'ड्रोन घूम रहे हैं...', शहीद एयरफोर्स जवान की बेटी ने बताया पिता ने आखिरी बातचीत में क्या कहा था
Surendra Kumar Moga की मौत Udhampur Airbase पर Pakistan के हमले के दौरान हो गई थी.

पाकिस्तान की गोलीबारी में जान गंवाने वाले सुरेंद्र कुमार मोगा (Surendra Kumar Moga) का शव उनके गांव पहुंच गया है. राजस्थान के झुंझुनूं ज़िले के रहने वाले सुरेंद्र भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की मेडिकल कोर में तैनात थे. अपने पिता की शहादत पर सुरेंद्र की 11 साल की बेटी का बयान आया है. बेटी वर्तिका ने कहा कि पाकिस्तान (Pakistan) का नाम ख़त्म कर देना चाहिए.
आजतक से जुड़े अशोक शेखावत ने वर्तिका से बात की. उसने कहा कि वो अपने पिता पर बहुत गर्व महसूस कर रही है. वर्तिका ने कहा,
शनिवार, 10 मई को उधमपुर एयरबेस पर पाकिस्तान ने अटैक किया. इस अटैक में मेडिकल असिस्टेंट सर्जेंट सुरेंद्र कुमार मोगा शहीद हो गए. वो पिछले 14 साल से एयर फोर्स में अपनी सेवाएं दे रहे थे. शहीद सुरेंद्र कुमार के परिवार में उनकी मां, पत्नी सीमा, 11 साल की बेटी और 4 साल का बेटा है.
11 मई की सुबह क़रीब 11.15 बजे दिल्ली से सड़क मार्ग के ज़रिए उनके शव को मंडावा ले जाया गया था. फिर 12 बजे मंडावा से उनकी तिरंगा यात्रा शुरू हुई. और अब उनका शव मेहरादासी गांव पहुंच गया है. ये तिरंगा यात्रा क़रीब 10 किलोमीटर लंबी रही.
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आजतक की ख़बर बताती है कि लोग जगह-जगह उनके अंतिम दर्शन को बेताब दिखे. इस तिरंगा यात्रा में लोग हाथों में तिरंगे लिए नज़र आए. पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुरेंद्र कुमार मोगा का अंतिम संस्कार के साथ किया जाएगा.
झुंझुनूं के जिला कलेक्टर रामावतार मीणा ने परिवार को राज्य और केंद्र सरकार की ओर से हर मुमकिन मदद दिलाने का भरोसा दिया है. सुरेंद्र कुछ दिन पहले ही अपने परिवार के साथ समय बिताने के बाद 15 अप्रैल को ड्यूटी पर लौटे थे. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से रिटायर्ड उनके पिता शिशुपाल सिंह का पहले ही निधन हो चुका है.
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