The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Kerala Court Gives Life Sentence to Husband Mother-in-Law for Starving Wife to Death Over Dowry

दहेज के लिए बहू को भूखा रखकर मारा, 21 किलो रह गया वजन, कोर्ट ने पति-सास को सुनाई उम्रकैद

चंटूलाल और तुषारा की शादी 9 दिसंबर, 2013 को हुई थी. रिपोर्ट के मुताबिक शादी के वक्त चंटूलाल के परिवार वालों ने तुषारा के परिवार से 20 सोने के सिक्के और 2 लाख रुपये दहेज की मांग की थी. शादी के बाद भी जब तुषारा का परिवार इस डिमांड को पूरा नहीं कर सका तो चंटूलाल का परिवार उनसे जमीन ट्रांसफर करने की जिद पर अड़ गया.

Advertisement
Kerala Court Gives Life Sentence to Husband Mother-in-Law
दहेज प्रताणना के मामले में कोर्ट ने सुनाई मां-बेटे को उम्रकैद.(तस्वीर : इंडिया टुडे)
pic
सौरभ शर्मा
1 मई 2025 (पब्लिश्ड: 09:14 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

केरल के एक सेशन कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए दोषी पति और उसकी मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. दोनों पर आरोप था कि उन्होंने दहेज नहीं मिलने की वजह से बहू को खाना देना बंद कर दिया था. लंबे वक्त तक लगातार भूखा रहने के चलते महिला की हालत बिगड़ती चली गई. आखिरकार उसकी मौत हो गई. अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपों को सही पाया और महिला के पति और सास को दोषी करार दिया.

बार एंड बेंच में छपी खबर के मुताबिक, मौत के वक्त मृतक तुषारा (Thushara) का वजन महज 21 किलोग्राम रह गया था. तुषारा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी बॉडी में पानी की भारी कमी पाई गई थी, जिससे उनके शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. अब कोर्ट ने उनके पति चंटूलाल (Chanthulal) और सास गीतालाली (Geethalali) को बहू की मौत का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है.

चंटूलाल और तुषारा की शादी 9 दिसंबर, 2013 को हुई थी. रिपोर्ट के मुताबिक शादी के वक्त चंटूलाल के परिवार वालों ने तुषारा के परिवार से 20 सोने के सिक्के और 2 लाख रुपये दहेज की मांग की थी. शादी के बाद भी जब तुषारा का परिवार इस डिमांड को पूरा नहीं कर सका तो चंटूलाल का परिवार उनसे जमीन ट्रांसफर करने की जिद पर अड़ गया.

पीड़ित परिवार ये मांग भी पूरी नहीं कर पाया तो चंटूलाल ने तुषारा को घरवारों से दूर रखना शुरू कर दिया. उसे टिन की ऊंची दीवारों वाले कमरे में कैद कर रखा. उन्हें खाना देना बंद कर दिया गया. पानी तक के लिए तरसाया गया. तमाम प्रताणनाओं के बाद 21 मार्च, 2019 को 30 साल की उम्र में तुषारा की मौत हो गई. इसके बाद उनकी मां ने FIR दर्ज कराई और बेटी की हत्या का शक जताया.

बीती 28 अप्रैल को कोल्लम के एडिशनल सेशन कोर्ट ने मां-बेटे बहू की हत्या का दोषी ठहराते हुए कहा, “सबूतों से ये स्पष्ट होता है कि चंटूलाल के पास पर्याप्त साधन और क्षमता होने के बाद भी उसने अपनी पत्नी को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं. तुषारा उस समय असहाय स्थिति में थी और मदद के लिए कहीं और अपील करने में असमर्थ थी. इसके बाद भी आरोपी सास ने जानबूझकर उसे भोजन और दवाओं से वंचित रखा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक तुषारा को जब अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.”

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि पति और सास ने तुषारा को मारने के लिए एक ही मंशा (common intention) से काम किया. इसके साथ ही अदालत ने चंटूलाल और गीतालाली को IPC की धारा 302 (हत्या), 304B (दहेज मृत्यु) और 344 (गैरकानूनी कैद) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई.

वीडियो: पहलगाम के बाद बौखलाया पाकिस्तान, बॉर्डर पर इतना लाव-लश्कर जमा कर लिया

Advertisement

Advertisement

()