ईरान के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को लगाया फोन, होर्मुज और अमेरिका से मीटिंग पर हुई बात
US-Iran के सीजफायर के बाद पहली बार PM Modi और राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बात की. पीएम मोदी ने Strait Of Hormuz में जहाजों की बिना रुकावट आवाजाही पर जोर दिया.

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर पर सहमति बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की है. दोनों नेताओं के बीच 30 जून को हुई इस बातचीत में वेस्ट एशिया के हालात, युद्धविराम और आगे की स्थिति पर चर्चा हुई.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पीएम मोदी को वेस्ट एशिया में क्या कुछ चल रहा है, इस बात की जानकारी दी और बताया कि आगे ईरान किस रास्ते पर बढ़ना चाहता है. या यूं कहें कि उन्होंने अपने फ्यूचर प्लान के बारे में डिस्कस किया. जवाब में पीएम मोदी ने सीजफायर के समझौते का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से बातचीत और डिप्लोमसी के जरिए विवाद को सुलझाने की तरफदारी करता रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा कि इलाके में स्थायी शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार कोशिशें जरूरी हैं. साथ ही उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही और व्यापार की आजादी बनाए रखने पर भी जोर दिया.
हाल के संघर्ष के दौरान जहाजों पर हमलों और रास्ते में रुकावटों की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराया और कई देशों की तरह भारत में भी गैस-पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ा. बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बातचीत की जानकारी दी. पीएम ने लिखा,
'पश्चिम एशिया के हालात पर ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान से बात हुई. बातचीत में अब तक हुई प्रोग्रेस का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि आगे भी ऐसी कोशिशें जारी रहें, तो इलाके में लंबे समय तक अमन-चैन बना रहेगा. साथ ही दोहराया कि भारत और पूरी दुनिया के लिए होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की बिना किसी रुकावट आवाजाही बेहद जरूरी है.'
वहीं भारत में ईरानी दूतावास ने भी दोनों नेताओं की बातचीत का ब्यौरा सोशल मीडिया पर शेयर किया है. दूतावास के मुताबिक,
‘ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियान ने 30 जून की दोपहर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की. बातचीत की शुरुआत में राष्ट्रपति पेजेशकियान ने भारत में हुई ब्रिक्स एनर्जी मिनिस्टर की बैठक के सफल आयोजन की तारीफ की. उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्रिक्स जैसे मंचों पर भारत और ईरान के बीच सहयोग आगे भी और मजबूत होगा.’
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने कहा कि भारत और ईरान के रिश्ते लंबे इतिहास और आपसी सम्मान पर टिके हैं. उन्होंने कहा कि राजनीति, कारोबार, व्यापार, ट्रांजिट और अंतरराष्ट्रीय मामलों में दोनों देशों के पास साथ मिलकर काम करने की बड़ी संभावनाएं हैं. इसलिए दोनों देशों को आपसी तालमेल बढ़ाकर नए क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना चाहिए.
उन्होंने ये भी कहा कि ईरान और भारत की सोच कई मामलों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक जैसी रही है. ऐसे में यही समानता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और व्यापक सहयोग को और मजबूत कर सकती है.
ये भी पढ़ें:- 'पीएम मोदी बिल्कुल मेरी तरह हैं, वो भी...', ट्रंप का 'सुबह 6 बजे' वाला किस्सा
अयातुल्ला के जनाजे में शामिल होने का न्योताइस बातचीत से कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति पेजेशकियान ने प्रधानमंत्री मोदी को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में शामिल होने के लिए इनवाइट किया था. The Week की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि भारत सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मोदी नहीं जाएंगे. भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. जनाज़े से जुड़े कार्यक्रम 5 जुलाई से 9 जुलाई तक होंगे.
वीडियो: दुनियादारी: क्या भारत-पाकिस्तान के बीच सीक्रेट बातचीत हो रही है?

