The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Karnataka CM Siddaramaiah DK Shivakumar breakfast congressnhigh command 2028 election

नाश्ता के बाद लंच-डिनर भी होगा, पर DK ने एक लाइन में बता दिया पिक्चर अभी बाक़ी है!

Karnataka CM Siddaramaiah और डिप्टी सीएम DK Shivakumar ने एक सुर में कहा कि दोनों मिलकर Congress के लिए काम करेंगे. लेकिन DK एक लाइन में बहुत कुछ बता गए.

Advertisement
Siddaramaiah, DK Shivakumar, Siddaramaiah DK Shivakumar breakfast, breakfast, karnataka, karnataka news
नाश्ते के बाद मीडिया से बात करते डिप्टी CM डीके शिवकुमार (बाएं) और CM सिद्दारमैया (दाएं).
pic
मौ. जिशान
29 नवंबर 2025 (Updated: 29 नवंबर 2025, 07:13 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

कर्नाटक कांग्रेस में जो राजनीतिक आग सुलग रही थी, उसे मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच नाश्ते ने शांत कर दिया. कांग्रेस के दोनों कद्दावर नेताओं ने किसी भी मतभेद से इनकार किया और कहा कि वे बस पार्टी के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं. नाश्ते के बाद सोशल मीडिया पोस्ट में सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार ने साफ किया कि कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर कोई संकट नहीं है और दोनों नेता कांग्रेस हाईकमान के मातहत हैं.

शनिवार, 29 नवंबर की सुबह मुख्यमंत्री आवास पर उपमा, इडली और सांभर के साथ सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार ने नाश्ता किया. हाईकमान के आदेश का पालन करते हुए दोनों नेताओं ने यह नाश्ता किया था. इसके बाद दोनों नेताओं ने एक सुर में कहा कि दोनों के बीच किसी भी मुद्दे को लेकर कोई विवाद नहीं है और आगे भी नहीं होगा.

मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने डीके शिवकुमार के साथ नाश्ता करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा,

"हमारा एजेंडा 2028 के चुनाव हैं. लोकल बॉडी चुनाव जरूरी हैं. हमने उन पर चर्चा की. हमने 2028 के चुनावों में कांग्रेस को (सत्ता में) वापस लाने पर भी चर्चा की. हमने चर्चा की कि हम साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे. हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होगा."

सिद्दारमैया ने यह भी दोहराया कि वे इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे. उन्होंने कहा,

"हमने तय किया है कि हाईकमान जो भी कहेगा, हम उसका पालन करेंगे. कल से कोई कंफ्यूजन नहीं रहेगा. अभी भी कोई कंफ्यूजन नहीं है. कुछ मीडिया रिपोर्टर्स ने कंफ्यूजन पैदा की है."

मुख्यमंत्री ने विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से आने वाले नो-कॉन्फिडेंस मोशन की चुनौती पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा,

"BJP और जनता दल (सेक्युलर) (JDS) ने अखबारों में बयान जारी कर कहा है कि वे अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे. यह नामुमकिन है, क्योंकि हमारे पास 142 सदस्य हैं, उनके पास केवल 64 और JDS के पास 18. दोनों के मिलकर 82 सदस्य बनते हैं. मुझे लगता है कि यह एक नाकाम कोशिश होगी. विपक्षी दल चाहे जितने भी झूठे आरोप लगाएं, हम उन सभी का प्रभावी ढंग से मुकाबला करेंगे."

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्दारमैया के साथ शामिल हुए डीके शिवकुमार ने भी ऐसी ही बातें कहीं. उन्होंने खुद को कांग्रेस पार्टी का वफादार सिपाही बताया. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस हाईकमान के बुलाने पर वे नई दिल्ली जाएंगे. डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने कहा,

"जहां तक ​​लीडरशिप की बात है, हम अपनी पार्टी हाईकमान को मानते हैं. वे जो भी कहते हैं, वो हमारा फैसला है. हम पार्टी के वफादार सिपाही रहे हैं. हम जानते हैं कि हमारे देश में पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है. लेकिन हमें भरोसा है कि कर्नाटक एक बड़ी भूमिका निभाएगा, हम 2028 में सरकार रिपीट करेंगे और मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में 2029 में भी आगे बढ़ेंगे."

यह समझौता ऐसे समय पर हुआ, जब कर्नाटक में नेतृत्व का सवाल फिर से गरमा गया. पार्टी की 2023 की जीत ने सिद्दारमैय्या और डीके के खेमों के बीच अनौपचारिक सत्ता-बंटवारे को लेकर पुराने तनाव को फिर से जगा दिया.

DK Shivakumar
डीके शिवकुमार का पोस्ट. (X @DKShivakumar)

सिद्दारमैया का इस महीने ही अपने कार्यकाल का आधा कार्यकाल पूरा हुआ है. ऐसे में शिवकुमार के समर्थक अब इस बात पर जोर दे रहे हैं कि कांग्रेस की 2023 की विधानसभा चुनाव जीत के बाद आलाकमान के वादों के मुताबिक शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाए.

वीडियो: नेतानगरी: सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की लड़ाई कांग्रेस को भारी तो नहीं पड़ जाएगी?

Advertisement

Advertisement

()