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किडनी रैकेट: बिस्तर पर नोटों का ढेर और उन्हें लहराता किडनी चोर डॉक्टर, वीडियो खून खौला देगा

Kanpur Illegal kidney transplants Viral video: कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट के एक आरोपी के फोन से पुलिस को वीडियो मिला है. इसमें कथित तौर पर डॉ. अफजल और उनका ड्राइवर परवेज सैफी बिस्तर पर 500-500 की नोटों की गड्डियों के साथ लेटे हुए हैं.

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7 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 7 अप्रैल 2026, 08:29 PM IST)
Kanpur Illegal kidney transplants Viral video
अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की जांच में मिले वीडियो में आरोपी नजर आ रहे हैं. (फोटो-सोशल मीडिया)
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कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की जांच में पुलिस ने एक वीडियो बरामद किया. 19 सेकेंड के इस क्लिप में कथित तौर पर आरोपी डॉ. अफजल और उनका ड्राइवर परवेज सैफी बिस्तर पर लेटे हुए हैं. और उनके आस-पास 500-500 रुपये के नोटों के ढेर सारे बंडल हैं. बताया गया कि यह क्लिप एम्बुलेंस ड्राइवर शिवम अग्रवाल के मोबाइल फोन से मिली थी.

इस किडनी रैकेट की जांच के दौरान पुलिस को कई क्लिप मिले हैं. कुछ क्लिप में आरोपी शिवम डॉक्टर बनकर पोज दे रहा है और कुछ में मरीज दिख रहा है. एक अन्य वीडियो में अमृतसर का एक बुजुर्ग व्यक्ति भी दिख रहा है, जिनसे कथित तौर पर ट्रांसप्लांट के लिए 43 लाख रुपये लिए गए थे. मगर उनका ऑपरेशन कभी हुआ ही नहीं.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, परवेज सैफी पर मेरठ में लूट और डकैती समेत सात आपराधिक मामले दर्ज हैं. वो इस मामले में गाड़ियों का इंतजाम करता था. डॉ. अफजल पर आरोप है कि वो न केवल सर्जिकल नेटवर्क का हिस्सा था, बल्कि डोनर्स को ढूंढने में भी उसने अहम भूमिका निभाई थी.

इंडिया टुडे से जुड़ीं सिमर चावला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रैकेट के तार सोशल मीडिया तक जुड़े थे. माने कि टेलीग्राम और वॉट्सऐप के जरिए ऐसे व्यक्तियों की तलाश की जाती थी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या जिन्हें पैसों की जरूरत हैं. शुरुआत में इन लोगों का भरोसा जीतने के लिए छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क दिए जाते थे. टास्क के बदले उन्हें पैसे भी मिलते थे.

जांच में सामने आया कि किसी व्यक्ति को पैसों की जब जरूरत होती थी, तो उन्हें बड़ी रकम का लालच देकर किडनी डोनर बनने के लिए कहा जाता था. आरोप है कि अक्सर आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों से 5-6 लाख रुपये में किडनी ली जाती थी. फिर उन्हें 60 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की कीमत पर जरूरतमंदों को बेच दिया जाता था.

पुलिस को एक सूत्र से अवैध किडनी ट्रांसप्लांट की सूचना मिली थी. जानकारी के आधार पर कानपुर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने 29 और 30 मार्च को कल्याणपुर रावतपुर इलाके के तीन अस्पतालों पर रेड की. इसमें आहूजा अस्पताल, प्रिया अस्पताल और मेड लाइफ अस्पताल शामिल थे.

ये भी पढ़ें: नोएडा तक फैला कानपुर का किडनी रैकेट, पैसे के लिए डॉक्टरों ने कई गरीबों के पेट फाड़े

इस मामले में पुलिस ने डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा (54), उनकी पत्नी डॉ. प्रीति आहूजा (50), डॉ. राजेश कुमार (44), डॉ. राम प्रकाश (40) और डॉ. नरेंद्र सिंह (35), शिवम अग्रवाल, दो ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन, राजेश कुमार और कुलदीप सिंह को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि शिवम ही डोनर्स को डॉक्टरों तक लाता था.

अभी तक की जांच के हवाले से बताया गया है कि डॉक्टर दंपती के अस्पताल में सात से आठ अवैध ट्रांसप्लांट किए गए हो सकते हैं. इस मामले में पुलिस ने कानपुर, मेरठ, गाजियाबाद और लखनऊ जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMOs) को पत्र लिखकर उन अस्पतालों के सत्यापन की मांग की है. जिनकी भूमिका कथित किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की जांच में सामने आई है. पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है. उसका कहना है कि वे जल्द ही अदालत में एक अर्जी दाखिल कर सभी आरोपियों की कस्टडी रिमांड की मांग करेंगे. 

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