The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • jaipur bus fire 3 killed save toll tax loaded with cylinders bikes collides with high tension line electricity

मजदूरों से भरी बस बिजली के तार से टकराई, 3 की मौत, ₹100 बचाने के चक्कर में हुआ हादसा

Jaipur Bus Fire: दावा है कि स्लीपर बस की डिक्की में बाइक रखी थी. यह भी आरोप है कि स्लीपर बस को मॉडिफाई करके उसकी लंबाई और ऊंचाई बढ़ाई गई थी. ऊपर कैरियर बनाकर सामान रखना भी मना है. फिर भी उसमें बाइक और सिलेंडर रखे थे.

Advertisement
Jaipur, Jaipur news, Jaipur bus fire, bus fire, Manoharpur accident
जयपुर-दिल्ली हाईवे पर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर जली स्लीपर बस. (PTI)
pic
शरत कुमार
font-size
Small
Medium
Large
28 अक्तूबर 2025 (अपडेटेड: 28 अक्तूबर 2025, 07:40 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

राजस्थान के जयपुर में 100 रुपये का टोल टैक्स बचाने के चक्कर में एक बस हादसे का शिकार हो गई. इस घटना में कम से कम तीन लोगों की मौत की खबर है,  जबकि कई लोग घायल हुए हैं. हादसा मंगलवार, 28 अक्टूबर को सुबह करीब 8 बजे जयपुर-दिल्ली हाईवे पर जयपुर के मनोहरपुर के टोडी गांव में एक ईंट भट्टे से सिर्फ 500 मीटर दूर हुआ. बताया गया है कि स्लीपर बस चलाने वालों ने टोल बचाने के लिए उसे एक कच्चे रास्ते पर उतार दिया. बाद में उसी रास्ते पर बस हाईटेंशन लाइन से टकरा गई, जिससे उसमें आग लग गई.

इंडिया टुडे से जुड़े शरत कुमार और विशाल शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, ये स्लीपर बस उत्तर प्रदेश के पीलीभीत और बरेली से मजदूरों को जयपुर के ईंट भट्टे पर काम करने के लिए ले जा रही थी. उनके अलावा बस में 15 गैस सिलेंडर, 6 बाइक और कुछ बकरियां और मुर्गियां भी थीं.

बस चला रहे लोगों ने टोल बचाने के चक्कर में उसे कच्चे रास्ते पर ले जाने का फैसला किया था. लेकिन वहां आगे चलकर हाईटेंशन लाइन बहुत कम ऊंचाई पर लटकी हुई थी. 1100 केवी के बिजली के तार बस से टच हो गए. रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली के तार बस के ऊपर रखी बाइक से टकराए, जिससे आग लग गई. फिर सिलेंडर ने आग पकड़ ली और एक के बाद एक सिलेंडर फटने लगे, जिससे बस जलकर राख हो गई.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तेजपाल सिंह ने बताया कि आग लगने पर कई यात्री बस से कूदकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे. लेकिन कुछ बुरी तरह झुलस गए.

हादसे में गंभीर रूपस से झुलसी 40 साल की चंदा बेगम के भाई मोहम्मद कय्यूम ने बताया,

Image embed

हादसे में झुलसे 6 मजदूरों को सवाईमान सिंह अस्पताल (SMS अस्पताल) के ICU में भर्ती किया गया है. इनमें 3 साल की उमेमा, 40 साल की सितारा, नाजमा, चंदा बेगम के अलावा 10 साल का अजहर और 22 साल का अल्ताफ शामिल है. 

डॉक्टरों के मुताबिक, सभी मजदूरों की हालत अब स्थिर है और खतरे से बाहर हैं. वही, हादसे में मारे गए मजदूरों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया है. SMS अस्पताल के डॉक्टर प्रदीप ने बताया,

Image embed

पूर्व केंद्रीय मंत्री और टोंक से कांग्रेस विधायक सचिन पायलट ने इस घटना पर दुख जताया है. उन्होंने X पर लिखा,

Image embed
Image embed

राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि घटना की जांच शुरू की जाएगी. उन्होंने X पर लिखा,

Image embed
Image embed

स्लीपर बस में डिक्की नहीं होनी चाहिए, लेकिन दावा है कि उसमें बाइक रखी थी. आरोप है कि स्लीपर बस को मॉडिफाई करके उसकी लंबाई और ऊंचाई बढ़ाई गई थी. ऊपर कैरियर बनाकर सामान रखना भी मना है. फिर भी उसमें बाइक और सिलेंडर कथित तौर पर रखे थे. रिपोर्ट के अनुसार, इमरजेंसी गेट की अंदर से वेल्डिंग कर बंद कर बैठने की कुर्सी लगा दी गई थी.

Image embed
बस की डिक्की में बाइक रखने और इमरजेंसी गेट को वेल्डिंग से बंद करने का दावा. (ITG)

बिजली विभाग को गांव वालों ने कई बार लिखकर शिकायत दी कि कम ऊंचाई पर हाईटेंशन लाइन जा रही है. बिजली विभाग को चेताया गया था कि कभी भी हादसा हो सकता है, लेकिन आरोप है कि कोई सुनवाई नहीं हुई. घटना के बाद बस ड्राइवर और कंडक्टर भाग गए, जिन्हें पकड़ने की कोशिश जारी है.

मामले में बस ड्राइवर, कंडक्टर और ईंट भट्टा मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

वीडियो: घटिया रास्ते की वजह से नहीं आई एंबुलेंस, गर्भवती को बैलगाड़ी से अस्पताल ले जाना पड़ा

Advertisement

Advertisement

()