पुलिसकर्मी की पत्नी को बंगले पर बुलाने का आरोप, सीनियर IPS अधिकारी सस्पेंड
Chhattisgarh IPS officer suspended: छत्तीसगढ़ में एक सीनियर IPS अधिकारी को कथित यौन उत्पीड़न के मामले में सस्पेंड कर दिया गया. आरोप है उन्होंने एक पुलिस अधिकारी की पत्नी को 'शारीरिक, मानसिक और आर्थिक' रूप से परेशान किया.

छत्तीसगढ़ में एक सीनियर IPS अधिकारी को कथित यौन उत्पीड़न के मामले में सस्पेंड कर दिया गया. अधिकारी का नाम है रतन लाल डांगी. आरोप है कि उन्होंने एक पुलिस अधिकारी की पत्नी को 'शारीरिक, मानसिक और आर्थिक' रूप से परेशान किया. महिला ने कुछ महीने पहले उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. जिसके बाद विभागीय जांच हुई और अब उन्हें पद से हटा दिया गया है.
5 महीने पहले सरकार ने रतन लाल डांगी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद से भी हटा दिया था. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस अधिकारी की पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि साल 2017 में रतन लाल डांगी से उनकी मुलाकात कोरबा में हुई थी. तब आरोपी IPS अधिकारी SP थे.
दंतेवाड़ा में पदस्थापना के दौरान वे उन्हें वीडियो कॉल पर योग सिखाती थीं. बाद में राजनांदगांव और सरगुजा में IG बनने के बाद डांगी ने कथित तौर पर उन्हें परेशान करना शुरू किया. पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया कि वो उन्हें पत्नी की गैरमौजूदगी में बंगले में बुलाते थे. ना आने पर पति के ट्रांसफर की धमकी देते थे. महिला ने ये भी दावा किया कि उसके पास कई डिजिटल एविडेंस हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जब मामला सामने आया, तो अधिकारी ने इन सभी से इनकार किया. उन्होंने दावा किया कि ब्लैकमेल उन्हें किया जा रहा था. उन्होंने बताया,
"काफी समय से वह मुझे परेशान कर रही है और मुझसे पैसे ऐंठ रही है. वो मुझे ब्लैकमेल कर रही है. उसकी वजह से मेरा परिवार मानसिक तनाव में है. मैं लगभग तीन साल से पुलिस अकादमी में तैनात हूं, जहां मेरे पास तबादले करने का कोई अधिकार नहीं है. अगर मैं उसे परेशान कर रहा होता, तो उसने पहले मेरे खिलाफ शिकायत क्यों नहीं की? अब क्यों?"
जब अधिकारी पर आरोप लगे, तब वे रायपुर के चंद्रखुरी में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस एकेडमी के डायरेक्टर के पद पर थे. मगर अब सस्पेंशन ड्यूरेशन के दौरान वे नया रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में रहेंगे. निर्वाह भत्ते के हकदार होंगे. लेकिन बिना अनुमति के हेडक्वार्टर नहीं छोड़ सकेंगे.
रिपोर्ट के मुताबिक, डांगी के खिलाफ निलंबन आदेश में कहा गया है कि पुलिस विभाग में एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपने पद के अनुरूप व्यवहार नहीं किया. अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और स्थापित मानदंडों का उल्लंघन किया. उन्होंने पहली नजर में अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 की अवहेलना की.
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