बाथरूम के फ्लश-गद्दों में निकले नोट, यूपी के रिटायर्ड अफसर के पास मिली 100 करोड़ की प्रॉपर्टी
Keshav Lal Corruption Case: नोएडा के रहने वाले रिटायर्ड अफसर केशव लाल के पास 100 करोड़ की संपत्ति का पता चला है. पहले उनके घर पर रेड पड़ी, घर से करोड़ों का कैश बरामद हुआ. विजिलेंस टीम ने अब रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक रिटायर्ड अफसर के पास 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का पता चला है. 9 साल पहले उनके घर पर रेड पड़ी थी. तब उनके घर से करीब दस करोड़ रुपये कैश और 3 करोड़ रुपये के गहने मिले थे. जांच चलती रही और अब इतनी बड़ी संपत्ति का खुलासा हुआ. रकम इतनी ज्यादा है कि जांच टीम खुद हैरान है. आइए इस भ्रष्टाचार के बारे में सब जानते हैं.
आजतक से जुड़े संतोष शर्मा की रिपोर्ट बताती है कि अफसर कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट में एडिशनल कमिश्नर थे (Commercial tax department). उनका नाम केशव लाल है. मूल रूप से चंदौली जिले के बमहनियाव गांव के रहने वाले हैं. फिलहाल नोएडा सेक्टर-34 में रह रहे हैं.
बाथरूम, बेडरूम, डिब्बे, हर जगह नोटकेस 9 साल पुराना है. 2017 में वो कानपुर में पोस्टेड थे. 19 अप्रैल का दिन था. इनकम टैक्स ने उनके घर पर छापेमारी की. तब उनके घर से करोड़ों का कैश और गहने मिले थे. रेड के दौरान गद्दों, अलमारियों से लेकर बाथरूम के फ्लश से भी नोटों की गड्डियां मिली थीं. पूजा रूम से लेकर बेडरूम में नोटों की खूब गड्डियां मिली थीं. अलमारी के भीतर कपड़ों के बीच से और शर्ट की जेब से भी नोट मिले थे. इतना ही नहीं बेडरूम में 3 ऐसे डिब्बे मिले, जिनमें नोट भरे हुए थे.
रेड के दौरान जब पूछताछ की गई तो केशव लाल ने ठीक-ठीक जवाब नहीं दिया. फिर जांच बैठी. उन्हें अनिवार्य रूप से रिटायर या कंपल्सरी रिटायरमेंट दे दिया गया (compulsory retirement). डिटेल जांच के लिए मामला विजिलेंस को सौंपा गया. भ्रष्टाचार और घूसखोरी के खिलाफ जांच करने वाली एजेंसी को विजिलेंस कहते हैं. विजिलेंस टीम की जांच अब पूरी हो गई है. उन्होंने सरकार को रिपोर्ट सौंपी है जिसपर एक्शन लिया जाएगा. रिपोर्ट में केशव लाल के करप्शन का पूरा ब्यौरा दिया गया है.
विजिलेंस टीम ने बताया है कि रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर की संपत्ति उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से बहुत ज्यादा है. ये रकम एक सौ करोड़ रुपये से ज्यादा भी हो सकती है. जांच में ये भी पता चला कि केशव लाल के पास पांच शहरों में कई संपत्तियां हैं. जिनमें लखनऊ में दो और कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद और नोएडा में एक-एक प्रॉपर्टी शामिल है. इन सभी की कुल कीमत करोड़ों में है. पिछले साल जुलाई के महीने में योगी सरकार ने आदेश दिया कि केशव लाल को अब पेंशन भी नहीं मिलेगी. ये आदेश डिटेल जांच रिपोर्ट के बाद जारी किया गया था.
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