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साहिल धनशेरा को जिस नाबालिग ने स्कॉर्पियो से टक्कर मारी, उसने जुवेनाइल बोर्ड से क्या कहा?

Juvenile Justice Board ने 10 फरवरी को नाबालिग को बोर्ड परीक्षा देने के लिए अंतरिम जमानत दे दी और 9 मार्च को परीक्षा खत्म होने पर सरेंडर करने का निर्देश दिया. यह राहत किशोर के वकील की याचिका पर दी गई थी. वकील ने तर्क दिया था कि ऑब्जर्वेशन होम में नाबालिग को पढ़ाई करने में दिक्कत आ रही थी.

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19 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 05:20 PM IST)
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नाबालिग स्कॉर्पियो ड्राइवर ने साहिल(फोटो में) को टक्कर मार दी थी. (इंडिया टुडे)
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दिल्ली के द्वारका इलाके में एक तेज रफ्तार महिंद्रा स्कॉर्पियो की चपेट में आने से 23 साल के साहिल धनेशरा की मौत हो गई. आरोप है कि एक 17 साल के नाबालिग ड्राइवर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी. साहिल की मौत के एक दिन बाद नाबालिग लड़के को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के सामने पेश किया गया. बताया जा रहा है कि JJB के सामने नाबालिग ने घटना को लेकर ‘कोई अफसोस नहीं’ जाहिर किया.

हिंदुस्तान टाइम्स ने बताया कि उसके पास जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के आदेश की कॉपी है. उसके मुताबिक JJB ने 4 फरवरी को दिए गए आदेश में कहा, 

17 वर्षीय नाबालिग से पूछताछ करने पर पता चला कि वह मानव जीवन के महत्व को नहीं समझता और अपने किए के लिए उसको पछतावा नहीं है. 

बोर्ड के आदेश के मुताबिक नाबालिग को रिहैबिलिटेशन और काउंसलिंग के लिए ऑब्जर्वेशन होम में भेज दिया गया है. इस फैसले के छह दिन बाद 10 फरवरी को JJB ने नाबालिग को 10वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा देने के लिए अंतरिम जमानत दे दी और 9 मार्च को परीक्षा खत्म होने पर सरेंडर करने का निर्देश दिया. 

यह राहत किशोर के वकील की याचिका पर दी गई थी. वकील ने तर्क दिया था कि ऑब्जर्वेशन होम में नाबालिग को पढ़ाई करने में दिक्कत आ रही थी. प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट चित्रांशी अरोड़ा ने अपने आदेश में कहा, 

 बोर्ड को पता है कि वह 10वीं क्लास का छात्र है और उसके शैक्षणिक भविष्य पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ना चाहिए.

नाबालिग को 10 हजार रुपये के पर्सनल बॉन्ड और इतने ही पैसे की सिक्योरिटी जमा करने पर 9 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी गई. इस अवधि के बीच बोर्ड अगर निर्देश देता है तो नाबालिग के पिता को कोर्ट के सामने उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी. JJB ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया कि यह व्यवस्था पूरी तरह से अस्थायी और अंतरिम प्रकृति की है. इसे मिसाल के तौर पर नहीं लिया जाएगा. पिता को 9 मार्च को अपने बेटे के साथ पेश होने का निर्देश दिया गया है, जब जमानत याचिका पर नियमित सुनवाई शुरू होगी.

यह घटना बीती 3 फरवरी की है. पुलिस का आरोप है कि नाबालिग की तेज रफ्तार SUV ने बाइक सवार साहिल धनेशरा को टक्कर मार दी, जिसके चलते उनकीम मौके पर ही मौत हो गई. गाड़ी ड्राइव कर रहे नाबालिग के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर ऑब्जर्वेशन होम में भेज दिया था.

वीडियो: सोशल लिस्ट: द्वारका रोड एक्सीडेंट: साहिल धनशेरा की मौत का ज़िम्मेदार कौन? रोती मां ने क्या बताया?

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