'दलित विक्टिम कार्ड खेलकर...' UGC पर JNU कुलपति के बयान से छिड़ा विवाद, JNUSU ने इस्तीफा मांगा
JNU की कुलपति Shantishree Dhulipudi Pandit ने दलितों और अश्वेतों की तरफ इशारा करते हुए कहा, “आप हमेशा विक्टिम बनकर या विक्टिम कार्ड खेलकर तरक्की नहीं कर सकते.” इसके अलावा उन्होंने UGC के नए इक्विटी रेगुलेशन की भी आलोचना की.
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जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की कुलपति शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के इस्तीफे की मांग उठ रही है. इस्तीफा मांगने वाली जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) का आरोप है कि एक इंटरव्यू के दौरान कुलपति ने जातिवादी बयान दिए. कुलपति शांतिश्री ने दलितों और अश्वेतों की तरफ इशारा करते हुए कहा, "आप हमेशा विक्टिम बनकर या विक्टिम कार्ड खेलकर तरक्की नहीं कर सकते." इसके अलावा उन्होंने UGC के नए इक्विटी रेगुलेशन की भी आलोचना की और इसे ‘पूरी तरह से गैर-जरूरी’ बताया.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, JNUSU ने शुक्रवार, 20 फरवरी को कहा कि वे कुलपति के जातिवादी बयानों से हैरान हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिश्री की बातें यूनिवर्सिटी और पब्लिक जगहों पर अन्याय और जाति के दबदबे को दिखाती हैं. यूनियन ने कुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार (21 फरवरी) को ‘नेशनल प्रोटेस्ट डे’ मनाने की अपील की है.
कुलपति ने ये बयान ‘द संडे गार्डियन’ को दिए 52 मिनट के इंटरव्यू में दिए, जिसे 16 फरवरी को पॉडकास्ट के तौर पर पब्लिश किया गया था. उन्होंने कैंपस में स्टूडेंट प्रोटेस्ट और JNU में लेफ्ट की भूमिका के अलावा UGC इक्विटी रेगुलेशंस के बारे में विस्तार से बात की.
UGC इक्विटी रेगुलेशन पर, शांतिश्री ने कहा,
कुलपति ने दावा किया कि "ओपन कैटेगरी के लोग भी नाराज हैं और रिजर्व कैटेगरी के लोग भी कह रहे हैं कि आपने इसे लागू नहीं किया है." उन्होंने UGC नियमों को ‘पूरी तरह से गैर-जरूरी’, ‘बिना सोचे-समझे’ और ‘वोकिज्म’ बताया. शांतिश्री ने कहा,
UGC इक्विटी रेगुलेशन 2026 को 13 जनवरी को नोटिफाई किया गया था. इसका मकसद हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स में जाति-आधारित भेदभाव को दूर करना था. सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को इन रेगुलेशन पर रोक लगा दी थी. यह कहते हुए कि इनके नतीजे ‘बहुत बड़े हो सकते हैं’ और इनमें ‘समाज को बांटने’ की क्षमता है.
RSS को लेकर क्या कहा?
JNUSU ने कुलपति शांतिश्री की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी पहचान पर भी ऐतराज जताया. इंटरव्यू में उन्होंने कहा था,
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कुलपति ने आरोपों को किया खारिज
न्यूज एजेंसी को दिए अपने बयान में कुलपति शांतिश्री ने इस आरोप को खारिज कर दिया कि उनकी बातें जातिवादी थीं. उन्होंने से कहा,
आगे उन्होंने कहा, “मैं खुद एक बहुजन हूं, मैं OBC बैकग्राउंड से आती हूं.”
UGC नियमों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि पॉडकास्ट के कुछ हिस्सों को गलत तरीके से लिया गया है. उन्होंने कहा, "जब UGC रेगुलेशन की आलोचना की गई, तो पूरा विवाद गैर-जरूरी था. शक है कि उचित सावधानी नहीं बरती गई.”
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