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‘600 रुपये दिए, कहा 8 लोगों में बांट लो’, यूएई में फंसे भारतीय श्रमिकों के पास खाने के भी पैसे नहीं

Migrant Labour Struck In UAE: हैदराबाद बेस्ड कंपनी ने उन्हें दो साल पहले काम पर रखा था. काम के लिए 40,000 रुपये सैलरी तय हुई थी. अब मकान मालिक ने पानी का कनेक्शन काट दिया है. भरी गर्मी में उन्हें घर से निकालने की धमकी भी दी जा रही है. खाने को पैसे नहीं हैं.

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Jharkhand Man Stuck In UAE, Company Has Not Paid Their Salary For weeks,
जनवरी में झारखंड से 15 लोग UAE में गए थे काम करने. (प्रतीकात्मक फोटो)
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रिदम कुमार
27 जून 2025 (पब्लिश्ड: 02:55 PM IST)
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झारखंड के कुछ लोग UAE में नौकरी करने गए थे. वे अब वहां फंस गए हैं. जिस कंपनी में काम कर रहे थे, उसने महीनों से सैलरी नहीं दी है. खाना और ख़र्च के लिए उनके पास पैसे ख़त्म हो चुके हैं. मकान मालिक घर से निकालने की धमकी दे रहा है. उन्होंने सरकार से उनकी मदद की अपील की है. मामले पर झारखंड सरकार ने संज्ञान लिया है. श्रमिकों की वापसी के लिए विदेश मंत्रालय से संपर्क किया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड के हज़ारीबाग और गिरिडीह समेत कई जिलों से 15 लोग जनवरी 2024 में UAE के अबूधाबी गए थे. ग्रुप में शामिल चारुमन महतो ने बताया कि हैदराबाद बेस्ड कंपनी ने उन्हें दो साल पहले काम पर रखा था. काम के लिए 40,000 रुपये सैलरी तय हुई थी. घर का किराया और बिजली का बिल कंपनी सीधे मकान मालिक को देती थी. लेकिन तीन महीने से कंपनी ने सैलरी नहीं दी है.  

रिपोर्ट के मुताबिक, सैलरी के लिए उन्होंने ठेकेदार और कंपनी के सुपरवाइज़र को कई बार कॉल और मैसेज किए. लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. कर्मचारियों का दावा है कि कंपनी ने मकान मालिक को किराया और बिजली का बिल नहीं दिया है. इस वजह से मकान मालिक ने पानी का कनेक्शन काट दिया है. भरी गर्मी में उन्हें घर से निकालने की धमकी भी दी जा रही है. घरवाले काफी परेशान हैं. उनके लौटने का इंतज़ार कर रहे हैं. 

श्रमिकों ने बताया कि बीच-बीच में ठेकेदार ने 8 लोगों के बीच बांटने के लिए सिर्फ़ 600 रुपये दिए. ऐसे में कुछ बांग्लादेशी श्रमिक उनकी मदद कर रहे हैं. परेशान श्रमिकों ने माइग्रेंट एक्टिविस्ट सिकंदर अली से संपर्क साधा है. अली ने उन्हें मदद का भरोसा दिया है. उन्हें बचाने के लिए अली ने राज्य सरकार को इससे अवगत कराया. वो श्रमिकों के परिवारों को अपडेट दे रहे हैं. 

दूसरी तरफ, झारखंड के स्टेट माइग्रेंट कंट्रोल रूम (SMCR) की प्रमुख शिखा लाकड़ा ने बताया कि सीएम ऑफिस (CMO) ने उनसे इस मुद्दे पर तुरंत कदम उठाने को कहा है. SMCR प्रमुख ने कहा कि वे विदेश मंत्रालय और दुबई में भारतीय दूतावास से बात करके श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाने में जुटी हैं. 

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