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जयपुर: चीटिंग के लिए हो गई थी डील, लेन-देन सब तय लेकिन पहुंच गई पुलिस, जमकर तोड़फोड़

Jaipur Paramedical Exam Cheating: जयपुर में 45 Students को पैरामेडिकल का एक्जाम पास कराने के लिए ₹5.5 लाख में डील हुई थी. हालांकि, ऐन मौके पर पुलिस पहुंच गई और सारा गेम उलट गया. पूरे सेंटर पर अफरा-तफरी फैल गई.

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सुप्रिया
| शुभम कुमार
30 जून 2026 (पब्लिश्ड: 03:54 PM IST)
jaipur paramedical exam cheating
जयपुर पुलिस ने पैरामेडिकल एग्जाम के दौरान चीटिंग का प्लान फेल कर दिया. (फोटो-इंडिया टुडे)
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जयपुर में 45 छात्रों को पैसे लेकर एग्जाम पास कराने की तैयारी थी. लेकिन पेपर शुरू होने से पहले ही पूरा खेल खुल गया. सब कुछ पहले से तय था. 45 छात्रों को एक ही कमरे में बैठाया जाना था. ड्यूटी पर ऐसे इनविजिलेटर लगाए जाने थे, जो खुलकर नकल कराएं. लाखों रुपये की डील हो चुकी थी. लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस को सूचना मिली. इसके बाद जो हुआ, उससे पूरे एग्जाम सेंटर पर हंगामा मच गया.

मामला जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज का है. यहां पैरामेडिकल एग्जाम में पैसे लेकर स्टूडेंट्स को पास कराने की तैयारी थी. जैसे ही पुलिस की कार्रवाई हुई, एग्जाम देने आए स्टूडेंट्स भड़क गए. गुस्से में कुर्सियां फेंकी गईं, कॉलेज कैंपस में तोड़फोड़ हुई और बाहर जमकर नारेबाजी की गई. हालात संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा. आखिरकार पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स को शांत कराया और एग्जाम को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है.

क्या है पूरा मामला?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, झुंझुनूं के मुकुंदगढ़ स्थित एस. करण कॉलेज के 45 स्टूडेंट्स की फर्स्ट ईयर में बैक आई थी. इन्हें हर हाल में पास कराने के लिए साढ़े पांच लाख रुपये की डील हुई. प्लानि‍ंग बहुत सटीक थी. तय हुआ कि सभी 45 स्टूडेंट्स को एक ही कमरे में बैठाया जाएगा और पहले से सेट किए गए इनविजिलेटर उनकी नकल करवाएंगे. एग्जाम शुरू होने से पहले ही पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में पैसे लेकर एग्जाम पास कराने की तैयारी चल रही है.

सूचना मिलते ही पुलिस टीम हरकत में आई. प्रताप नगर इलाके से एस. करण कॉलेज के एचओडी कृष्ण कुमार और लेक्चरर शंकर लाल जाट को पकड़ लिया गया. दोनों के बैग से दो डायरियां बरामद हुईं, जिनमें स्टूडेंट्स के नाम और उनसे वसूली गई रकम का पूरा हिसाब दर्ज था. इसके बाद पुलिस ने दोनों के व्हाट्सऐप चैट भी खंगाले. वहां स्टूडेंट्स के एडमिट कार्ड की पीडीएफ और एग्जाम सेंटर से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिलीं. 

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पुलिस ने क्या बताया?

पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि 45 स्टूडेंट्स से कुल 5 लाख 50 हजार रुपए लिए गए थे, जिनमें से 3 लाख 27 हजार रुपए पहले ही एग्जाम सेंटर से जुड़े लोगों तक पहुंचाए जा चुके थे. इसके बाद पुलिस ने प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक रामकृष्ण मंडीवाल और उनके भतीजे देवकृष्ण मंडीवाल को भी गिरफ्तार कर लिया. डीसीपी प्रशांत किरण ने बताया, 

‘दो दिन पहले हमें टिप मिली कि पैरामेडिकल एग्जाम को लेकर कुछ गड़बड़ी चल रही है. जिसके बाद हमने संदिग्धों का पता लगाया और उन्हें गिरफ्तार किया. जिस शख्स ने चीटिंग की व्यवस्था कराई थी, उससे चूक हो गई. एग्जाम 3 बजे शुरू होना था, लेकिन 3:45 तक छात्रों को पेपर नहीं बांटे गए थे.’

फिलहाल चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पूछताछ जारी है. जांच इस बात की भी हो रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे. क्या इससे पहले भी इसी तरह दूसरे एग्जाम में गड़बड़ी की गई थी. घटना के बाद प्रशासन ने सभी एग्जाम सेंटर्स पर निगरानी और सख्त करने के निर्देश दिए हैं.

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