बीजेपी सांसद ने अपने दोनों नकली पैर संसद की टेबल पर रख दिए, बताया किसने काटे
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान केरल से आने वाले बीजेपी सांसद C Sadanandan Master ने अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले की कहानी बताई. इस दौरान उन्होंने अपने कृत्रिम पैरों को टेबल पर रख दिया, जिसको लेकर काफी हंगामा हुआ.

संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए केरल से बीजेपी के राज्यसभा सांसद सी सदानंदन मास्टर का एक वीडियो वायरल है. उन्होंने बोलने से पहले अपने दोनों कृत्रिम पैरों को टेबल पर रखा दिया. फिर उन्होंने सदन को 31 साल पहले हुए जानलेवा हमले के बारे में बताया, जिनमें उनको दोनों पैर गंवाने पड़े. सी सदानंदन ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर इसका आरोप लगाया.
बीजेपी के राज्यसभा सांसद सदानंदन मास्टर ने 2 जनवरी को सदन में कहा, “सर यह मेरे दोनों पैर हैं. मैं दो पैरों वाला एक मजबूत शख्स था. लेकिन अब घुटनों के नीचे आर्टिफिशियल लिंब्स हैं. सदन में मैं हर वक्त लोकतंत्र के बारे में सुनता रहता हूं. जो लोग लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं. उन्होंने 31 साल पहले मुझ पर हमला किया था. इन पार्टियों की प्रतिबद्धता लोकतांत्रिक मूल्यों में नहीं राजनीतिक हिंसा में है.”
उन्होंने आगे बताया,
मेरी बहन की शादी होने वाली थी. उस सिलसिले में मैं अपने चाचा से मिलकर घर लौट रहा था. रास्ते में अपराधियों ने मुझे बस से उतारा और सड़क पर गिराकर दोनों पैरों को काट दिया.
सदानंदन मास्टर ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा,
मुझे अफसोस है कि CPI(M) के टॉर्चर के चलते मैं अपने पैरों पर खड़ा होकर सदन में अपनी पहली स्पीच नहीं दे सकता.
बीजेपी सांसद की स्पीच के दौरान विपक्षी दलों ने खूब हंगामा किया. राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जब उन्होंने अपने कृत्रिम पैरों को टेबल पर रखकर बोलना शुरू किया तो केरल के CPI(M) सांसद जॉन ब्रिट्टास ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर उठाया. उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए सदन में कृत्रिम अंग दिखाने पर आपत्ति जताई.
जॉन ब्रिट्टास के साथ कई और विपक्षी सांसदों ने विरोध किया. तब आसन पर बैठे सभापति सीपी राधाकृष्णन ने आश्वासन दिया कि वह सांसद से अपने आर्टिफिशियल अंग नीचे रखने का निर्देश देंगे. वहीं सदन के नेता जेपी नड्डा ने सभापति से अनुरोध किया कि जॉन ब्रिट्टास से बहस के दौरान बोले गए सदानंदन द्वारा बोले गए असंसदीय शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा दें.
कौन हैं सी सदानंदन मास्टर ?
पिछले साल जुलाई में सी सदानंदन मास्टर को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था. वे केरल के कन्नूर जिले से आते हैं. 25 जनवरी 1994 को उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उनके दोनों पैर काट दिए गए थे.
सदानंदन रिटायर्ड शिक्षक हैं और बीजेपी-आरएसएस से जुड़े रहे हैं. उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से बी.कॉम और कालीकट विश्वविद्यालय से बी.एड की डिग्री ली है. पढ़ाने के साथ-साथ वे केरल में नेशनल टीचर्स यूनियन के उपाध्यक्ष भी रहे हैं.
सदानंदन की पारिवारिक पृष्ठभूमि कम्युनिस्ट विचारधारा की थी. लेकिन वे विद्यार्थी जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के जरिए आरएसएस से जुड़ गए. साल 2016 और 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें कुथुपरम्बा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया. यह वही इलाका है जहां 1990 के दशक में कई राजनीतिक हत्याएं हुई थीं.
वीडियो: राज्यसभा में संजय सिंह ने बीजेपी पर क्या आरोप लगाए?

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