'जेब में प्याज रखो लू नहीं लगेगी', ज्योतिरादित्य सिंधिया के दावे का सच डॉक्टर ने बता दिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया का दावा है कि न तो उनकी गाड़ी में एसी है और न ही वो एयर कंडीशन वातावरण में बैठते हैं. लेकिन जून की 51 डिग्री वाली गर्मी भी उनका कुछ बिगाड़ नहीं पाती क्योंकि वह पॉकेट में प्याज रखते हैं.

गर्मी को अपने ही रिकॉर्ड तोड़ने का शौक है. हर दोपहरी पहले वाली दोपहरी से ज्यादा झुलसाने के कंपटीशन में लगी है. इस वजह से लू के खतरों ने लोगों को उनके घरों में कैद कर दिया है. लेकिन देश के संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि लोग जेब में प्याज रखकर घर से बाहर निकलें, कुछ नहीं होगा. कोई लू नहीं लगेगी.
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की एक जनसभा में ज्योतिरादित्य सिंधिया ये भी दावा करते हैं कि न तो उनकी गाड़ी में एसी है और न ही वो एयर कंडीशन वातावरण में बैठते हैं. लेकिन जून की 51 डिग्री वाली गर्मी भी उनका कुछ बिगाड़ नहीं पाती, क्योंकि वह पॉकेट में प्याज रखते हैं.
हालांकि, डॉक्टरों की सलाह मंत्री के दावे से बिल्कुल अलग है. डॉक्टर इस बारे में क्या कहते हैं, वो हम आपको बताएंगे. लेकिन पहले जान लेते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा क्या है.
सोशल मीडिया पर वायरल है वीडियोरविवार, 26 अप्रैल का ये वीडियो शिवपुरी जिले के पिछोर का है. वीडियो में भारत सरकार के संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एक जनसभा को संबोधित कर रहे हैं. बात भीषण गर्मी की आती है तो सिंधिया अपनी जेब से प्याज निकाल लेते हैं. कहते हैं,
पॉकेट में प्याज ले जाओ. कुछ नहीं होने वाला तुमको.
सिंधिया आगे बताते हैं कि न उनकी गाड़ी में एयर कंडीशन है. न एसी के वातावरण में वह बैठते हैं. जब लोग उनसे पूछते हैं कि मई-जून में भी 51 डिग्री की गर्मी में वह ऐसे कैसे रहते हैं तो वह बताते हैं कि ‘ये चंबल की चमड़ी है’. वो एक ‘दूसरी बात’ भी बताते हैं. सिंधिया कहते हैं,
'आयुर्वेद नहीं भूलना चाहिए'एक दूसरी बात बताऊं? मैं थोड़ा जवान दिखता हूं लेकिन मेरी आत्मा बड़ी बूढ़ी है. पॉकेट में प्याज ले जाओ. कुछ नहीं होने वाला तुमको. आधुनिक युग में सभी डिब्बे लेकर घूम रहे हैं. संचार मंत्री प्याज लेकर घूम रहे हैं.
वीडियो में सिंधिया आगे कहते हैं, ‘पुरानी चीजों और आयुर्वेद को हमें भूलना नहीं चाहिए. जून में 51 डिग्री भी तापमान होगा तो सिर के ऊपर पट्टा लगाओ और पॉकेट में प्याज डालो. कुछ नहीं होगा.’
प्याज के सहारे बिना एसी के भीषण गर्मी काट लेने का ज्योतिरादित्य सिंधिया का दावा कितना सही है वही जानें, लेकिन सवाल है कि क्या ये सच है कि जेब में प्याज रखने से लू नहीं लगती? आम जनता के बीच भी ऐसी मान्यता है कि प्याज लेकर चलने से भीषण गर्मी में लू नहीं लगती. लेकिन क्या इसका कोई वैज्ञानिक सबूत है?
डॉक्टर क्या कहते हैं?ये बात हमने ‘वनडाइटटुडे’ की सीनियर डाइटिशियन और फाउंडर डॉ. अनु अग्रवाल से पूछी. उन्होंने कहा,
इस बारे में कोई भी साइंटिफिक फैक्ट्स नहीं हैं. कोई भी एविडेंस नहीं है. वैज्ञानिक तौर पर कहीं नहीं लिखा है कि आप प्याज को जेब में रखकर जाएंगे तो उससे आपको लू नहीं लगेगी.
डॉ. अनु ने आगे कहा कि बहुत पुराने समय से भारत में एक परंपरा रही है. गर्मियों के पीक सीजन में जब गर्म हवाएं चलती थीं, लू चलती थी तो लोग कहते थे कि जेब में प्याज रखकर निकलिए. इससे लू नहीं लगेगी. लेकिन ऐसा कहने वाले से कभी किसी ने पूछा है कि जो जेब में प्याज रखकर निकले हैं, उनको लू लगी या नहीं? डॉक्टर आगे कहती हैं,
प्याज में कूलिंग प्रॉपर्टीज तो होती है. साथ ही प्याज में बहुत बढ़िया एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं. यह बॉडी को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है क्योंकि उसमें वाटर कंटेंट अच्छा-खासा होता है. इसलिए ऐसा माना जाता था कि जब भी गर्मियों में आप घर से बाहर निकलें तो कच्ची प्याज खाकर निकलें. सलाद में कच्ची प्याज खाएं.
अनु अग्रवाल ने बताया कि लोग दही के साथ रायता बनाकर भी प्याज खाते थे. दही की प्रॉपर्टी भी ठंडी होती है. इस वजह से लोग प्रेफर करते थे कि जब भी घर से खाना खाकर निकल रहे हैं तो साथ में प्याज का रायता खाएं. ऐसा करने से शरीर में हाइड्रेशन मेंटेन रहता है. यानी पानी की कमी नहीं होती है. बॉडी का टेंपरेचर मेंटेन रहता है और वो कूलिंग मोड में रहती है. इससे लू लगने से बचा जा सकता है.
डॉक्टर ने कहा कि साइंटिफिकली प्याज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स, उसकी कूलिंग प्रॉपर्टीज, उसमें मौजूद पानी ही हमें लू लगने से बचाता है. इसलिए लू से बचने के लिए कच्चा प्याज खाना बेहतर होता है न कि उसे जेब में रखना.
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