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ISRO और भारत के लिए बड़ा झटका, PSLV-C62 मिशन फेल, रास्ता भटका रॉकेट

ISRO PSLV C62 Mission: ISRO ने बताया कि दूसरे चरण तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन तीसरे चरण में आकर रॉकेट ने दिशा बदल ली और सैटेलाइट लॉन्चिंग नहीं हो पाई. इसरो चीफ डॉ वी. नारायणन ने बयान जारी कर कहा कि फिलहाल डाटा का विश्लेषण किया जा रहा है और जो भी अपडेट होगा आगे बताया जाएगा.

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ISRO PSLV C62 rocket deviated from flight path after stage 3 leaving mission failed
तीसरे चरण के बाद रास्ते से भटका रॉकेट. (Photo: PTI)
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सचिन कुमार पांडे
12 जनवरी 2026 (पब्लिश्ड: 11:41 AM IST)
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इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन, (ISRO) के स्पेस प्रोग्राम को बड़ा झटका लगा है. 12 जनवरी को लॉन्च किया गया ISRO का PSLV-C62 मिशन सफल नहीं हो सका. रॉकेट की शानदार लॉन्चिंग के बावजूद सैटेलाइट तय रूट पर उससे अलग नहीं हो पाए. अंदेशा है कि सभी 16 सैटेलाइट खो गए.

तीसरे चरण में भटका रास्ता

ISRO ने बताया कि दूसरे चरण तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन तीसरे चरण में आकर रॉकेट ने दिशा बदल ली और सैटेलाइट लॉन्चिंग नहीं हो पाई. इसरो चीफ डॉ वी. नारायणन ने बयान जारी कर कहा कि फिलहाल डाटा का विश्लेषण किया जा रहा है और जो भी अपडेट होगा आगे बताया जाएगा. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक रॉकेट लॉन्चिंग के बाद जैसे ही दूसरा चरण पूरा हुआ, कमांड सेंटर में डाटा आना बंद हो गया. इससे सेंटर में सन्नाटा छा गया.

इसरो ने शुरू की जांच

इसके बाद इसरो ने बयान जारी करते हुए बताया कि PSLV-C62 मिशन में PS3 स्टेज के आखिर में एक गड़बड़ी हुई. इसकी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है. मालूम हो कि PSLV-C62 रॉकेट को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से 12 जनवरी, सुबह 10 बजकर 17 मिनट पर लॉन्च किया गया. इस अभियान में अंतरिक्ष में 16 सैटेलाइट लॉन्च किए गए थे, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक कदम था.

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मिशन के चरण. (Photo: ISRO)

यह भी पढ़ें- ISRO का नया सैटेलाइट आतंकी ठिकानों को ढूंढ के निकालेगा, 16 सैटेलाइट वाला PSLV रॉकेट लॉन्च

इस मिशन में मुख्य सैटेलाइट थी, DRDO द्वारा बनाई गई EOS-N1 (अन्वेषा) सैटेलाइट. इसे 'दिव्य दृष्टि' या हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट के रूप में जाना जाता है. इस सैटेलाइट की मदद से किसी ऑब्जेक्ट की एकदम साफ़ तस्वीर ली जा सकती है. इससे वैज्ञानिकों को रंग के अलावा केमिकल फीचर भी देखने को मिलता है. इससे मिट्टी की नमी और 'क्रॉप हेल्थ' के बारे में पता लगाया जा सकता है. मिशन के तहत 15 अन्य घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय ग्राहकों के सैटेलाइट भी लॉन्च किए गए थे. हालांकि मिशन का सफल न होना भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. 

वीडियो: शुभांशु शुक्ला Axiom-4 मिशन पूरा कर लौटे, जानिए अंतरिक्ष में इतने दिन क्या किया?

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