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जस्टिस यशवंत वर्मा ने दिया इस्तीफा, बंगले से मिले थे जले हुए नोट

14 मार्च को जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित बंगले के एक हिस्से में आग लग गई थी. आग बुझाने पहुंचे अग्निशमन दल के लोगों को उनके घर से बड़ी मात्रा में कैश मिला था. जस्टिस यशवंत वर्मा ने अब अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को सौंप दिया है.

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10 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 10 अप्रैल 2026, 01:35 PM IST)
justice yashwant verma resignation
जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. (फाइल फोटो: आजतक)
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इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है (Yashwant Verma Resign). 14 मार्च 2025 को उनके दिल्ली स्थित बंगले से भारी मात्रा में कैश मिला था. इसके बाद जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट के लिए कर दिया गया था. उन्हें पद से हटाने के लिए महाभियोग की प्रक्रिया भी चल रही थी. 

9 अप्रैल को जस्टिस यशवंत वर्मा ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को सौंप दिया. इस्तीफे में उन्होंने लिखा,

"मैं आपके सम्मानित दफ्तर को उन कारणों के बारे में नहीं बताना चाहता जिसकी वजह से मुझे ये पत्र पेश करना पड़ रहा है. फिर भी बहुत दुख के साथ मैं इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश पद से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे रहा हूं."

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(फोटो: लल्लनटॉप)

क्या है पूरा मामला?

14 मार्च को जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित बंगले के एक हिस्से में आग लग गई थी. आग बुझाने पहुंचे अग्निशमन दल के लोगों को उनके घर से बड़ी मात्रा में कैश मिला था. बवाल मचा तो इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आंतरिक जांच का आदेश दिया और जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया. जांच के लिए देश के तत्कालीन चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने एक जांच पैनल बनाया.

जस्टिस वर्मा ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके बंगले के एक हिस्से में कैश पड़ा है. हालांकि, कमेटी ने निष्कर्ष निकाला है कि उनके इस बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता.

सुप्रीम कोर्ट से लगा था झटका

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा की याचिका भी खारिज कर दी थी. इस याचिका में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों वाले पैनल की रिपोर्ट को चुनौती दी थी. जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास से ढेर सारा कैश मिला था. आतंरिक जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाई गई कमेटी ने इस मामले में जस्टिस वर्मा को दोषी पाया था. इसी रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना ने उनके खिलाफ महाभियोग की सिफारिश की थी. जस्टिस वर्मा ने इस सिफारिश को वापस लेने की भी मांग की थी. 

वीडियो: नेतानगरी: जस्टिस यशवंत वर्मा के घर मिले कैश को लेकर उठ रहे गंभीर सवाल, FIR होगी या नहीं?

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