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एक हफ्ते में रिटायरमेंट थी, सीनियर पर गंभीर आरोप लगाकर सरकारी अफसर ने जान दे दी

Karnataka: मल्लिकार्जुन ने आत्महत्या करने से पहले अपने दोस्तों को वॉट्सऐप पर एक वीडियो भेजा, जिसमें उन्होंने अपने सीनियर अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए.

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22 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 06:10 PM IST)
Karnataka Social welfare department official suicide blames senior
मृतक की पहचान मल्लिकार्जुन (60) के तौर पर हुई है. (फोटो: सोशल मीडिया)
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कर्नाटक के तुमकुरु जिले में समाज कल्याण विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर ने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी. मृतक की पहचान मल्लिकार्जुन (60) के तौर पर हुई है. पुलिस ने बताया कि इसी साल मार्च के आखिरी हफ्ते में वो रिटायर्ड होने वाले थे. मल्लिकार्जुन ने आत्महत्या करने से पहले अपने दोस्तों को वॉट्सऐप पर एक वीडियो भेजा, जिसमें उन्होंने अपने सीनियर अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, मल्लिकार्जुन अपनी मां के साथ पावगड़ा (तुमकुरु) में रहते थे जबकि उनकी पत्नी और बच्चे तुमकुरु में रहते हैं. 

शुक्रवार, 20 मार्च को पावगड़ा में ऑफिस में उन्होंने अपनी जान दे दी. मल्लिकार्जुन ने अपने जॉइंट डायरेक्टर कृष्णप्पा पर उन्हें परेशान करने और यह कदम उठाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया. वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है,

“मेरे परिवार ने मेरी बहुत अच्छी देखभाल की है. मुझे उनकी मदद करनी चाहिए थी, लेकिन कृष्णप्पा की प्रताड़ना ने मुझे यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया. भगवान उसे सजा देगा. कानून भी उससे निपटेगा. मेरे परिवार वालों को बदला लेने की जरूरत नहीं है.”

मल्लिकार्जुन की पत्नी की शिकायत के आधार पर पावगड़ा टाउन पुलिस ने कृष्णप्पा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है.

ये भी पढ़ें: कई महीनों से सैलरी नहीं दी... बड़े अफसरों ने इतना परेशान किया कि कर्मचारी ने जान दे दी

इससे पहले, जम्मू-कश्मीर में सिंचाई विभाग में सहायक के तौर पर काम करने वाले पूरन चंद (55) ने अपनी जान दे दी थी. वे जम्मू के आरएस पुरा कस्बे के रहने वाले थे. 10 नवंबर 2025 को पूरन चंद खेतों में बुरी तरह जले हुए मिले. राहगीरों ने उन्हें देखकर पुलिस को जानकारी दी. उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. 

पुलिस जांच में पता चला कि पूरन चंद ने अपने कुछ सीनियर अधिकारियों के लगातार मानसिक प्रताड़ना और कई महीनों की सैलरी रोकने जैसी वजहों से यह कदम उठाया. इसके बाद पुलिस ने सिंचाई विभाग के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया. जिनकी पहचान प्रभारी जिलेदार सुरजीत कुमार और राम मूर्ति तथा सिंचाई विभाग में अमीन के रूप में काम करने वाले गिरधारी लाल के रूप में हुई. 

वीडियो: मध्य प्रदेश में कांस्टेबल ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में भ्रष्टाचार को ठहराया जिम्मेदार

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