पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में कब बताया? जयशंकर ने संसदीय पैनल के आगे सब साफ किया
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पहले से ही जानकारी दे दी, ये बात तथ्यात्मक रूप से गलत है. उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया.
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद की सलाहकार समिति के सामने स्पष्ट तौर पर कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को 'पहले ही' ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देने के आरोपों का सामना कर रहे जयशंकर ने इस पर भी अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान के साथ उनका यह संवाद ऑपरेशन सिंदूर के शुरू होने के बाद हुआ था.
दरअसल, 15 मई को जयशंकर ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत में हमने पाकिस्तान को संदेश भेजा था. विदेश मंत्री ने कहा था,
जयशंकर का इतना ही कहना था कि कांग्रेस ने उन पर धावा बोल दिया. उनकी विदेश नीति के फैसलों पर सवाल उठाए गए. राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने विदेश मंत्री पर भारत के ऑपरेशन को ‘लीक’ करने का आरोप लगाया और कहा कि इसकी वजह से पाकिस्तान ने ‘भारत के कितने लड़ाकू विमान मार गिराए’, इसकी जानकारी सरकार को देनी चाहिए.
सोमवार 26 मई को जयशंकर की अध्यक्षता में विदेश मामलों पर संसद की सलाहकार समिति की बैठक हुई. हालांकि समिति के कई सदस्य आतंकवाद के खिलाफ सरकार के बनाए डेलिगेशन कैंपेन के तहत विदेश गए हुए हैं. इसके चलते कई सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो सके.
बैठक के दौरान जयशंकर ने साफ किया कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया. उन्होंने कहा,
इंडिया टुडे के मुताबिक जयशंकर ने पैनल को बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की लॉन्चिंग के 30 मिनट बाद पाकिस्तान को इसके बारे में जानकारी दी गई थी.
इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सीजफायर के सवाल पर जयशंकर ने समिति से कहा कि अगर पाकिस्तान समझौते का उल्लंघन करता है या आतंकी घटनाएं होती हैं तो भारत की सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हो जाएगी.
मीटिंग में विपक्षी दलों ने विदेश मंत्री से सीजफायर में अमेरिका की मध्यस्थता और सिंधु जल समझौते को लेकर भी जानकारी मांगी.
जयशंकर ने इसका जवाब देते हुए साफ किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर चर्चा पूरी तरह से द्विपक्षीय थी. इसमें किसी भी तीसरे देश का हस्तक्षेप नहीं था. अमेरिका की भी इसमें कोई भागीदारी नहीं थी. सीजफायर के लिए पाकिस्तान ने पहल की थी. भारत ने पाकिस्तानी डीजीएमओ के अनुरोध पर ही सीजफायर किया था. सिंधु जल समझौते को लेकर किए गए सवाल पर जयशंकर ने कोई भी टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा कि इससे संबंधित विवरण इस समय नहीं बताए जा सकते.
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