The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • iran warship indian navy guest sink by america submarine congress slams narendra modi government

'भारत सरकार कभी इतनी डरी हुई नहीं दिखी', ईरानी शिप पर हमले को लेकर कांग्रेस ने पूछे तीखे सवाल

US Sinks Iran Navy Vessel: अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में अमेरिका के हमले से डूबे इस युद्धपोत को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मोदी सरकार से सवाल किया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने भारत के सामरिक और राष्ट्रीय हितों को बिना सोचे-समझे छोड़ दिया है. उन्होंने इसके कारण भी गिनाए हैं.

Advertisement
IRIS Dena Iran Warship, Seyed Abbas Araghchi, Congress, DMK, Dravida Munnetra Kazhagam,  Tamil Nadu, IRIS Dena, iran warship
अमेरिकी हमले में ईरान का युद्धपोत IRIS Dena श्रीलंका के पास डूबा. (ITG)
pic
मौ. जिशान
5 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 02:38 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को डुबोने का मामला भारत में तूल पकड़ता दिख रहा है. अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में अमेरिका के हमले से डूबे इस युद्धपोत को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मोदी सरकार से सवाल किया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने भारत के सामरिक और राष्ट्रीय हितों को बिना सोचे-समझे छोड़ दिया है. उन्होंने इसके कारण भी गिनाए हैं.

मल्लिकार्जुन खरगे ने 5 मार्च को एक X पोस्ट में लिखा कि एक ईरानी जहाज, जो भारत का मेहमान था, हमारे होस्ट किए गए इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 से बिना हथियार के लौट रहा था. उन्होंने आगे लिखा कि इंडियन ओशन रीजन (IOR) में उस पर (अमेरिका द्वारा) टॉरपीडो से हमला किया गया. खरगे ने कहा कि इस मुद्दे पर पीएम मोदी ने कोई चिंता या दुख नहीं जताया, ना ही कोई बयान दिया.

खरगे ने आगे लिखा,

"जब आप अपने आसपास हो रही घटनाओं पर कोई रिएक्शन नहीं दे सकते, तो हमें MAHASAGAR के सिद्धांतों और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' होने पर लेक्चर क्यों दे रहे हैं?

होर्मुज की खाड़ी में 38 भारतीय झंडे वाले कमर्शियल जहाज और 1,100 नाविक फंसे हुए हैं. कैप्टन आशीष कुमार समेत 2 भारतीय नाविकों की कथित तौर पर मौत हो गई है. कोई समुद्री बचाव या राहत ऑपरेशन क्यों नहीं चल रहा है?

आप कहते हैं कि सिर्फ 25 दिनों का क्रूड और तेल का स्टॉक बचा है. तेल की बढ़ती कीमतों के साथ, हमारा एनर्जी कंटिंजेंसी प्लान क्या है, खासकर तब जब भारत सरकार ने रूसी तेल का इंपोर्ट रोकने की मांग लगभग मान ली है? खाड़ी देशों के साथ दूसरी जरूरी चीजों के ट्रेड का क्या?"

खरगे ने भारतीय विदेश मंत्रालय के एक बयान का जिक्र करते हुए लिखा,

"भारतीय विदेश मंत्रालय के 3 मार्च 2026 के बयान के मुताबिक, ‘कुछ भारतीय नागरिकों की जान चली गई है या वे लापता हैं.’

खाड़ी क्षेत्र के देशों में एक करोड़ भारतीय हैं. मेडिकल स्टूडेंट मदद मांगते हुए हताश वीडियो मैसेज जारी कर रहे हैं. भारत सरकार उनकी भलाई कैसे सुनिश्चित कर रही है? क्या प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने का कोई प्लान है? साफ है, मोदी जी का सरेंडर पॉलिटिकल और नैतिक दोनों है!

यह भारत के मुख्य राष्ट्रीय हितों को नीचा दिखाता है और हमारी विदेश नीति को बर्बाद करता है, जिसे सालों से सरकारों ने बहुत ध्यान से और मेहनत से बनाया और फॉलो किया है!"

Image embed

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने इस घटना पर अपनी चिंता जताते हुए कहा कि भारत सरकार ने इस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. उन्होंने कहा कि ईरानी युद्धपोत ने इंडियन नेवी की फ्लैगशिप मल्टीलेटरल एक्सरसाइज MILAN में हिस्सा लिया था. यह जहाज भारत का मेहमान था. उन्होंने एक X पोस्ट में लिखा,

"हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना की एक पनडुब्बी द्वारा उस ईरानी युद्धपोत को डुबो देना, जिसने MILAN अभ्यास में हिस्सा लिया था, (इस) घटना को और भी असाधारण बना देता है. यह ईरानी युद्धपोत अपने देश वापस लौट रहा था. इस अमेरिकी कार्रवाई के भारत के लिए भी बड़े निहितार्थ हैं, और यह हैरान करने वाली बात है कि अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है."

उन्होंने आगे लिखा,

"शायद यह आश्चर्य की बात भी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि मोदी सरकार ने ईरान में हुई टारगेटेड किलिंग पर भी अब तक अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है. इससे पहले कभी भारतीय सरकार इतनी डरपोक और भयभीत नहीं दिखी थी."

Image embed
जयराम रमेश का पोस्ट. (X @Jairam_Ramesh)

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने IRIS Dena को लेकर अमेरिका पर कड़ा प्रहार किया है. गुरुवार 5 मार्च को अराघची ने X पर लिखा,

“अमेरिका ने ईरान के किनारे से 2,000 मील दूर समुद्र में एक जुल्म किया है. फ्रीगेट डेना (IRIS Dena) जो भारत की नेवी का मेहमान जहाज था और जिसमें लगभग 130 नाविक थे, उस पर बिना किसी चेतावनी के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हमला किया गया. मेरी बात याद रखना अमेरिका को अपनी बनाई नजीर पर बहुत पछतावा होगा.”

Image embed
सैयद अब्बास अराघची का पोस्ट. (X @araghchi)

यह भी पढ़ें: हिंद महासागर में अमेरिका ने डुबो दिया भारत से लौट रहा ईरान का जहाज, 87 लोगों की मौत

तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) ने भी भारत सरकार पर सवाल उठाए हैं. DMK के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने एक वीडियो शेयर कर पूछा,

"ये नाविक, जो एक हफ्ते पहले विशाखापत्तनम में डिसिप्लिन में खड़े थे, अब मारे गए हैं. क्या भारत सरकार को पता है? क्या अमेरिकी सरकार ने जानकारी दी?"

Image embed

भारत के विशाखापत्तनम में 19 से 25 फरवरी 2026 तक इंडियन नेवी की MILAN एक्सरसाइज का 13वां एडिशन हुआ था. इसमें अमेरिका और ईरान समेत 18 देशों के वॉरशिप शामिल हुए थे. एक्सरसाइज में हिस्सा लेने वाला ईरान का IRIS Dena ईरान वापस जा रहा था. 4 मार्च को अमेरिका की एक पनडुब्बी ने उस पर हमला कर दिया. जगह श्रीलंका की जलसीमा से 40 नॉटिकल दूर थी.

Image embed
ईस्टर्न नेवल कमांड का पोस्ट. (X @IN_HQENC)

हमले में ईरानी युद्धपोत बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर डूब गया, जिसमें 87 लोगों की मौत हो गई. जहाज से एक Distress Call (संकट के समय दी जाने वाली कॉल) दी गई थी. श्रीलंका को पता चला तो उसने अपनी नेवी और एयर फोर्स को मदद के लिए भेजा. श्रीलंका अथॉरिटीज का कहना है कि उसने 32 लोगों को बचा लिया था. द्विपीय देश ने अन्य लोगों के बचाव के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया.

वीडियो: सरकारी ईरानी मीडिया पर इजरायल का हमला, ईरान ने अमेरिकी एंबेसी पर धावा बोला

Advertisement

Advertisement

()