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कर्नाटक: कौन हैं सीटी रवि ? जिन्होंने महिला नेता के खिलाफ ऐसे शब्द बोले कि पुलिस 'टांग' ले गई

CT Ravi ने Laxmi Hebbalkar के आरोपों से इनकार किया है. रवि ने कहा है कि उन्होंने किसी अपमानजनक शब्द का नहीं बल्कि 'निराश' शब्द का इस्तेमाल किया था.

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20 दिसंबर 2024 (पब्लिश्ड: 03:11 PM IST)
Laxmi Hebbalkar and CT Ravi
लक्ष्मी हेब्बलकर और सीटी रवि. (फाइल फोटो: एजेंसी)
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कर्नाटक विधान परिषद के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन. तारीख 19 दिसंबर, 2024 और दिन गुरुवार. डॉ भीमराव आंबेडकर के बारे में गृहमंत्री अमित शाह के दिए बयान पर हंगामा हुआ. कांग्रेस और भाजपा ने एक दूसरे पर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाया. हंगामे के बीच BJP नेता सीटी रवि (CT Ravi Arrested) ने एक ऐसा शब्द बोला कि इससे उनकी गिरफ्तारी हो गई.

उन पर कर्नाटक की कांग्रेस नेता और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर के लिए अमर्यादित शब्द कहने का आरोप लगा. सदन में अफरा-तफरी मच गई. हेब्बलकर ने सीटी रवि को काउंटर किया. उन्होंने उनके चुने गए शब्द पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि क्या सीटी रवि महिलाओं से बात करना भूल गए हैं? इसके बाद वो सदन से बाहर चली गईं और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.

शिकायत के बाद विधान परिषद के अध्यक्ष बसवराज होरट्टी ने सदन में अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल की निंदा की. और मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया. रवि ने अपने बचाव में दावा किया कि उन्होंने किसी अपमानजनक शब्द का नहीं बल्कि 'निराश' शब्द का इस्तेमाल किया था.

ये भी पढ़ें: कर्नाटक में वक्फ बोर्ड नहीं करेगा मंदिर और खेतों पर दावा, सीएम सिद्धारमैया का बयान

इसके ठीक पहले क्या हुआ था?

सदन में इस अफरा-तफरी से ठीक पहले रवि, डॉ बीआर आंबेडकर की तख्ती पकड़े हुए थे. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को "ड्रग एडिक्ट" कह दिया. इसके बाद हेब्बलकर ने रवि पर “हत्यारा” होने का आरोप लगाया. उन्होंने रोड रेज के मामले में उनकी कथित संलिप्तता का हवाला दिया. इसी के जवाब में उन्होंने अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया.

हेब्बालकर ने कहा कि उन्होंने महिलाओं का अपमान किया है और राजनीति में आने के इच्छुक लोगों के लिए एक खराब उदाहरण पेश किया है.

तनाव बढ़ गया. विरोध प्रदर्शन होने लगे. इसके बाद बेलगावी पुलिस ने सीटी रवि को गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने हेब्बलकर के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया. और गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ एक अपराधी की तरह व्यवहार किया जा रहा है.

उन्होंने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को अपनी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार ठहराया. रवि ने कहा कि “उनकी हत्या की साजिश रची गई है. और अगर उनके साथ कुछ भी होता है तो कांग्रेस पार्टी, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और लक्ष्मी हेब्बलकर इसके लिए जिम्मेदार होंगे.”

DK Shivakumar ने क्या आरोप लगाए?

इस बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से इस संबंध में सवाल पूछा गया. उन्होंने कहा कि सीटी रवि के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना कोई नई बात नहीं है. ये उनका “कल्चर” बन गया है. उन्होंने कुछ पुराने मामलों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा,

ये कोई नई बात नहीं है. हम सभी जानते हैं कि उन्होंने सिद्धारमैया और दूसरे नेताओं के खिलाफ अतीत में किस तरह के अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है. क्या ये चिकमंगलूर की संस्कृति है? भारतीय संस्कृति? या भाजपा की संस्कृति? मैंने चिकमंगलूर में इस तरह का व्यवहार कभी नहीं देखा. वो इस तरह के एकमात्र व्यक्ति हैं.

उन्होंने इस मामले में स्पीकर की कार्रवाई को निराशाजनक बताया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पुलिस के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करेगी.

CT Ravi कौन हैं?

पूरा नाम चिकमगरवल्ली थिम्मे गौड़ा रवि है. 2004 से 2023 तक चिकमंगलूर विधानसभा सीट से चार बार विधायक रहे. विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस उम्मीदवार एच.डी. थम्मैया ने उनको लगभग 5 हजार वोटों से हरा दिया. BJP के राष्ट्रीय महासचिव भी रहे हैं और कर्नाटक सरकार में कैबिनेट मंत्री भी.

सीटी रवि हिंदुत्व की राजनीति करने के लिए जाने जाते हैं. 2011 भूमि घोटाला और 2012 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनका नाम आ चुका है. 6 अप्रैल, 2009 को हसन जिले में एक चुनाव रैली के दौरान 'भड़काऊ' भाषण के लिए उनको चुनाव आयोग का नोटिस मिला था. 

Hebbalkar ने हत्यारा क्यों कहा?

19 फरवरी, 2019 को तुमकुरु जिले में सड़क के किनारे खड़ी दो कारों से सीटी रवि की SUV टकरा गई. दो लोगों की मौत हो गई और 3 घायल हो गए. रवि पर नशे में तेज गति से गाड़ी चलाने के आरोप लगे. हालांकि, उनकी पार्टी ने कहा कि रवि गाड़ी नहीं चला रहे थे. स्थानीय लोगों ने रवि पर मृतकों के परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का भी आरोप लगाया.

वीडियो: ‘मस्जिद में जय श्रीराम का नारा अपराध कैसे?’ सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक पुलिस से क्या जवाब मांगा?

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