नौकरी, प्री-वेडिंग शूट, उमरा के लिए मिडिल ईस्ट गए थे, जंग में फंसे भारतीयों की हालत पता चली
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के चलते ईरान समेत यूएई, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, बहरीन और जॉर्डन जैसे देशों में पढ़ाई के लिए गए छात्र, नौकरी कर रहे भारतीय और रमजान के महीने में उमरा के लिए गए लोग बड़ी संख्या में फंसे हुए हैं.

ईरान का अमेरिका और इजरायल से चल रहे युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में उड़ाने बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं. कई देशों ने अपने एयर स्पेस बंद कर दिए हैं. जिसकी वजह से उड़ानें रद्द करनी पड़ रही हैं. बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक दुबई समेत खाड़ी के अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं. इन लोगों ने भारत सरकार से अपनी सुरक्षा और वतन वापसी को लेकर गुहार लगाई है.
दुबई में फंसे सबसे ज्यादा भारतीय
पुणे के इंदिरा इंस्टीट्यूट के 84 छात्रों के दुबई में फंसे होने की खबर है. इनमें 42 छात्र और 42 छात्राएं हैं. इंस्टीट्यूट की ओर से बताया गया है कि सभी छात्र फिलहाल सुरक्षित हैं और संस्थान के लोग भारतीय अथॉरिटीज से संपर्क बनाए हुए हैं. पुणे के ही 40 सीनियर सिटीजन्स का एक ग्रुप भी दुबई में फंस गया है. ये लोग पर्यटक के तौर पर दुबई गए थे. 2 मार्च को इनकी भारत वापसी थी. लेकिन उड़ानें रद्द होने की वजह से वहां फंस गए. हालांकि पूरा ग्रुप सुरक्षित स्थान पर है और अपने परिजनों के संपर्क में है. इनके परिजनों ने भारत सरकार से स्पेशल फ्लाइट अरेंज करने की गुहार की है.
इसके अलावा जोधपुर से धार्मिक आयोजन के लिए दुबई गए 120 श्रद्धालुओं का दल हालात बिगड़ने की वजह से वहां फंस गया है. जोधपुर के सूरसागर के बड़ा रामद्वारा से संत रामप्रसाद महाराज के साथ गया यह जत्था सुरक्षित घर वापसी के लिए भारत सरकार से गुहार लगा रहा है. यूपी के चंदौली जिले के रहने वाले पांच लोगों के भी दुबई के एक होटल में फंस होने की खबर है. ये सभी प्री-वेडिंग शूट के लिए दुबई गए थे.
पंजाब के बठिंडा का एक कपल एक हफ्ते पहले दुबई गया था. युद्ध के चलते ये लोग भी दुबई में फंस गए हैं. महाराष्ट्र के जालना से सांसद डॉ. कल्याण काले भी उड़ान रद्द होने के चलते दुबई में फंस गए हैं. मध्य प्रदेश के डींग के एक ज्योतिषी रंगनाथ शर्मा ज्योतिष सम्मेलन में भाग लेने दुबई गए थे. वे वापसी के लिए एयरपोर्ट आ रहे थे. लेकिन दुबई पुलिस ने उन्हें वापस होटल भेज दिया.
सऊदी अरब, कतर, ईरान, इजरायल में भी फंसे लोग
रमजान के महीने में गुजरात से सऊदी अरब के मक्का-मदीना गए करीब 700 से 800 जायरीन वहां फंसे हुए हैं. वडोदरा के फारूक सोनी ने वहां से वीडियो संदेश भेजकर अपनी और दूसरे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. गुजरात के अलावा राजस्थान के नागौर जिले के 45 लोग भी मक्का में फंसे हुए हैं. ये सभी हज यात्रा के लिए सऊदी अरब गए थे.
दुबई के अलावा यूएई के अबूधाबी में भी कई भारतीयों के फंसे होने की खबर है. महाराष्ट्र के जालना जिले के 7 लोग यहां मौजूद हैं. वे लगातार अपने परिवार के संपर्क में हैं. उत्तर प्रदेश के मेरठ के कपल भी अबूधाबी में फंसे हुए हैं. राजा सलूजा अपनी पत्नी ईशा के साथ मैरिज एनिवर्सिरी मनाने दुबई गए थे. फिलहाल दोनों लोग अबूधाबी में हैं. उन्होंने सरकार से वतन वापसी की गुहार लगाई है.
ईरान-इजरायल युद्ध के चलते हरियाणा के रोहतक जिले के सुरेंद्र उर्फ काला सऊदी अरब में फंसे हुए हैं. वह तेल शिपिंग में काम करते है. सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने मदद की गुहार लगाई है. दुबई और अबूधाबी में राजस्थान के कोटा से गए कई छात्र भी फंसे हुए हैं. सिद्धार्थ जैन और नंदिनी जैन दुबई में रुके हैं. वहीं तान्या जैन नाम की एक स्टूडेंट कनाडा से लौटते वक्त अबूधाबी एयरपोर्ट पर फंस गई हैं. तीनों छात्र मोबाइल के जरिए अपने परिजनों के संपर्क में हैं.
मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों में मजदूरी के लिए गए मिर्जापुर के लगभग 50 लोग भी अलग-अलग देशों में फंसे हुए हैं. इनमें से ज्यादातर यूएई, इजरायल और सऊदी अरब में काम कर रहे हैं. इनके परिवार वाले इनसे संपर्क बनाए हुए हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.
यूपी के सिद्धार्थनगर जिले का एक नौजवान इजरायल में फंस गया है. वह लगभग डेढ़ साल पहले सुपरवाइजर की नौकरी के लिए इजरायल गया था. उसने वहां से बंकर का वीडियो बना कर भेजा है, जिसमें उसे रखा गया है. ईरान-इजरायल युद्ध के चलते बिहार के सहरसा के रहने वाले केशव कतर की राजधानी दोहा में फंसे हुए हैं. केशव कतर एयरवेज में इंजीनियर हैं. उनके परिजनों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है. सहरसा के ही रहने वाले आईटी इंजीनियर अमित चौहान भी कतर में फंसे हुए हैं. उनके घरवालों ने भी इंडिया टुडे से बातचीत में उनकी सकुशल वापसी की मांग की है.
गुजरात के आणंद की एक महिला की कुवैत एयरपोर्ट पर फंसे होने की खबर है. 63 वर्षीय गीताबेन ने अहमदाबाद से कुवैत एयरलाइंस की फ्लाइट पकड़ी. उन्हें कुवैत होते हुए अमेरिका जाना था. लेकिन जैसे ही फ्लाइट कुवैत पहुंची, मिडिल ईस्ट के बिगड़ते हालात के चलते उनके रूट पर नो फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया.
उत्तर प्रदेश के झांसी से मौलवी की पढ़ाई करने गए ईरान गए एक युवक के वहां फंसे होने की जानकारी है. युवक के परिवार का संपर्क उससे टूट गया है. उसके परिजनों ने केंद्र सरकार से उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की अपील की है.
मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के चलते ईरान समेत यूएई, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, बहरीन और जॉर्डन जैसे देशों में पढ़ाई के लिए गए छात्र, नौकरी कर रहे भारतीय और रमजान के महीने में उमरा के लिए गए लोग बड़ी संख्या में फंसे हुए हैं. ये लोग भारत लौटना चाहते हैं. लेकिन एयरस्पेस बंद होने के चलते मौजूदा हालात में इनकी सीधी मदद कर पाना सरकार के लिए मुश्किल साबित हो रहा है.
भारत सरकार ने इन देशों में मौजूद सभी भारतीयों को एम्बेसी के संपर्क में रहने के लिए कहा है.
वीडियो: दुनियादारी: क्या इजरायल ईरान पर हमला कर देगा?

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