूर जिले में स्थित ‘कन्नूर डेंटल कॉलेज’ कैंपस की एक इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई. उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका. परिवार ने आशंका जताई है कि नितिन की मौत में कोई साजिश हो सकती है.
कन्नूर पुलिस ने शुरू में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था. हालांकि, रविवार, 12 अप्रैल को उन्होंने मामले में BNS की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप भी जोड़ दिए. साथ ही SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान भी लागू किए गए. इस मामले में दो फैकल्टी सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई रविवार को एक ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद की गई, जो कथित तौर पर नितिन की है. इस क्लिप में, नितिन को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है,
“उन्होंने (एक टीचर ने) खुलेआम मेरा अपमान किया और मुझे हद से ज्यादा तकलीफ हुई. मेरी आंसर शीट क्लासरूम में सभी छात्रों के बीच बांट दी गईं और मेरी कुछ स्पेलिंग की गलतियां गिनाई गईं. कल, जब मैं उनकी क्लास में था, तो उन्होंने मेरी मां का मजाक उड़ाया... स्टाफ रूम से बाहर आने के बाद, उन्होंने मुझे बेवकूफ कहा… स्टाफ रूम एक ऐसी जगह है जहां हम पर मिलकर हमला किया जाता है. उन्होंने (टीचर ने) मुझसे कहा कि अगर मैंने आवाज उठाई, तो वे मेरे हाथ-पैर काट देंगे. मैंने उन्हें ऐसा करने की चुनौती दी.”
नितिन की बहन निकिता ने कहा कि उनके भाई को उनके रंग, जाति और माता-पिता के काम को लेकर बार-बार बेइज्जत किया जाता था. उन्होंने बताया,
"बिल्डिंग से गिरने से दो घंटे पहले नितिन ने हमसे बात की थी. हमें किसी साजिश का शक है और हम जानना चाहते हैं कि उसके साथ क्या हुआ. वह अपने कॉलेज की बिल्डिंग से नहीं, बल्कि मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग से गिरा था (जो उसी कैंपस में है)."
इस बीच, सेल्फ फाइनेंसिंग कॉलेज के मैनेजमेंट ने भी कड़ा एक्शन लिया. रविवार को मैनेजमेंट ने एक डिपार्टमेंट हेड और एक एसोसिएट प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया और आरोपों की जांच के आदेश दिए.
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पुलिस ने क्या बताया?
इस मामले की जांच के लिए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (कन्नूर) हरिप्रसाद की अगुवाई में एक स्पेशल जांच टीम बनाई गई है. पुलिस का दावा है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि नितिन ने एक ऑनलाइन ऐप से लोन लिया था. जब वह लोन चुकाने में नाकाम रहा, तो कंपनी के एजेंट उसे फोन पर धमकियां देने लगे. पुलिस ने यह भी दावा किया कि इन एजेंटों ने इस मामले को लेकर कॉलेज के फैकल्टी सदस्यों से भी संपर्क किया था. साइबर पुलिस ने इस मामले में एक और केस दर्ज किया है.
छात्र की मौत के बाद राज्य भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस घटना पर कन्नूर शहर के पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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