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जयपुर में जहां हुई थी पत्थरबाजी, वहां चल रहे बुलडोजर, चौमूं में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Jaipur Chomu Bulldozer Action: शुक्रवार, 2 दिसंबर को बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और अधिकारी मौके पर पहुंचे. अब अतिक्रमण वाली जगहों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी है और कोर्ट के निर्देश के अनुसार ही की जा रही है.

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Jaipur Chomu Bulldozer action against illegal encroachment after stones pelting at police
पुलिस ने चौमूं में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ शुरू की बुलडोजर कार्रवाई. (Photo: ITG)
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शरत कुमार
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2 जनवरी 2026 (Published: 12:07 PM IST)
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राजस्थान की राजधानी जयपुर के चौमूं इलाके में हुई पत्थरबाजी और हिंसा के बाद अब बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है. शुक्रवार, 2 जनवरी को अतिक्रमण वाली जगहों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. मालूम हो कि यहां बीते सप्ताह भी एक मस्जिद के बाहर से लोहे की रेलिंग और पत्थरों को हटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन तब भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की थी. प्रशासन का कहना है कि यह पत्थर और रेलिंग अवैध तरीके से रखे गए हैं और इससे ट्रैफिक की समस्या बन रही है.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और अधिकारी मौके पर पहुंचे. अब अतिक्रमण वाली जगहों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. आठ बजे से शुरू हुई कार्रवाई में 25 मकानों में बनी करीब 40 दुकानों के बाहर तोड़फोड़ की गई है. तीन कंपलेक्स को सीज किया गया है. चौमूं के पठानों की गली में यहीं पर पुलिस पर पत्थरबाजी हुई थी. चौमूं नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का नोटिस दिया था. इस कार्रवाई में 100 से ज़्यादा पुलिसकर्मी और एक दर्जन पुलिस अधिकारी शामिल रहे. पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी है और कोर्ट के निर्देश के अनुसार ही की जा रही है.

क्रिसमस के दिन हुई थी हिंसा

जयपुर शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर चौमूं बस स्टैंड के पास स्थित कलंदरी मस्जिद के सामने लंबे समय से पत्थर पड़े हुए थे. इसके अलावा यहां रेलिंग बनाई गई थी, जो कथित तौर पर अवैध थी. 25 दिसंबर 2025 की रात मस्जिद कमेटी और नगर निगम के बीच इन रेलिंग और पत्थरों को हटाने पर सहमति बनी थी. इसके बाद पुलिस ने रेलिंग हटाने की कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया. थोड़ी ही देर में तनाव की स्थिति बन गई और भारी संख्या में भीड़ वहां जमा हो गई. इसके बाद भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. हमले में कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू-गैस का छिड़काव और लाठीचार्ज कर स्थिति को संभाला था.

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने सख्ती दिखाई. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और फ्लैग मार्च भी निकाला गया. इसके अलावा पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की शिनाख्त की. 110 से अधिक लोगों को हिरासत में भी लिया गया. करीब 24 लोगों के खिलाफ नामजद FIR भी दर्ज की गई. इसके बाद प्रशासन ने इलाके में 4 अवैध निर्माण और 20 अवैध बूचड़खानों के बाहर नोटिस लगाया और तीन दिन की मोहलत दी गई कि सभी अवैध सीढ़ियां, रैंप और प्लेटफॉर्म हटा लें, नहीं तो बुलडोजर चलाया जाएगा.

यह भी पढ़ें- जयपुर में क्रिसमस की रात मस्जिद के बाहर बवाल हो गया, पुलिस पर भी पत्थर चले, इंटरनेट बंद

इसके अलावा पत्थरबाजी के 24 आरोपियों के घर पर भी नोटिस लगाया गया था कि तीन दिन के भीतर अपना जवाब दें. जवाब न मिलने और अतिक्रमण न हटाने के बाद अब पुलिस ने बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया है. इस पर स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त नोटिस दिए बिना ढांचे गिराए जा रहे हैं. जबकि प्रशासन का कहना है कि इसे लेकर कई बार पहले भी चेतावनी दी जा चुकी है.

वीडियो: जयपुर में मस्जिद के बाहर पथराव, इंटरनेट बंद, आखिर क्यों मचा है बवाल?

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