The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Jaishankar said politics increasingly trumps economics External Affairs Minister IIM Calcutta America

'इकोनॉमी पर हावी हो रही पॉलिटिक्स,' अमेरिका-चीन का नाम लेकर बोले विदेश मंत्री एस जयशंकर

India-America TradeWar: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए भारत की सप्लाई चेन में बदलाव लाने की अहमियत पर जोर दिया. माने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए भारत को भी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी पत्ते खुले रखने चाहिए.

Advertisement
S Jaishankar, IIM Calcutta
IIM कलकत्ता में विदेश मंत्री एस जयशंकर का संबोधन. (X @DrSJaishankar)
pic
अनिर्बन सिन्हा रॉय
font-size
Small
Medium
Large
30 नवंबर 2025 (Published: 10:28 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

भारत और अमेरिका के कारोबारी रिश्तों में चल रहे तनाव के बीच केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने शनिवार, 29 नवंबर को कहा कि आजकल राजनीति 'अनिश्चित दुनिया' में अर्थशास्त्र पर हावी होती जा रही है. इस दौरान उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिका और चीन का नाम लिया. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कलकत्ता (IIM Calcutta) से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिलने पर एस जयशंकर ने यह बयान दिया.

इंडिया टुडे से जुड़े अनिर्बन सिन्हा रॉय की रिपोर्ट के मुताबिक, IIM कलकत्ता में बोलते हुए जयशंकर ने बताया कि अमेरिका ने अलग-अलग देशों से एक-एक कर बात करके अपनी शर्तों में बदलाव किया है, जबकि चीन लंबे समय से अपने ही नियमों पर चलता रहा है. उन्होंने कहा कि चीन अभी भी ऐसा ही कर रहा है.

एस जयशंकर ने कोलकाता में कहा,

“समकालीन व्यवस्था का लंबे समय से समर्थक रहे अमेरिका ने अपनी शर्तों में आमूल-चूल बदलाव किया है. देशों के साथ वन-टू-वन बात करते हुए वो ऐसा कर रहा है.”

इस बीच जयशंकर ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए भारत की सप्लाई चेन में बदलाव लाने की अहमियत पर जोर दिया. माने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए भारत को भी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी पत्ते खुले रखने चाहिए.

उन्होंने कहा,

"यह एक ऐसा दौर है जहां राजनीति, अर्थशास्त्र पर हावी होती जा रही है और यह कोई मजाक नहीं है. इस अनिश्चित दुनिया में यह और भी महत्वपूर्ण है कि हम अपनी राष्ट्रीय जरूरतों की गारंटी के लिए आपूर्ति के स्रोतों में लगातार विविधता लाते रहें."

माने भारत के लिए जरूरी है कि वो ऊर्जा और कच्चे माल जैसी आवश्यक चीजों की पूर्ति के स्रोतों को अलग-अलग रखे ताकि किसी एक स्रोत पर निर्भर रहने से संकट का सामना ना करना पड़े. इस तरह देश अपनी जरूरतें आसानी से पूरी कर पाएगा, फिर चाहे राजनीतिक या आर्थिक हालात कैसे भी हों.

जयशंकर ने यह बयान ऐसे समय पर दिया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के आदेश पर भारतीय सामान 50 फीसदी टैरिफ का सामना कर रहे हैं. भारत और अमेरिका लगातार एक ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं, लेकिन अभी तक कुछ फाइनल नहीं हुआ है.

वीडियो: खर्चा पानी: GDP ने रिकॉर्ड तोड़े, लेकिन IMF ने बड़े दावे कर दिए

Advertisement

Advertisement

()