अब कर्नाटक में भी राज्यपाल के अभिभाषण पर विवाद, गवर्नर ने संबोधन देने से ही मना किया
Karnataka governor assembly: तमिलनाडु और केरल के बाद कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने विधानसभा के ज्वाइंट सेशन को संबोधित करने से इनकार कर दिया है. परंपरा के अनुसार, सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से की जाती है.
.webp?width=210)
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने विधानसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करने से मना कर दिया है. ये सत्र 22 जनवरी से शुरू होकर 31 जनवरी तक चलना है. परंपरा के मुताबिक, राज्यपाल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत होती है. मगर राज्यपाल गहलोत ने सत्र में आने से ही मना कर दिया. हालांकि, सरकार ने राज्यपाल थावरचंद के फैसले के बाद उनसे बात करने का निर्णय लिया है.
इससे पहले पड़ोसी राज्य तमिलनाडु और केरल में विधानसभाओं में राज्यपाल के भाषण को लेकर विवाद खड़ा हुआ था. दोनों ही राज्यों में गैर-BJP सरकारें हैं. इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार नागार्जुन की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के मसौदे में बदलाव की मांग की है. इस स्पीच को राज्य सरकार ने तैयार किया था. मगर अब तक इस पर कोई आधिकारिक तौर पर बयान सामने नहीं आया है.
अब कर्नाटक के कानून और संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से बात करने पहुंचा है. इस प्रतिनिधिमंडल में एडवोकेट जनरल शशि किरण शेट्टी और मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार पोनन्ना भी शामिल हैं. सरकार की कोशिश है कि बैठक के बाद राज्यपाल विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए राजी हो जाएं.
तमिलनाडु और केरल में भी हंगामाकर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के विधानसभा के संयुक्त सत्र में ना आने से एक दिन पहले यानी 20 जनवरी को पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में भी काफी कुछ हुआ था. तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि विधानसभा सत्र बीच में ही छोड़कर बाहर चले गए थे. सत्र के पहले दिन ही राज्यपाल और और सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के बीच तीखी झड़प हो गई थी. बताया जा रहा है कि उन्होंने तमिल एंथम के बाद राष्ट्रगान बजाने की मांग की थी, जिसे स्पीकर अप्पावु ने मानने से इनकार कर दिया. गवर्नर आरएन रवि ने आरोप लगाया कि राष्ट्रगान का अपमान किया गया.
ये भी पढ़ें: 'राष्ट्रगान का अपमान हुआ, मेरा माइक बंद किया...', विधानसभा से बाहर निकले TN गवर्नर
मंगलवार, यानी 20 जनवरी को केरल की विधानसभा में भी हंगामा हुआ. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य मंत्रिमंडल से मंजूर नीतिगत भाषण पूरा नहीं पढ़ा. उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने केंद्र की वित्तीय नीतियों की आलोचना करने वाले पैरा और लंबित विधेयकों वाली लाइनें नहीं पढ़ीं.
वीडियो: ‘बॉर्डर 2’ मेकर्स से हो गई बड़ी चूक, जो फिल्म को भारी पड़ सकती है

.webp?width=60)

