मैनेजर ने किया करोड़ों का गोल्ड लोन घोटाला, बचने को बैंक लूटने की दी सुपारी, ऐसे खुला पूरा खेल
PNB की ब्रांच में घोटाला करने के बाद आरोपी बैंक मैनेजर ने सिर्फ प्लान B ही नहीं, बल्कि एक प्लान C भी तैयार किया था. और इसके तहत उसने साल भर पहले अपना 4 करोड़ रुपये का टर्म इंश्योरेंस करवाया था. इसे लेकर उसकी बड़ी तैयारी थी.

राजस्थान के झुंझुनू जिले में गोल्ड लोन से जुड़ा एक घोटाला सामने आया है. यहां नवलगढ़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक की नानसा गेट ब्रांच में हुए घोटाले में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. हैरानी की बात ये कि घोटाले का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि बैंक की ब्रांच का मैनेजर अमित जांगिड़ और उसका एक साथी संतोष सैनी है. संतोष एक प्राइवेट कर्मचारी है जो 'बैंक मित्र' के तौर पर काम करता है.
शुरुआती जांच में पता चला है कि अमित और संतोष ने मिलकर लगभग 120 से 130 फर्जी गोल्ड लोन अकाउंट बनाए. उसके बाद उन्होंने इन अकाउंट्स के जरिए बैंक से करोड़ों रुपये निकाल लिए. लेकिन मामला बस यहीं नहीं थमा. दोनों को डर था कि उनका ये फ्रॉड कभी भी पकड़ा जा सकता है. लिहाजा उन्होंने इसे छुपाने के लिए बैंक में लूट की साजिश रची.
लेकिन लूट भी तो 2 लोगों के बस की बात है नहीं. लिहाजा इन्होंने कुछ बदमाशों को हायर किया. बैंक की रेकी भी करवाई गई. प्लान ये था कि जनवरी के अंतिम सप्ताह में लूट करवाई जाएगी. आजतक की रिपोर्ट कहती है कि अमित और संतोष का प्लान था कि गोल्ड की लूट दिखाकर पूरे मामले को दबा दिया जाए. लेकिन इससे पहले ही बैंक की तरफ से लॉकर रूम की जिम्मेदारी नई उप-प्रबंधक सीमा को सौंप दी गई, जिससे मामले का खुलासा हो गया.

इस मामले में आरोपी बैंक मैनेजर ने सिर्फ प्लान B ही नहीं, बल्कि एक प्लान C भी तैयार किया था. रिपोर्ट के मुताबिक उसने साल भर पहले अपना 4 करोड़ का इंश्योरेंस करवाया था. प्लान ये था कि अगर मामला खुला तो वो अपनी जान दे देगा और बीमा की रकम परिवार वालों को मिल जाएगी. इस मामले पर जानकारी देते हुए एसपी झुंझुनू बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया,
आरोपी दो साल से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे. सबसे अधिक रकम अप्रैल-मई 2024 में निकाली गई थी. जांच के दौरान पता चला कि एक ही गोल्ड को बार-बार फिजिकल रूप में दिखाया गया. और बिना गोल्ड के रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर लोन पास करवा लिए गए. निकाली गई रकम से आरोपी ने पत्नी के नाम पर जमीन, महंगी कारें, बुलेट बाइक, पिकअप, सीकर में तीन मंजिला मकान, डेयरी फार्म और जयपुर में प्रॉपर्टी खरीदी. कम वेतन पाने वाला संतोष भी इस फ्रॉड की बदौलत कई प्लॉट्स और मकानों का मालिक बन गया.
पुलिस ने बताया कि बैंक से बहुत कम मात्रा में सोना निकाला गया. अधिकतर पैसा फर्जी गोल्ड दिखाकर लोन के जरिए निकाला गया. अधिकांश सोना रिकवर हो गया है. इस मामले में शामिल दूसरे बदमाशों की तलाश जारी है.
(इनपुट - नैना शेखावत)
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